शनिवार, 16 दिसंबर 2017

बकरी दूध से फायदे Goat Milk Benefits in Hindi

बकरी दूध से फायदे Goat Milk Benefits in Hindi

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बकरी दूध में छिपा है स्वास्थ्य का राज / पौष्टिक बकरी दूध / Bakri Doodh Se Fayde Hindi, Goat Milk
Benefits Goat Milk, Goat Milk in Hindi / बकरी दूध स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है। स्वादिष्ट पौष्टिक बकरी दूध डेंगू चिकनगुनिया बुखार वायरल इलाज में अचूक औषधि से लेकर विभिन्न तरह के रोगों को जड़ से मिटाने में सहायक है। बकरी दूध किसी औषधि से कम नही है। बकरी दूध मां के दूध की तरह पोष्टिकता से भरपूर है।
अकसर बकरियां जंगलों में विभिन्न तरह के औषधियां युक्त पौधों पत्तियों वनस्पतियों को खाती है। जिनसे बकरी दूध सुगन्धित औषधि रूप बन जाता है। इसलिए बकरी दूध में विशेष गंध आती है। बकरी दूध में पाये जाने वाले विभिन्न औषधीय गुणों के कारण बकरी दूध दवाईयों, पेय पदार्थ, हेल्थ बूस्टर चीजें तैयार करने में इस्तेमाल किया जाता है।

बकरी दूध स्वास्थ्य के लिए क्यों अच्छा और महंगा है / Why is Goat Milk Better For You
रोग संक्रमण बीमारियों के दौरान बकरी शुद्ध दूध / Raw Goat Milk की कीमत हजारों रूपये प्रति लीटर तक हो जाती है। जंगलों में अपने मनपसंद वनस्पति, फूल, पत्तियां, पौधें आहार रूप में खाने वाली बकरी दूध किसी अमृत औषधि से कम नही है। पर्वतीय क्षेत्रों की बकरी दूध की मांग विश्व भर में बहुत तेजी से हो रही है। Natural Goat Milk स्वास्थ्य के पोष्टिकता से भरपूर खजाना है। इसी लिए Pure Goat Milk काफी महंगे दामों में मिलता है।

बकरी दूध में मौजूद पोषक तत्व / Goat Milk Nutrition Facts 
बकरी दूध में सेलेनियम, कैल्शियम, फैटी एसिड, क्लोरायड, विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन बी 6, विटामिन बी 12, विटामिन ओ, प्रोटीन, पोटेशियम, मैग्रीशियम, फोस्फोरस, आयरन, काॅपर, जिंक, फोलेट, फोलिक एसिड, एमीनो ट्रिप्टफ़ान, लैक्टोज मिनरलस पोषक तत्व पायें जाते हैं।
बकरी दूध शरीर को जरूरी पौषक तत्वों की पूर्ति करने के साथ-साथ विभिन्न तरह के रोगों विकारों को दूर करने में सहायक है। बकरी दूध सेवन रिच न्यूट्रिशन और इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने का अच्छा स्रोत है।

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बकरी दूध से फायदे / Goat Milk Benefits in Hindi


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाए / Goat Milk, Boost Immune System
बकरी दूध में सेलेनियम, कैल्शियम रिच मात्रा में मौंजूद है। जोकि शरीर को संक्रमण, वायरल, बीमारियों से बचाने में सहायक है। बकरी दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम है।

शरीर रखे चुस्त फर्तीला / Goat Milk Healthy Care
बकरी दूध, कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन बी, फाॅस्फोरस, आयरन, पोटेशियम मिनरलस तत्वों का मिश्रण है। जोकि शरीर को चुस्त फुर्तीला रखने में सहायक है। और शरीर अंग स्वस्थ सुचारू कार्यरत रहते हैं।

डेंगू बुखार में बकरी दूध / Goat Milk for Dengue
खतरनाक डेंगू बुखार में प्लेट्स गिरावट को तेजी से सुधारने में बकरी दूध और पपीता अचूक औषधि रूप है। बकरी दूध डेंगू मरीज के लिए रामवाण दवा है। बकरी दूध सेलेनियम माइक्रोन्यूटरिएंट युक्त तत्वों से भरपूर है।

हड्यिां मजबूत बनाए / Milk for Strong Bones
बकरी दूध में कैल्शियम, एमीनो ट्रिप्टफ़ान, प्रोटीन, सेलेनियम, मैग्रीशियम, फोस्फोरस एक साफ मौजूद हैं। जोकि शरीर हड्यिों को मजबूत बनाने और हड्यिों के दर्द विकारों में मिटाने में सहायक है।

शरीर से दर्द सूजन मिटाये बकरी दूध / Natural Remedies for Bone and Joint Pain
शरीर में जोड़ों, अंगों में सूजन दर्द रहने पर बकरी दूध पीना फायदेमंद है। और बकरी के कच्चे दूध से ग्रसित अंगों पर मालिश करें।

हृदय रखे स्वस्थ / Boost Heart Health
बकरी दूध हृदय धमनियों को सुचारू स्वस्थ रखने में सहायक है। बकरी दूर बैड कोलेस्ट्राॅल घटाने में सहायक है। और अच्छे कोलेस्ट्राॅल का निर्माण करता है।

मस्तिष्क रखे स्वस्थ / Milk Good for Brain
बकरी दूध मस्तिष्क तंतुकाओं में बेलेंस बनाने और सुचारू रखने में सहायक है। बकरी दूध में पोटेशियम रिच मात्रा में मौजूद है। जोकि ब्लप्रेशर स्तर नियंत्रण में रखता है। और ब्रेन स्ट्राॅक रोकने में सहायक है।

बच्चों के लिए रिच पोषण / Goat Milk, Nutrients For Growing Children
बकरी दूध बच्चे के लिए मां के दूध की तरह पौष्टिकता से भरपूर खजाना है। बकरी दूध में मां के दूध की तरह सम्पूर्ण पोषक तत्व मौजूद हैं। जोकि बच्चों की शरीरिक और मस्तिष्क ग्रोथ बढ़ाने का अच्छा माध्यम है।

पाचन शक्ति बढ़ाये / Improve Your Digestion Naturally
बकरी दूध जाइजेशन आसानी से हो जाता है। बकरी दूध लैक्टोज, फैटी एसिड, कैल्शियम मिनरलस तत्वों से भरपूर है। जोकि पेट पाचन के अच्छा है।

जोड़ों घुटनो के दर्द में बकरी दूध / Good for Rheumatoid Arthritis
घुटनों जोड़ों के दर्द में बकरी दूध पीयें। और बकरी दूध में लहसुन रस मिलाकर दर्द वाले अंगों पर खूब मालिस करें। बकरी दूध लहसुन रस मालिस जोड़ों घुटनों के दर्द से आराम दिलाने में सहायक है।

एड्स संक्रमण रिस्क घटाये / Prevention of HIV Transmission
एच.आई.वी. पीड़ित व्यक्ति के लिए बकरी दूध खास फायदेमंद है। एड्स में बकरी दूध सी.डी. काउन्टस मात्रा को मजबूत करता है। जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहती है। जोकि एच.आई.वी. मरीज को काफी हद तक स्वस्थ रखने में सहायक है।

त्वचा रखे निरोग सुन्दर / Goat Milk for Skin
बकरी दूध पीना और त्वचा पर मालिस करना दोनो तरह से फायदेमंद है। बकरी दूध पी.एच. स्तर अधिक मात्रा में होता है। जोकि त्वचा से दाग, झुर्रियां, कालापन मिटाने में सहायक है।

बालों के लिए रिच पोषण / Goat Milk Benefits for Hair
बकरी दूध में फाॅस्फोरस, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, जिंक, विटामिन कम्पलैक्स भरपूर मात्रा में मौजूद है। बकरी दूध बालों के टूटने, झड़ने से बचाने में सहायक है। बालों के लिए बकरी दूध रिच पोषण स्रोत है। बकरी दूध बालों पर लगाना और पीना दोनो तरह से फायदेमंद है।

कैंसर में बकरी दूध / Goat Milk Benefits for Cancer
बकरी दूध कैंसर मरीज के खास फायदेमंद है। बकरी दूध कैंसर डेमेज सेल्स को दोबारा सक्रीय करता है। नये रक्त सेल्स का निर्माण करता है। बकरी दूध में रेबोफिलेविन - विटामिन बी कम्पलैक्स, मैग्नीशियम, जिंक आदि कैंसर रोधी तत्व मौजूद हैं। कैंसर पीड्ति व्यक्ति बकरी दूध में चुटकी भर कलौंजी पाउडर मिलाकर सेवन करें।

योन शक्ति बढ़ाये / Increase Libido, Increase Sexual Stamina
बकरी दूध में 5-6 खजूर रातभर भिगो कर रखें। सुबह खजूर दूध सेवन करने से लिविडो पावर बढ़ती है। सेक्सुअल पाॅवर बढ़ाने का बकरी दूध खजूर सेवन अच्छा माध्यम है।
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फैटी लिवर कारण लक्षण और उपचार...more

मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

बहुउपयोगी अजवाइन जीरा पानी Ajwain Jeera Water Benefits in Hindi

बहुउपयोगी अजवाइन जीरा पानी Ajwain Jeera Water Benefits in Hindi

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Ajwain Jeera Water Benefits / अजवाइन जीरा पानी आर्युवेद में खास औषधि रूप है। अजवाइन जीरा पानी मोटापा वैली फैट, गैस कब्ज एसिडिटी, अपचन, काॅलेस्ट्राॅल, हाईब्डप्रेशर, वहिकाओं में रूकावट, रक्त खराब जैसे कई गम्भीर बीमारियों वायरस संक्रमण विकारों को दूर करने में खास फायदेमंद है। और अजवाइन जीरा पानी इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने का अच्छा माध्यम है।

अजवाइन जीरा पानी तैयार कैसे करें / Ajwain Jeera Drink Recipe
सामग्री
1 चम्मच अजवाइन
1 चम्मच जीरा
1 गिलास सादा पानी

विधि: अजवाइन जीरा को हल्की आंच में उबालें। उबलने पर छानकर पीने योग्य गुनगुना ठंड़ा होने दें। फिर पानी की तरह पीयें। बचा हुआ अजवाइन जीरा नहीं खायें। बचा हुआ जीरा अजवाइन बारीक पीसकर स्वादिष्ट सब्जी तैयार करने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें...more



जीरा अजवान पानी पीने से खास फायदे / Ajwain Jeera Water Benefits in Hindi, Ajwain Jeera Paani Peene Ke Fayde

1. Jeera, Ajwain Water for Weight Loss / जीरा अजवाइन पानी वैली फैट, मोटापा, वजन घटाने में जादुई असर करता है।

2.  Ways to Boost Your Fertility / स्त्रियों के शरीर को सुड़ोल सुन्दर बनाने और फर्टिलिटी बढ़ाने में अजवाइन जीरा पानी पीना फायेमंद है।

3.  Good for Stomach / जीरा अजवाइन पानी गैस, कब्ज, एसिडिटी, अपचन समस्यों को मिटाने का अच्छा माध्यम है।

4.  Bad Cholesterol Reduce / बैड काॅलेस्ट्राॅल को घटाने में जीरा अजवाइन पानी पीना फायदेमंद है।

5.  Good for Heart / अजवाइन जीरा पानी पीने से हार्ट अटैक की सम्भावनाएं नहीं रहती है।

6.  Natural Remedy To Clear Blocked Arteries / रक्त वहिकाओं में ब्लाॅकेज, रक्त अवरूद्धता, खराब रक्त को साफ, वहिकाओं को स्वस्थ दुरूस्त करने में अजवाइन जीरा पानी पीना फायदेमंद है।

7.  Better Digestive Health / भूख नहीं लगना, अपचन समस्याओं में जीरा अजवाइन पानी कारगर औषधि रूप है।

8.  Natural Remedies for Stomach Ulcers / पेट अल्सर में अजवाइन जीरा पानी पीना फायदेमंद है।

9.  Natural Remedies for Eyesight / आंखों में जलन, मोतियाबिन्दु जैसी समस्या में अजवाइन जीरा पानी पीना फायदेमंद है।

10.  Build Healthy Bones, Teeth / अजवाइन जीरा पानी दांत मसूड़ों, हड्डियां को मजबूत बनती है। जिम, ज्यादा वर्कआउट करने वालें युवाओं के लिए अजवाइन जीरा पानी पीना फायदेमंद है।

11.  Natural Insulin Booster / डायबिटीज मरीज के लिए अजवाइन जीरा पानी खास फायदमेंद है। जीरा अजवाइन पानी एक तरह से प्राकृतिक इंसुलिन का काम करती है। शर्करा लेवल नियंत्रण में रखती है।

12.  Get Rid of Intoxication, Nasha Mukti  / धूम्रपान, शराब, तम्बाकू, गुटका आदि नशीले चीजें छुडवाने में जीरा अजवान पानी पीना खास फायदेमंद है।

13.  Homemade Remedies for Dysentery / बचा छाना हुआ जीरा बारीक पीसकर पेचिंस, दस्त मरीज को दही के साथ दें। यह पेचिंस, दस्त रोकने में सहायक है।

जीरा अजवाइन पानी पीने में सावधानियां / Ajwain Jeera Water Side Effects in Hindi
1. दवाईयां खाने से 2 घण्टे पहले ही जीरा अजवाइन पानी लें। दवाईयों के साथ अजवाइन जीरा पानी पीना मना है।
2. खाने के साथ जीरा अजवान पानी सेवन मना है। खाने से 2 घण्टे पहले जीरा अजवान पानी पीयें।
3. सुबह खाली पेट 1 गिलास जीरा पानी पीयें।
4. पूरे दिन में 1 गिलास आधा-आधा कर पीयें।
5. जीरा पानी पीने के 1 घण्टे बाद चाय, काॅफी पीयें।
6. पानी छानकर बचा हुआ जीरा अजवाइन चबाकर खाने से पेट दर्द, पेट सूख सकता है।
7. बचा हुआ जीरा अजवाइन पाईल्स मरीज नहीं खायें।
8. बचा हुआ अजवाइन जीरा बारीक पीसकर सब्जी में इस्तेमाल कर सकते हैं।
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पैरों जूतों की बदबू कैसे हटायें...more

रविवार, 10 दिसंबर 2017

अजवान और जीरा पानी घटाये तौंद मोटापा Ajwain and Jeera Water for Weight Loss in Hindi

अजवान और जीरा पानी घटाये तौंद मोटापा Ajwain and Jeera Water for Weight Loss in Hindi

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अजवान और  जीरा पानी तौंद मोटापा वजन तेजी से घटाये / Ajwain and Jeera Water for Weight Loss
मोटापा, वजन, वैली फैट, कब्ज, गैस, एसिडिटी से परेशान हैं, तो एक बार यह खास औषधि पेय अजमाकर अवश्य देखें। जीरा अजवान पानी शरीर पर जादुई असर करता है। जोकि मोटापा, वजन, वैली फैट घटाने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों को जड़ से मिटाने में सहायक है।
अजवाइन - जीरा पानी रोज सुबह खाली पेट पीयें। मात्र 20-25 दिन पीने पर ही असर दिखने लगते हैं। जीरा अजवाइन पानी सेवन से पहले शरीर का वजन कर लें। फिर 20-25 दिनों बाद दोबारा वजन करें। अन्तर खुद साफ हो जायेगा। अजवाइन जीरा पानी लगातार 2-3 महीने पीने से शरीर पहले जैसा दुबला पतला करने में सहायक है। तेजी से मोटापा वजन घटाने में अजवाइन और जीरा मिश्रण पानी सेवन Weight Loss Drink अचूक औषधि रूप है।

मोटापा वजन घटाने के 50 उपाय...more


अजवाइन और जीरा पानी मोटापा, वजन, तौंद घटाने में अचूक औषधि / Ajwain or Jeera Water for Weight Loss in Hindi


विधि / Ajwain, Jeera Water Recipes
1 चम्मच जीरा / Jeera,  Cumin
1 चम्मच अजवाइन / Ajwain, Carom
1 गिलास पानी / Water
अजवान और जीरा को रात 1 गिलास सादे पानी में भिगो कर रख दें। सुबह उठकर हल्की आंच में उबाले। फिर उबला छना पानी पीने योग्य गुनगुना (Lukewarm) होने पर पीयें। अजवाइन जीरा को चबायें नहीं। केवल पानी छानकर पीयें। अजवाइन जीरा पानी पीने के 1 घण्टे बाद ही चाय, काॅफी आदि पीयें। जल्दी फायदे के लिए जीरा अजवाइन पानी दिन के खाने से 1 घण्टे पहले भी पी सकते हैं। अजवाइन जीरा पानी Fast Weight Loss Drink खास औषधि रूप है।

जीरा अजवाइन पानी औषधि लेने के साथ तलीभुनी चीजें, जंकफूड़, फास्टफूड्स, शराब, बीयर, आलू, चावल (Fried Oily Foods, Junk Foods, Fast foods, Alcohol, Beer, Soda Drink, Potatoes, Rice) अधिक मीठी चीजें छोड़ दें। सुबह शाम सैर, योगा, व्यायाम, वर्कआउट करें। भोजन सीमित मात्रा में खायें। भूख से 20 प्रतिशत तक कम खायें। रात्रि भोजन लाईट लें। हरी सब्जियां, फल, फल रस, संतुलित आहार डाईट में शामिल करें।

