गुरुवार, 16 नवंबर 2017

सर्दियों में धूप सेंकने से फायदे Winter Sunbathing Benefits in Hindi

सर्दियों में धूप सेंकने से फायदे Winter Sunbathing Benefits in Hindi

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Sunbathing in Hindi / सर्दी मौसम में 15-20 मिनट धूप सेंकना सेहत के लिए फायदेमंद है। सर्दी मौसम में धूप की किरणें शरीर को विटामिन डी, इम्यून एनर्जी बढ़ाने में सहायक है। और सर्दी, ठंड, संक्रमण, वायरल, त्वचा रोगों, बीमारियों से बचाने में सहायक है। सर्दी मौंसम में धूप सेंकने से सैंकड़ो तरह से फायदे करती है। धूप सेंकने के खास फायदे निम्नलिखित प्रकार हैं।

धूप सेंकने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते हैं / Amazing Health Benefits of Sun Exposure, Sunlight Therapy
Sunbathing /  धूप सेंकने से शरीर में विटामिन डी में वृद्धि करती है, और मेलाटोनिन, एन्डोर्फिन, टेस्टोस्टोरेन, आॅक्सीबैंजोन, बेनजोनोने-बी.पी. 2, कोन्जियम क्यू 10, लिम्फोसाइटो, सीजोफ्रेनिया, मेटाबोलिक, स्टेराॅयड हार्मोंस को प्रभावित कर इम्यून सिस्टम मजबूत करती हैं। जोकि स्वस्थ शरीर के लिए अति आवश्यक है। सर्दी मौंसम में धूप अवश्य सेंकनी चाहिए।

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सर्दी मौसम में धूप सेंकने से खास फायदे Sun Basking Benefits in Hindi, Benefits of Sunbathing, Sunbathing in Hindi


धूप ऊर्जा का स्रोत / Boost Energy
सर्दी