प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक...more

मंगलवार, 5 दिसंबर 2017

सर्दियों में मोटापा बढ़ने के कारण Causes of Weight Gain in Winter in Hindi

सर्दियों में मोटापा बढ़ने के कारण Causes of Weight Gain in Winter in Hindi

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सर्दियों में वजन मोटापा क्यों बढ़ता है। और वजन मोटापा बढ़ने से होने वाली बीमारियां / AVOID WINTER WEIGHT GAIN, WINTER WEIGHT LOSS
सर्दी मौसम हेल्थ के खास माना जाता है। सर्दी मौसम में डाईट गर्मी मौसम से कही ज्यादा बढ़ जाती है। और साथ में व्यक्ति कुछ आलस्य सा होने लगता है। जैसेकि सैर, व्यायाम, योगा वर्कआउट दिनचर्या पर ध्यान नहीं देना। जिनके वजह से खास कर सर्दी मौसम में शरीर का वजन मोटापा बढने लगता है। सर्दियों में मोटापा वजन पर नियंत्रण रखना जरूरी है। सर्दी मौसम में डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, यूरिक एसिड़, मोटापा होने की समस्याएं बढ़ जाती हैं। सर्दी मौसम में स्वस्थ और फिर रहने के लिए खानपान दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। शोध अनुसार अधिकत्तर आंतरिक बीमारियां सर्दियों में ही पनपती लगती हैं। जिनके दुष्प्रभाव व्यक्ति को बाद में सर्दी खत्म होने पर लक्षणों के रूप में पहचान में आते हैं।

स्वास्थ्यवर्धक अंकुरित काले चने...more

सर्दियों में वजन बढ़ने के कारण Weight Gain Causes in Winter 

शराब, बीयर सेवन से बचें/ Avoid Alcohol
सर्दी मौसम में कई लोग शराब, बीयर पीना पसंद करते हैं। शराब बीयर एल्कोहल में कार्बोहाईड्रट, शर्करा, कैलोरी की मात्रा शरीर में ज्यादा बढ़ा देती है। जिससे वजन, मोटापा, बेली फैट होता है। शराब बीयर एल्कोहल सेवन से बचें। सर्दी मौसम में एल्कोहल लेने से वजन मोटापा बढ़ने के साथ अन्य यूरिक एसिड, ब्लडप्रेशर, वैली फैट, डायबिटीज, मोटापा, वजन, तौंद बढ़ने की समस्याएं होने लगती है।

फैटी फूड्स अधिक खाने से बचें / Unhealthy Foods to Avoid

सर्दी मौसम में अधिक प्रोटीन वसा युक्त खाने से बचें। जिनमें तली चीजें, फास्टफूड, लाल मीट, अण्डा, मछली, घी, पनीर, मक्खन, मूंगफली शामिल हैं। सर्दी मौसम में अधिक प्रोटीन वसा युक्त चीजें मोटापा वजन बढ़ाने के साथ अन्य रूप से किड़नी, लिवर, फेफड़ों पर दुष्प्रभाव डालती हैं।

कैलोरी पर ध्यान दें / Calories Diet, Balanced Diet

सर्दी मौसम में जल्दी पाचन वाले खाद्य पेय सामग्री डाईट में शामिल करें। फल, फलों का रस, हरी सब्जियां, फाइबर युक्त अनाज शामिल हैं। अकसर सर्दी मौसम में भूख अधिक बढ़ जाती है। और ज्यादा खाने से स्वास्थ्य पर विभिन्न तरह के दुष्प्रभाव पड़ते हैं।

व्यायाम - वर्कआउट 
पर ध्यान दें / Exercises, Workout Routines
सर्दियों में व्यक्ति अकसर आलस्य करने लगता है। सैर, व्यायाम, वर्कआउट दिनचर्या पर ध्यान नहीं दे पाता। जिसकी वजन से मोटापा तौंद वजन बढ़ना एक मुख्य कारण है। सर्दी मौसम में तेज-तेज सैर, रस्सीकूद, व्यायाम, वर्कआउट करें। शरीर को चुस्त फुर्तीला रखें। आलस्य होने से बचें।

सर्दियों में डाईट नियंत्रण में रखें / Balanced Diet in Winter

सर्दी मौसम में डाईजेशन पावर अधिक होती है। बार बार भूख लगना और व्यक्ति जोकि कुछ भी खाता पीता है वह आसानी से पाचन हो जाता है। सर्दी मौसम में अधिक खाने से बचें। भूख से 20 प्रतिशत तक कम खायें। डाईट पर नियंत्रण रखें। अकसर सर्दी मौसम में अधिक मात्रा में खाना मोटापा वजन वजन वैली फैट का एक मुख्य कारण है।
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रविवार, 3 दिसंबर 2017

सर्दी मौसम में पसीना बहायें Winter Sweating Importance in Hindi

सर्दी मौसम में पसीना बहायें Winter Sweating Importance in Hindi

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सर्दी मौसम में पसीना बहाना क्यों जरूरी है /WINTER SEASON, HEALTH BENEFITS OF SWEATING 
(Winter Health) सर्दी मौसम में पाचन क्रिया अधिक सक्रीय हो जाती है। अकसर व्यक्ति जो कुछ भी खाता पीता है, वह आसानी से पाचन जाती हैं। परन्तु सर्दी मौंसम में हेल्दी डाईट के साथ पसीना बहाने के लिए तेज-तेज चलकर सैर करना, व्यायाम, दौड़भाग, रस्सीकूद, खेलकूद, वर्कआउट करना अति आवश्यक है। शोध अनुसार अधिकत्तर बीमारियां शरीर में सर्दियों के मौसम में ही पनपना शुरू हो जाते हैं। जिनका आभास व्यक्ति को बाद में रागों के लक्षणों के रूप में होता है। सर्दी मौसम में Winter Sweat Out करना जरूरी है।

सर्दी मौसम में रोग कैसे पनपने हैं / Winter Diseases
अकसर सर्दी मौसम में व्यक्ति आलस्य सा हो जाता है। खानपान दिनचर्या पर ध्यान ही नहीं दे पाता। जिससे शरीर में रक्त वहिकाएं अवरूद्ध शुरू होना, हाई ब्लप्रेशर, कोलेस्ट्राॅल बढ़ना, रक्त संचार में रूकावट, हार्मोंस बदलाव और दूषित पदार्थ, विषाक्त जमा होने लगते हैं। जिनके दुष्प्रभाव से यूरिक एसिड, हृदय घात, किड़नी स्टोन, फैटी लिवर, डायबिटीज, साइनस, ब्रेन स्ट्राॅक, गठिया, जोड़ों का दर्द, साइटिका, शरीर में झनझनाहट जैसे विभिन्न रोग शरीर में पनपने लगते हैं।

पसीना बहाने से फायदे ...more


सर्दियों में पसीना बहाना से फायदे / Winter Sweat Out Benefits in Hindi / Sweating is Good for Health
गर्मियों की तरह Winter Season में भी पसीना बहायें। तेज-तेज सैर, दौड़भाग, रस्सीकूद, वर्कआउट, खेलकूद कर खूब पसीना बहायें। अकसर सर्दी मौसम में पसीना नहीं बहने और शरीर आलस्य होने से कई बीमारियां शरीर में पनपने लगती हैं। जोकि डायबिटीज, हृदय घात, ब्रेन स्ट्राॅक, फैटी लिवर, त्वचा रोग, किड़नी स्टोन, यूरिक एसिड, साइटिका, झनझनाहट, गठिया, जोड़ों के दर्द, मोटापा, होर्मोंस बदलाव, तौंद बढ़ने, हाईब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्राॅल बढ़ने के रूप में होते हैं। पसीना बहाने से शरीर से sweat toxins / दूषित कण विषाक्त पसीने के माध्यम से त्वचा रोमछिद्रों से बाहर निकल आते हैं।

गर्म पानी पीने के फायदे...more

शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

शहद और हल्दी अमृत औषधि Honey with Turmeric Benefits in Hindi

शहद और हल्दी अमृत औषधि Honey with Turmeric Benefits in Hindi

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शहद और हल्दी मिश्रण खाने के आश्चर्यजनक फायदे / BENEFIT OF HONEY AND TURMERIC IN HINDI

(Turmeric with Honey Benefits, Turmeric Honey in Hindi) शहद और हल्दी अलग-अलग अपने आप में एक महा औषधि रूप है। परन्तु हल्दी शहद मिलाकर सेवन करना खाय फायदेमंद है। जोकि विभिन्न तरह के रोगों संक्रमण विकारों में अमृत औषधि की तरह है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें ...more


हल्दी शहद में मिलाकर खाने के जबरदस्त फायदे / Honey and Turmeric Benefits / Fight Illness with Honey and Turmeric


मोटापा, वजन घटाये / Honey and Turmeric for Weight Loss
जो लोग वजन मोटापा घटा रहे हैं, उनकि के लिए हल्दी शहद मिश्रण खास फायदेमंद है। शहद रिच एन्टीआॅक्सीडेंट है। और हल्दी रिच करक्यूमिन स्रोत है। हल्दी शहद मिश्रण शरीर से फैट कम करने और एक्स्ट्रा कैलौरी बर्न करने में सहायक है।

गठिया जोड़ों के दर्द निवारण / Turmeric and Honey Treatment for Joint Pain
गठिया, शरीर अंगों में दर्द सूजन विकारों में हल्दी शहद मिश्रण खास फायदेमंद है। हल्दी शहद रिच इंफ्लेमेंटरी स्रोत है। हल्दी शहद दर्द सूजन ठीक करने के साथ साथ एक तरह से नेचुरल पेन किलर भी है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाये / Turmeric and Honey, Boost Your Immune System
हल्दी शहद रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा स्रोत है। हल्दी शहद खाने से संक्रमण वायरल, फ्लू विभिन्न तरह के रोग विकार दूर रहते हैं। शरीर को स्वस्थ्य रोगमुक्त रखने में हल्दी शहद सहायक है।

कैंसर निवारण औषधि / Turmeric Honey, Cancer Fighting
हल्दी शहद फ्लेवोनाइड्स का रिच स्रोत है। विभिन्न तरह के कैंसरों में हल्दी शहद खास फायदेमंद है। सप्ताह में 1-2 बार हल्दी शहद मिश्रण खाने से कैंसर होने की सम्भावनाएं नहीं रहती है।

संक्रमण वायरल मिटाये / Honey Turmeric, Natural Anti Virals, Anti Pathogens, Anti Bacterials
हल्दी शहद रिच एंटी बैक्टीरियल है। जोकि बैक्टीरिया, त्वचा एलर्जी, त्वचा रोगों से दूर करने में सक्षम है। हल्दी शहद सेवन त्वचा को चमकदार, मुलायम और दागमुक्त रखने में सहायक है।

घाव सड़न तुरन्त ठीक करे / Wound Infection Antibiotics
अधिकत्तर शरीर अंग सड़न मामलों में डाॅक्टर अंग काटते हैं। जैसे कि पैर, हाथ,  उगंलियां सड़ने पर, अंग संडन संक्रमण आदि गंभीर समस्याओं में। परन्तु कच्ची हल्दी और शहद लेप मालिस सड़न अंगों को दोबारा से जान डालने में खास सहायक है।
शरीर अंगों में चोट, घाव, पस, फोड़ा, सड़न मामलों कच्ची हल्दी और शहद पेस्ट लगायें। यह प्राचीन खास प्रसिद्ध औषधि है। जोकि दोबारा से मरे अंगों की कोशिकाओं को रक्त संचार कर जीवित कर देती है।

हार्ट मरीज के अचूक औषधि / Natural Remedies for Heartburn
हल्दी शहद बैड कोलेस्ट्राॅल लेवल घटाने और अच्छे कोलेस्ट्राॅल लेवल बढ़ाने और हृदय घात से बचाने में सहायक है। हृदय से सम्बन्धित बीमारियों को दूर रखने में शहद हल्दी सेवन फायदेमंद है।

उच्च रक्तचाप घटाये / Turmeric And Honey Mixture, High Blood Pressure Remedies
लगातार ब्लडप्रेशर की समस्या रहने पर एक सप्ताह सुबह शाम शहद हल्दी अजमा कर अवश्य देखें। हल्दी शहद उच्चरक्तचाप शीघ्र नियंत्रण करने में सहायक है। हल्दी शहद नेचुरल रिच पोटेशियम का स्रोत है। जोकि ब्रेन स्ट्राॅक और हार्ट अटैक के रिस्क को घटाने में सहायक है।

फैटी लिवर घटाये / Turmeric Honey, Fatty Liver Remedies
फैटी लिवर बढ़ने पर रोज सुबह शाम हल्दी शहद सेवन करना फायदेमंद है। लिवर सूजन, दर्द, संक्रमण को तेजी से घटाने में शहद कच्ची हल्दी मिश्रण सेवन करना सहायक है।

पाचन शक्ति बढ़ाये / Turmeric Honey, Good for Digestion
अपचन, गैस, कब्ज, एसिडिटी समस्याओं से बचाने में शहद हल्दी मिश्रण सेवन फायदेमंद है। हल्दी शहद फाइबर पोषक तत्वों का रिच स्रोत है।

दांतों के लिए बरदान / Haldi Shahad, Teeth Care Home Remedies
दांतों मसूड़ों में दर्द, पायरिया, अन्य विभिन्न तरह के दांतों की समस्या में हल्दी शहद मिश्रण खाना और लगाना फायदेमंद है। शहद हल्दी रिच फास्फोरस का स्रोत है।

चोट घाव में नेचुरल औषधि / Wounds, Infection, Natural Home Remedies
शरीर में अंदुरूनी चोट, घाव लगने पर 1 गिलास दूध हल्दी पाउडर, शहद मिलाकर सेवन करने से चोट, घाव जल्दी ठीक होते हैं। हल्दी शहद दूध मिश्रण अंदुरूनी चोट घाव दर्द सूजन संक्रमण - विकराल होने से बचाने और जल्दी ठीक करने में सक्षम है।

अस्थमा मिटाये / Asthma Attack Home Remedies
अस्थमा, सांस सम्बन्धित समस्याओं को दूर करने के लिए हल्दी शहद मिश्रण सेवन करना फायदेमंद है। शहद हल्दी फेफड़ों को साफ स्वस्थ रखने में सहायक है।

सर्दी जुकाम ठीक करे / Home Remedies for Common Cold and Cough
सर्दी जुकाम खांसी होने पर शहद, हल्दी, अदरक मिश्रण का सेवन करने से जल्दी फायदा होता है। शहद हल्दी अदरक मिश्रण सर्दी जुकाम खांसी की अचूक घरेलू दवा है।

मधुमेह से बचाये / Honey and Turmeric, Diabetes Prevention
शहद हल्दी सेवन सप्ताह में 1 बार करने पर डायबिटीज की सम्भावनाएं नहीं रहती। शहद हल्दी डायबिटीज से दूर रखने में सहायक है।

हल्दी शहद सेवन विधि और सावधानियां / Honey and Turmeric Side Effects in Hindi / Haldi Shahad ke Nuksan, Sawdhaniya

1. चुटकी भर हल्दी को 1 चम्मच शहद के साथ अच्छे से मिलायें फिर खायें।

2. या फिर चुटकीभर हल्दी, 1 चम्मच शहद को दूध के साथ मिलाकर सेवन करें।

3. हल्दी पाउडर से अधिक फायदेमंद कच्ची हल्दी है। कच्ची हल्दी की 5-6 बूंदें इस्तेमाल करें।

4. संक्रमण, वायरल, फ्लू, जुकाम, खांसी में हल्दी शहद सेवन के तुरन्त बाद पानी नहीं पीयें।

5. पूरे दिन (सुबह शाम)1-1 चम्मच शहद और चुटकी भर हल्दी पाउडर मिश्रण ही सेवन करें। जल्दी फायदे के लिए बार-बार नहीं खायें।

6. गर्मी मौंसम में शहद आधा चम्मच और हल्दी लगभग चुटकीभर मिश्रण ही सेवन करें। हल्दी शहद सेवन बाॅडी को अन्दर से हीट करती है।

7. ज्यादा मात्रा में हल्दी शहद खाने से पेट में गर्मी, जलन, दर्द समस्याएं हो सकती हैं।

9. गर्भवती महिलाएं हल्दी शहद मिश्रण सेवन से परहेज करें। शहद हल्दी मिश्रण बाॅडी हीट करती है। शहद हल्दी अधिक सेवन गर्भपात करा सकती है।

9. डायबिटीज मरीज शहद हल्दी खाने से परहेज करें। शहद शर्करा लेवल बढ़ा सकता है। डायबिटीज मरीज के लिए कच्ची हल्दी रस खास फायदेमंद है।

10. शहद हल्दी मिश्रण सेवन सीमित मात्रा में करें। यह एक खास औषधि रूप है।
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गुड़ और चने खाने से फायदे ...more

सोमवार, 27 नवंबर 2017

फैटी लिवर आर्युवेदिक ईलाज - उपचार Home Remedies for Fatty Liver in Hindi

फैटी लिवर आर्युवेदिक ईलाज - उपचार Home Remedies for Fatty Liver in Hindi

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फैटी लिवर घटाने और दूषित पदार्थ बाहर निकालने के आसान कारगर तरीके  / REDUCE FATTY LIVER, HOW TO TREAT FATTY LIVER NATURALLY AT HOME, FATTY LIVER KA ILAJ UPCHAR
Home Remedies for Fatty Liver / Fatty Liver समस्या में लिवर से न्यूट्रीयेन्ट्स - ग्लूकोज, वसा, प्रोटीन, एल्बुमिन, टाॅक्सिक,  ट्राईग्लिसराइड दूषित जमा पदार्थों को बाहर निकालना जरूरी होता है। जिनसे बिलीरूबिन स्तर नियंत्रण हो और लीवर को पहले जैसा स्वस्थ सुचारू बनाया जा सके। (Liver Cirrhosis) फैटी लिवर बीमारी में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीइन्फ्लामेंट्री, एंटीआॅक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक गुण पोषक तत्वों वाले Fatty Liver Diet लेना फायदेमंद है। जोकि फैटी लिवर बीमारी में खास फायदेमंद मानी जाती हैं।

फैटी लिवर कारण लक्षण ...more


फैटी लिवर में आर्युवेदिक नुस्खे उपचार / Home Remedies for Fatty Liver in Hindi


1. अदरक शहद मिश्रण सेवन फैटी लिवर में सुधार करने का अच्छा माध्यम है।

2. कच्चा आंवला खायें। या फिर 4-5 चम्मच आंवला रस में आधा चम्मच आंवला पाउडर को लगभग 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर सेवन करें। आंवला फैटी लिवर दुरूस्त करने में सहायक है।

3. कच्ची हल्दी रस और दूध मिश्रण सेवन फैटी लिवर बीमारी में औषधि रूप है।

4. फैटी लिवर कम करने में लिए प्याज सलाद खायें। और दिन में 2 बार लगभग आधा-आधा कप प्याज रस सेवन करें। प्याज फैटी लिवर कम करने में सहायक है।

5. नारियल पानी में काली मिर्च, काला नमक मिश्रण पानी पीना फैटी लिवर में फायदेमंद है।

6. फैटी लिवर मरीज को ग्रीन टी, और अदरक वाली चाय पीना ज्यादा फायदेमंद है। चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें।

7. फैटी लिवर विकार में खाने से पहले 1 गिलास लस्सी में 4-5 बूंद पुदीना रस, हींग, काला नमक मिलाकर पीना फायदेमंद है।

8. फैटी लिवर कम करने में नींबू पानी काला नमक मिश्रण पीना फायदेमंद है। नींबू काला नमक लीवर संक्रमण घटाता है।

9. सुबह खाली पेट गिलोय रस सेवन फैटी लिवर घटाने में सहायक है।

10. चुटकी भर काली मिर्च पाउडर, 4-5 बूंदे लहसुन रस को 1 कप कोकोनट मिल्क मिश्रण फैटी लिवर कम करने में सहायक है।

11. फैटी लिवर कम करने के लिए जामुन खायें। और जामुन रस पीयें।

12. फैटी लिवर बढ़ने पर एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करना फायदेमंद है।

13. फैटी लिवर घटाने में करेला औषधि रूप है। करेला जूस पीयें और करेला सब्जी बिना बीज की खायें।

14. फैटी लिवर समस्या में प्याज, टमाटर सलाद में नींबू निचैड़ कर खायें। प्याज, टमाटर, नींबू सलाद फैटी लिवर घटाने में सहायक है।

फैटी लिवर में सुझाव / Fatty Liver Diet Guide, Fatty Liver Reduce Tips in Hindi


1. लगातार पेट दर्द समस्या को नजरअंदाज नहीं करें। तुरन्त चिकित्सक से सलाह एवं जांच करवायें।

2. चीनी सेवन से परहेज करें, चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें। गुड़ फैटी लिवर कम करने में सहायक है।

3. नमक, मिर्च सीमित मात्रा में सेवन करें। तीखा खाने से परहेज करें।

4. फैटी लिवर का उपचार समय पर करवायें। लम्बे समय तक फैटी लिवर रहने पर लिवर कैंसर - सिरोसिस संक्रमण की सम्भावनाएं अधिक बढ़ जाती हैं।

5. सोड़ा पेय, जंकफूड, फास्फूड और बाहर का अनहेल्दी खाना खाने से बचें।

6. फैटी लीवर लम्बे समय तक रहने पर किड़नी, फेफड़ों, हृदय, मस्तिष्क को भी बीमार ग्रसित कर देता है। सर्तक रहें।

7. लम्बे समय से अपचन, कब्ज, एसिडटी से भी फैटी लिवर समस्या हो सकती है। पेट पाचन सम्बन्धित समस्याओं को नकारे नहीं।

8. निकोटिन, एल्कोहल, धूम्रपान अन्य तरह से नशीलें मादक पदार्थों के सेवन से बचें।

9. संतुलित पौष्टिक आहार डाईट में शामिल करें। पौष्टिक आहार सीमित मात्रा में लें।

10. दिनचर्या जीवनशैली चुस्त रखें। आलस्य होने से बचें।

11. मोटापा वजन नियत्रंण में रखें। नित्य सैर, योगा, व्यायाम और खूब वर्कआउट करें।

12. तली भुनी, तेलयुक्त, अधिक वसा प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री के सेवन से बचें।

13. फैटी लिवर के दौरान चावल, आलू पकवानों से परहेज करें।

14. फैटी लिवर लाल मीट, चिंकन नहीं खायें। मीट, चिकन की जगह अण्ड, सलमन मछली डाईट में शामिल कर सकते हैं।

15. सप्ताह में 2-3 बार रस्सीकूद, खेलकूद, म्यूजिक डांस करें। इस तरह के साधारण क्रियाकलाप करना लीवर स्वास्थ्य के साथ सम्पूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद है।

उपरोक्त (reduce fatty liver naturally) तरीकों से यकृत विकार बढ़ने पर असानी से घटाया जा सकता है। फैटी लिवर गम्भीर स्थिति में तुरन्त डाॅक्टर से सम्पर्क जांच एंव उपचार करवायें।
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लिवर कैंसर में घरेलू नुस्खे...more

रविवार, 26 नवंबर 2017

फैटी लिवर कारण लक्षण और उपचार Fatty Liver Causes Symptoms in Hindi

फैटी लिवर कारण लक्षण और उपचार Fatty Liver Causes Symptoms in Hindi

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फैटी लिवर क्या है / what is Fatty Liver
Liver (यकृत) लिवर शरीर का अभिन्न अंग है। लिवर शरीर में किड़नी की तरह फिल्टर का काम करती है। स्वस्थ लिवर के बिना जीवन की कल्पना करना भी असम्भव है। लिवर कोशिकाओं में ज्यादा मात्रा में ग्लूकोज, वसा, प्रोटीन, एल्बुमिन और ट्राईग्लिसराइड दूषित पदार्थों का इक्ट्ठा होना फैटी लिवर बीमारी कहलाता है। लिवर में फैट सूजन दर्द संक्रमण को (Steatohepatitis) स्टीएटोहेपेटाइटिस (एन.ए.एस.एच.) भी कहा जाता है। जिसे आम भाषा में फैटी लिवर (यकृत विकार) से जाना जाता है।
अकसर Fatty Liver में यकृत (लिवर) में ग्लूकोज, ट्राईग्लिसराइड, वसा, प्रोटीन, एल्बुमिन मिश्रण दूषित पदार्थ कोलेस्ट्राॅल रूप में जमा हो जाता है। फैटी लिवर में लिवर ग्लूकोज, वसा, ट्राईग्लिसराइड को सही तरह से फिल्टर नही कर पाती। और एल्बुमिन बिलीरूबिन स्तर बढ़ जाता है। जोकि धीरे-धीरे लीवर में जमा होने लगते हैं।
Fatty Liver Level समस्या 5 से 8 प्रतिशत तक लगभग सभी व्यक्तियों में मौजूद होता है। परन्तु फैटी लिवर स्तर 15-20 प्रतिशत तक बढ़ना घातक हो जाता है। और बढ़े फैटी लिवर का समय पर उपचार नहीं होने पर गम्भीर रूप ले लेती है। जोकि शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करती है। जांच आंकड़ों अनुसार Fatty Liver Disease हर 10 में से 1 व्यक्ति में पाई गई है।
हैपेटाटिस बी, सी, सिरोसिस, फैटी लिवर ग्रस्त होने पर तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क सुझाव जांच करवायें। 


फैटी लिवर के लक्षण / Symptoms of Fatty Liver in Hindi
तेज पेट दर्द और जलन
आंखों के सफेद हिस्सा पीला होना
त्वचा नाखूनों पर पीलापन होना
गर्दन, छाती, पीठ त्वचा पर धब्बे-चकते बनना
भूख बिल्कुल नही लगना।
चक्कर आना और उल्टी में रक्त आना
अचानक खुजली और दाने आना
पसलियों के नीचे हिस्से और पेट के ऊपर दहिने हिस्से में दर्द रहना
उपरोक्त तरह के मिलते-जुलते Fatty Liver Symptoms की ओर संकेत करते हैं।

फैटी लिवर के कारण / Causes of Fatty Liver 
फैटी लिवर के मुख्यतय कई कारण माने जाते हैं। जिनमें एल्कोहल, निकोटीन, सोड़ा पेय, धूम्रपान, जंकफूड, फास्टफूड, तली भुनी चीजें, अधिक मीठा मिर्च नमक तीखा खाना, अधिक वसा प्रोटीन लेना, अनहेल्दी डाईट, योगा व्यायाम वर्कआउट की कमी और दिनचर्या - जीवन शैली का खराब होना जैसे कारण खास तौर पर माने जाते हैं।

फैटी लिवर में जांच / Fatty Liver Check up 
हैपेटाटिस बी, सी, सिरोसिस, फैटी लिवर ग्रस्त होने पर निम्नलिखत टेस्टों से लिवर स्वास्थ्य जानकारी हांसिल कर सकते हैं।
1. ईलास्टोग्राफी
2. अल्ट्रासाउंड
3. रक्त जांच
4. सीटी स्कैन
5. एम.आर.आई.
6. लिवर बायोप्सी
7. फाइब्रोस्कैन
8. ईलास्टोग्राफी से लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर और लिवर कैंसर जैसे विकारों का आसानी से पता चल जाता है।
9. पेशाब जांच कल्चर, रूटीन विधि द्वारा भी Fatty Liver Level और Fatty Liver Side Effects  का पता लगाया जा सकता है।

फैटी लिवर में फायदेमंद आहार / Fatty Liver Diet
ताजे फल और फलों का रस
हर्बस
हरी सब्जियां
कच्ची फलियां
दुग्ध खाद्यपदार्थ
वनस्पिति तेल
फाइबर युक्त अनाज
नट्स
अण्डा, सल्मन मछली

फैटी लिवर में परहेज आहार / Foods Avoid in Fatty Liver
शराब, बीयर
धूम्रपान, कैमिक्ल दुर्गंध
सोड़ा पेय, ठंड़ा पेय पदार्थ
अधिक मात्रा में नमक, चीनी, मीठा खाना
चावल
आलू पकवान
डब्बे बंद खाद्य सामग्री
जंकफूडस, फास्टफूड्स
तलीभुनी, तेलीय चीजें
लाल मीट, चिंकन
अधिक वसा - प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ
ज्यादा मात्रा के वसा कैलौरी युक्त आहार

फैटी लिवर में फायदेमंद योगा व्यायाम / Fatty Liver Reduce Exercise, Yoga / Yoga Exercises for Fatty Liver
सैर, दौड़ना, रस्सीकूद, नाचना, अनुलोम-विलोम, कपालभाती, चेस्ट प्रेस-कल्र्स, शोल्डर प्रेसेस, चेस्ट प्रेस इन्क्लाइन, पेट के बल लेटकर और पेट पर असर पड़ने  वाले योगा व्यायाम फैटी लिवर दर्द सूजन जमा विषाक्त दूषित पदार्थ घटाने और बाहर निकालने में सहायक है।

Fatty Liver Pain Symptoms में तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क एंव जांच करवायें। समय रहते Fatty Liver  Diagnosis जरूरी है। वरना लिवर में अधिक संक्रमण घातक - जानलेवा हो जाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें...more

शनिवार, 25 नवंबर 2017

प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक Plastic Harmful Effects in Hindi

प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक Plastic Harmful Effects in Hindi

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प्लास्टिक वस्तुएं इस्तेमाल में सावधानियां / और प्लास्टिक वस्तुएं इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर  होने वाले गम्भीर दुष्प्रभाव / DRINKING, EATING IN PLASTIC PRODUCTS ARE HARMFUL FOR HEALTH HINDI / HARMFUL PLASTIC PRODUCTS FOR HEALTH HINDI

Harmful Effects Plastic, Plastic Harmful for Environment, Plastic in Hindi, Ban Plastic / आज विश्व पर्यावरण प्लास्टिक के बहु इस्तेमाल से प्रभावित है। जिसे प्लास्टिक प्रदूषण भी कहा जाता है। प्लास्टिक वस्तुएं, कप, प्लेट्स, डिस्पोजल, बोतल, प्लास्टिक बर्तन, पाॅली लिफाफे, पाॅलिथीन, बैग, खिलौंने, पैकिंग खाद्य सामग्री, रोजमर्या की चीजों और अन्य तरह से विभिन्न जरूरतमंद वस्तुओं में प्लास्टिक ज्यादा इस्तेमाल से धरती पर जीवन के लिए खतरा बनता जा रहा है। फ्रांस, यूरोप जैसे कई विकसित देशों ने प्लास्टिक इस्तेमाल पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। प्लास्टिक एक ऐसा घातक पदार्थ जोकि जलने पर भी पूर्ण रूप से नष्ट नहीं होता है। जोकि भूमि उर्वकता, पर्यावरण के लिए घातक है। शोध अनुसार हर साल हजारों टन पाॅलिथीन - प्लास्टिक वस्तुएं समुद्र में समा जाती हैं। जोकि पर्यावरण के लिए घातक होती जा रही हैं। शोध अनुसार समुद्र में प्लास्टिक की मात्रा दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जोकि आने वाले 500 सालों में वातावरण को पूर्ण रूप से प्रभावित करेगी। और जिससे धरती पर जीवन रहना असंभव सा हो सकता है। समय रहते पाॅलिथीन प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग पर नियंत्रण जरूरी है।

Plastic Things जलने, पिघलने, पर रसायन अभिक्रिया करने पर Plastic Smell तीब्र दुर्गंध विघटन उत्पन्न होती है, और खाने-पीने की चीजों में आसानी से घुल जाती है। जिससे स्वास्थ्य पर सैंकड़ों तरह से दुष्प्रभाव डालती है। आंकड़ों अनुसार प्लास्टिक कैमिक्ल फैक्टरी - कारखानों में काम करने वाले अधिकत्तर वर्करस विभिन्न तरह के बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। जबकि स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु विभिन्न तरह रसायन रोधी यंत्र, मास्क, तरीके उपलब्ध हैं। परन्तु प्लास्टिक, कैमिक्ल रसायन दुष्प्रवाह रोकना असम्भव सा होता जा रहा है। जोकि एक गम्भीर विषय है।

घुटनों दर्द में खास बातें ...more


प्लास्टिक एक धीमा जहर / Plastic Poisoning, Health Effects of Plastics Using, Plastic Harmful Effects in Hindi


प्लास्टिक से बनी चीजें एक तरह से पालीमर हैं। जिसमें नायलाॅन, क्लोराइड, पौलीस्टाइरीन, पौलीथाईलीन, फीनोलिक, यूरिया फार्मेल्डिहाईड, बी.पी.ए. बायस्फेनाॅल, प्थालेट्स नामक घातक कैमिकल इस्तेमाल किये जाते हैं।

Plastic Melting / प्लास्टिक चीजें गर्म होने पर डाइआॅक्सिन, बाइसफेनोल-ए, बी.पी.ए. विषैला रसायन पदार्थ - गैस छोड़ती हैं। घातक डाइआॅक्सिन प्लासिटक बोतल, डिब्बे, बर्तन, में रखी पैक्ड खाद्य पदार्थ आसानी से घुल जाती है। जोकि शरीर में हाॅर्मोंन एवं कोशिकाओं पर सीधे दुष्प्रभाव डालता है। प्लास्टिक इस्तेमाल एक तरह से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

घर से लेकर आॅफिस तक प्लास्टिक की विभिन्न तरह के कप, प्लेटस, डिस्पोजल, वाटर बोतल, टिफिन, बर्तनों और अन्य तरह के आक्रर्षक बर्तन वस्तुएं इस्तेमाल में दिखाई देती हैं। कई लोग अनजाने में भोजन, पेय सामग्री प्लास्टिक बर्तन में रखकर माइक्रोवव में गर्म करते हैं, चूल्हे गैस आंच प्लास्टिक बर्तन रखने की आदत होती है। या फिर प्लास्टिक पैक्ड खाद्य सामग्री धूप, तापिस, अन्य तरह से गर्म होने पर सैंकड़ों तरह से विषैले रसायन पदार्थ छोड़ता है। जोकि आसानी से खाने पीने की चीजों में घुल-मिल जाती हैं।

प्लास्टिक रसायन के दुष्प्रभाव धीरे-धीरे विभिन्न रोगों के रूप में शरीर में प्रवष्टि होने लगते हैं। जिसका पता व्यक्ति को काफी समय बाद घातक बीमारियों के रूप में चलता है।
अकसर पैकेज्ड पेय, खाद्य सामग्री और अन्य तरह से खाने पीने की चीजों में प्लास्टिक गुणवत्ता के लिए ब्यूरो आॅफ इंडियन स्टैंडडर्स बी.आई.एस. की तरफ से आई. एस. 14543, आई.एस. 15410, आई. एस. 13428, पी.ई.टी, पी.एस, पी.पी. आदि रिर्माक जारी करवाती है। परन्तु हर तरह के क्वालिटी प्लास्टिक चीजें भी गर्म - हीट होने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।


प्लास्टिक गर्म होने पर इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव / Side Effect of Plastic in Hindi, Health Harmful Effects of Plastics in Hindi
1. प्लास्टिक के दुष्प्रवाह से 32 तरह के कैंसर
2. कब्ज, एसिडटी, अपचन, फूडपाईंजनिंग
3. हृदय रोग
4. मस्तिष्क विकार, तनाव, उत्तेजना
5. फैटी लीवर
6. मूत्र इंफेक्शन
7. डाइबिटीज 2 टाईप
8. पुरूर्षों में स्पर्म गुणवत्ता घटाना
9. महिलाओं में प्रेग्नेंसी, पीरियड़ में घातक
10. एलर्जी एंव त्वचा रोग
11. हेयर फाॅल
12. हड्डियों के रोग
13. शरीर में झनझनाहट
14. मोटापा
15. थाईरायड
16. अस्थमा
17. साइनस
18. टी.बी.
19. गले में इंफेक्शन
20. होर्मोंस विकार
प्लास्टिक रसायन शरीर पर सैंकड़ों तरह से दुष्प्रभाव कर सकता है। कई विकसित देशों ने प्लास्टिक इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा चुकें हैं। परन्तु भारत जैसे कई विकाशील देशों में प्लास्टिक का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है। जोकि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक घातक बनता जा रहा है।

प्लास्टिक इस्तेमाल में जरूरी खास सावधानियां / Harmful Effects Plastic in Hindi 
1. चाय, काॅफी, सूप, गर्म पानी, गर्म पेय, गर्म भोजन अन्य तरह के गर्म खाने-पीने की चीजों के सेवन के लिए प्लास्टिक के कप, गिलास, कटोरी, प्लेट्स, बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करें। खाने पीने की गर्म चीजें प्लास्टिक के सम्पर्क में आने से रसायन छोड़ना शुरू कर देती है।

2. प्लास्टिक पैक्ड खाद्य - पेय सामग्री गर्मी तापिस दे दूर रखें। प्लास्टिक पैक्ड सामग्री गर्म होने पर गलती से भी नहीं खायें पीयें।

3. बच्चों के पानी की बोतल, दूध की बोतल, स्कूल टिफिन आदि में प्लास्टिक बर्तनों का इस्तेमाल ज्यादा समय तक नहीं करना चाहिए। प्लास्टिक बर्तन अपने आप कुछ समय बाद रासायनिक अभिक्रिया करने शुरू करते हैं। प्लास्टिक की जगह स्टील बोतल, टिफिन का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है।

4. प्लास्टिक बर्तन के इस्तेमाल दुष्प्रभाव से बच्चों में भूख की कमी, मानसिक तनाव, शरीरिक ग्रोथ में रूकावट और अन्य तरह के रोग हो सकते हैं। प्लास्टिक बाइसफेनोल-ए तत्व बच्चों के मस्तिष्क पर ज्यादा दुष्प्रभाव डालता है। कई स्कूलों में प्लास्टिक की बोतल, टिफिन पर प्रतिबंध लग चुका है।

5. पाॅलिथीन में खाने, पीने की चीजें पैक नहीं करें। अकसर कई बार व्यक्ति अनजाने में ढ़ाबे, होटल से चाय, काॅफी, दाल, सब्जी, अन्य तरह से खाने पीने की चीजंे पाॅलिथीन में पैक कर ले जाते हैं। जोकि पूर्ण रूप से हानिकारक है।

6.  पानी बोतल, डिस्पोजन इस्तेमाल कर तोड़ दें दोबारा इस्तेमाल नहीं करें। और प्लास्टिक एक बार पिघलने पर दोबारा इस्तेमाल नहीं करें।

7. प्लास्टिक टिफिन, प्लास्टिक बर्तनों को माइक्रोवव, चूल्हे आंच में नहीं रखें। प्लास्टिक गर्म होने पर घातक बी.पी.ए. बायस्फेनाॅल, प्थालेट्स नामक रसायन प्रक्रिया करता है। जोकि स्वास्थ्य पर गम्भीर दुष्प्रभाव करती है। प्लास्टिक दुष्प्रभाव से 32 तरह के कैंसर जैसे रोग होते हैं।

8. गर्म होने वाले प्लास्टिक बर्तनों की जगह तांबे, स्टील, कांस्य, चीनी मिट्टी, कांच, लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है।

9. समय पर घर किंचन में प्लास्टिक बर्तनों वस्तुओं को बदलें। 2 साल से ज्यादा समय तक प्लास्टिक बर्तन इस्तेमाल नहीं करें। पानी बोतल, टिफिन, कटोरियां, प्लेट्स को 1 साल से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

10. किंचन, फ्रीज में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की पुरानी बोतल, डब्बे, वस्तुएं अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं करें। समय पर बदलते रहें।

11. अनाज, दाल, चीनी, आटा, मसाले, अचार, दूध, दही अन्य तरह की खाद्य सामग्री प्लास्टिक डब्बों बर्तनों की जगह स्टील, कांच, चीनी मिट्टी, तांबे के बर्तनों में रखना ज्यादा सुरक्षित है।

12. ज्यादा दिनों तक खाद्य सामग्री प्लास्टिक डब्बों बर्तनों में नहीं रखें। अधिक समय तक खाद्य सामग्री प्लास्टिक में पैक होने पर भी रसायन दुष्प्रवाह छोड़नी शुरू कर देती है। जोकि खाने पीने की चीजों में घुलने लगती है।

13. लम्बे समय से प्लास्टिक पैक्ड पेय, खाद्य सामग्री के इस्तेमाल से बचें। क्योंकि प्लास्टिक पैक्ड बंद सामग्री गर्म तापमान से  आपस में रसायन घुल जाते हैं।

14. हमेशा अच्छी क्वालिटी के बी.एफ.ए., बी.एफ.आर. फ्री और पी.ई.टी. गुणवत्ता वाली प्लेट्स, कप, डब्बे, बर्तन आदि वस्तुएं इस्तेमाल कर सकते हैं।

15. प्लास्टिक बोतल, कप, प्लेट्स गैस, चूल्हे, माइक्रोवेव में नहीं रखें। प्लास्टिक बर्तन गर्म तापिस होने से बचायें।

16. किंचन में खाना तैयार करते समय प्लास्टिक प्लेट्स और प्लास्टिक बर्तनों से गर्म खाने को ढ़कने से बचाएं। कई लोग अनजाने में गर्म खाने पीने की चीजों को प्लास्टिक प्लेट्स से ढंक देते हैं।

17. छोटे बच्चों को प्लास्टिक बोतल से दूध पिलाने से बचें। और बच्चों को मुंह के प्लास्टिक खिलौंने, रबड - टीथर देने से बचें। फल के टुक्कडे, रोटी टुक्कडा, गाजर, खीरा बच्चों दें।

18. बच्चों की देखभाल करें। प्लास्टिक के खिलौंने वस्तुएं बच्चों के मुंह जाने से दांत मसूड़ों और सेहत के लिए हानिकारक है। दांतों का ब्रश भी 3 महीने के बदल देना चाहिए। पुराना ब्रश भी दांतों के लिए हानिकारक होता है।

19. अचार, साॅस, दही, चटनी, खट्टी चीजें, पेय पदार्थ प्लास्टिक बर्तनों की जगह कांच, चीनी मिट्टी के बर्तनों में रखना ज्यादा सुरक्षित है।

20. गर्मी मौसम में प्लास्टिक के जूते चप्पल नहीं पहने। गर्मी मौसम में प्लास्टिक जूते चप्पल दुष्प्रभाव आसानी से त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं।

21. गर्भवती महिलाएं को प्लास्टिक बर्तनों, वस्तुओं का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

22. बाजार में प्लास्टिक की विभिन्न तरह के निम्न गुणवत्ता के बर्तन एंव वस्तुएं मौजूद हैं। जिनके इस्तेमाल से बचें। हमेशा सुरक्षित मानक मार्क प्लास्टिक वस्तुएं ही खरीदें।

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प्लास्टिक के प्रकार - पहचान और प्लास्टिक वस्तुएं तैयार करने में इस्तेमाल / Plastic Types / Plastic Creating Things / Plastic Quality 


पाॅलिथिलीन टेरेफथलेट (PET) इस्तेमाल: 
Polyethylene Terephthalate तरह का प्लास्टिक फूड्स एण्ड ड्रग्स में इस्तेमाल लिया जाता है। जैसे कि साॅफ्ट ड्रिंक, ठंड़ा पेय, पानी बोतल, केचन, अचार, मक्खन, बटर, दवाईया पैकिंग, फाइबर क्लोथ, खाद्य सामग्री पैकिंग के लिए किया जाता है।

हाई डेंसिटी पाॅलिथिलीन (HDPE) इस्तेमाल:
High Density Polyethylene तरह प्लास्टिक का इस्तेमाल दूध, दही, पानी, अचार, पेय पदार्थ पैकिंग, पाइपें, सीट्स, कबर में किया जाता है।

पाॅलीविनाइलीडीन / पाॅलीबटलिन क्लोराइड (PVDC) इस्तेमाल:
Polybutylene Chloride तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल मसाले, साॅस, चिप्स, जंकफूड्स, बैकरी खाद्य सामग्री पैकिंग, खास तरह के इंजीनियरिंग वस्तुएं बनाने में किया जाता है।

लो डैसिटी पाॅलिथिलीन (LDPE) इस्तेमाल: 
Low Density Polyethylene तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल फर्नीचर, खिलौंने, लैब वस्तुएं, प्लास्टिक बैग, गर्मी रोधी प्लास्टिक वस्तुएं बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

पाॅलिथिलीन (PP) इस्तेमाल: 
Polyethylene-PP प्लास्टिक का इस्तेमाल फिल्म सीट, एक्सेसीरीज वस्तुएं, क्लीनिंग, फास्र्ट एड प्राॅडक्ट्स और विभिन्न तरह की वस्तुएं तैयार करने में किया जाता है।

पाॅलिथिलीन (PS) इस्तेमाल 
Polyethylene PS तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल डिस्पोजल, कप, प्लेट्स, पैकेजिंग, फूड कंटेनर्स, सीडी, बाॅक्स, ब्रश, और विभिन्न तरह के कठोर प्लास्टिक वस्तुएं तैयार करने में किया जाता है।

पाॅलिथिलीन (O, BPA) इस्तेमाल: 
Polyethylene O, BPA तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल इलैक्ट्राॅनिकस वस्तुएं, चश्मा, कंटेनर्स, वायर, पाईप, हीट रोधी वस्तुएं तैयार करने में किया जाता है।

प्लास्टिक की वस्तुओं पर ISI, RIC, BFA, BFR, IS-15410, IS-13428, PET, PP, PS, BPA Free Plastic भारतीय मानक ब्यूरो (बी.आई.एस.) मार्क अवश्य देखें। घटिया गुणवत्ता प्लास्टिक वस्तुएं, खाद्य सामग्री पैंक्ड वस्तुएं खरीदने और इस्तेमाल करने से बचें। टुप्लीकेट मिक्स प्लास्टिक और घटिया क्वालिटी के प्लास्टिक इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हमेशा ध्यान रखें - किसी भी तरह के प्लास्टिक को गर्म - हीट कर इस्तेमाल नहीं करें। असुरक्षित तरीके और निम्न गुणवत्ता प्लास्टिक इस्तेमाल करने पर कैंसर से लेकर विभिन्न तरह के सैंकड़ों रोग हो सकते हैं।
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मंगलवार, 21 नवंबर 2017

अनार छिलके एक महा औषधि Pomegranate Peel Benefits in Hindi

अनार छिलके एक महा औषधि Pomegranate Peel Benefits in Hindi

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Anar Ke Chilke Ke Fayde : लम्बे समय से दवाईयों से परेशान हैं तो एक बार अनार के छिलके आजमाकर अवश्य देखें। अनार दानों की तरह अनार के छिलके भी एक महाऔषधि के रूप है। अनार दाने खाने के बाद छिलके फेंके नहीं। छिलके सम्भांल कर रखें। अनार छिलके विभिन्न तरह के रोगों - गले के टाॅनसिल्स, हृदय रोग, लगातार जुकाम रहने पर, तपेदिक बुखार, पुरानी से पुरानी खांसी, कफ बलगम, फ्लू, त्वचा एलर्जी, मुंहासें, झुर्रियों, रक्त खराबी, बवासीर, नकसीर, घाव इंफेक्शन,  शरीर तापमान में बदलाव, आनुवंशिक रोग और अन्य विकारों को मिटाने में सहायक हैं।

अनार छिलके इस्तेमाल विधि / Pomegranate Peel Uses
अनार के ताजे छिलके और सुखाकर पाउडर रूप दोनों तरह से इस्तेमाल किया जाते हैं।
अनार खाने के बाद छिलके फेंके नहीं। छिलके धोकर इस्तेमाल करें। या फिर Anar Chilke छोटे-छोटे टुक्कड़े कर धूप में सुखा लें। फिर पाउडर बनाकर कांच की शीशी में रख लें। जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करें। अनार के छिलका रस और छिलका पाउडर, छिलका काढ़ा को चाय, दूध, जूस, गुनगुने पानी के साथ सेवन किया जाता है। और त्वचा सम्बन्धित समस्याओं में लेप मस्क लगायें। अनार छिलके मात्र 8-10 दिन इस्तेमाल करने से विभिन्न फायदे दिखने आरम्भ हो जाते हैं। Pomegranate Peel अपने आप में एक महाऔषधि रूप है। अनार छिलको में एंटीआॅक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेट्री गुण रिच मात्रा में मौजूद हैं।

अनार छिलकों को कैसे इस्तेमाल करें / Uses of Pomegranate Peel in Hindi
1. छिलके साफ धोकर धूप में सुखा लें। फिर पाउडर बनाकर कांच की शीशी में रख लें। जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करें। अनार छिलको को उबालें, काढ़ा तैयार होने पर छानकर पीयें।

2. ताजे अनार छिलको को छोटे-छोटे टुक्कड़े कर हल्की आंच में उबाल कर काढ़ा बनायें। फिर छानकर पीयें।

3.  ताजे अनार छिलकों का रस चाय, दूध, जूस, गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।

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अनार छिलके से खास फायदे / Benefits of Pomegranate Peel in Hindi, Pomegranate Chilke

गला दर्द, खराश, टाॅनसिल्स में अनार छिलके / Sore Throat Cure, Pomegranate Peels
गले में टाॅनसिल्स गिल्टी, दर्द, सूजन समस्या में अनार के छिलकों का काढ़ा पीना फायदेमंद है। अनार छिलके गले की समस्याओं के असरदार औषधि रूप है।

हृदय रखे स्वस्थ फायदेमंद / Good for Healthy Heart
अनार छिलकों में एंटीआॅक्सीडेंट रिच मात्रा में मौजूद है। अनार छिलके कोलेस्ट्राॅल और ब्लडप्रेशर लेवल नियत्रंण रखने में सहायक है। और वहिकाएं सुचारू रहती हैं। अनार छिलकों का पाउडर, रस हृदय स्वास्थ्य के लिए खास माना जाता है।

कील मुंहासें मिटाये / Acne Scar Removal
चेहरे पर कील मुंहासें होने पर अनार छिलकों को भून कर बारीक पाउडर बनाकर चेहरे त्वचा पर मलकर लेप करें। कील मुंहासों दूर करने में अनार छिलकें पेस्ट फायदेमंद है।

झुर्रियां मिटाये / Wrinkle Removal
झुर्रियां मिटाने के अनार के छिलकों का पाउडर गुलाब जल के साथ मिलाकर चेहरे पर मले और पेस्ट करें। अनार छिलके फेसपैक झुर्रियां मिटाने में सहायक है।

मासिक धर्म में अनार छिलके / Menstrual Cramps Remedies, Anar Chilke
मासिक धर्म के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग से बचने के लिए अनार छिलके पाउडर गुनगुने पानी में अच्छे से घोलकर छानकर पीयें। अनार छिलके पीरियड्स में रक्तस्राव दर्द रोकथाम में सहायक है। और मासिक धर्म में होने वाले कमर दर्द, शरीरिक कमजोरी दूर करने में भी सहायक है।

मुंह की बदबू मिटाये / Mouth Smell Remover
मुंह से दुर्गंध आने की समस्या में अनार छिलके पाउडर पानी से कुल्ला और गर्रारा करने से समस्या से छुटकारा मिलता है।

दांत मसूड़ों के रोगों में अनार छिलके / Healthy Teeth and Gums
दांत मसूड़ों के रोग में अनार छिलके पाउडर और काली मिर्च पाउडर ब्रश करना और रगड़ना फायदेमंद है।

पाईल्स निवारण अनार छिलके / Piles Remedies, Pomegranate Peel
पाईल्स बीमारी होने पर सुबह खाली पेट और दोपहर खाने से पहले आधा चम्मच अनार छिलका पाउडर, या 1 चम्मच अनार छिलके रस दही के साथ सेवन करें। बवासीर में अनार छिलके पाउडर, अनार छिलके रस दही के साथ सेवन करना फायदेमंद है।
तीब्र खांसी कफ में अनार छिलके / Cold Cough Relief
लम्बे समय तक खांसी रहने पर आधे से कम चम्मच आनार छिलका पाउडर और गेहूं के दाने बराबर कपूर मिलाकर चूर्ण सेवन करें। अनार छिलका और कपूर मिश्रण चूर्ण पूरानी से पुरानी खांसी ठीक करने में सहायक है। कपूर ज्यादा मात्रा में नहीं लें। ज्यादा कपूर एक तरह से घातक हो सकता है।

मियादी बुखार में अनार छिलका काढ़ा / Break a Fever, Viral Fever Remedies
लगातार बुखार रहना, बार-बार बुखार आने की समस्या में ताजे अनार छिलकों का काढ़ा पीना फायदेमंद है।


सनबर्न त्वचा के लिए अनार छिलके / Sunburn Skin Peeling
गर्मी लू से त्वचा झुलस जाने पर अनार के सूखे छिलकों का पाउडर जैतून तेल में मिलाकर त्वचा पर अच्छे से मालिश करें। त्वचा के सनबर्न साईड इफेक्टस से तुरन्त हटाने में अनार छिलका पाउडर जैतून तेल मिश्रण पेस्ट मालिश करना फायदेमंद है।

स्वप्नदोष में अनार छिलके / Home Remedy for Nightfall
पुरूर्षों में स्वप्नदोष समस्या दूर करने के लिए रोज सुबह खाली पेट और रात्रि भोजन से 30-35 मिनट पहले चुटकी भर अनार छिलके पाउडर, या आधा चम्मच अनार छिलके रस शहद के साथ सेवन करें। स्वप्नदोष दूर करने में अनार छिलका पाउडर और छिलका रस शहद के साथ सेवन करना फायदेमंद है।

मुंह के छालों में अनार छिलके / Home Remedies for Mouth Ulcer
मुंह में छाले होने पर ताजे अनार छिलकों का रस दही के साथ खायें। और अनार छिलकों के पाउडर का गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार कुल्ला करना फायदेमंद है। मिर्च, तीखे पकवान, मसालेदार खाने से बचें।

बार-बार पेशाब आने की समस्या में अनार छिलके / Urinary Tract Infections, UTIs, Healthy Pomegranate Peel
बार-बार पेशाब आने की समस्या में अनार छिलकों का पाउडर गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। रात्रि सोने से पहले 2-3 छुआरे (खजूर) खायें। अनार छिलके पाडउर पानी और छुआरे पेशाब इंफेक्शन, बार-बार पेशाब की समस्या को ठीक करने में सहायक है।
Pomegranate Peel Benefits in Hindi

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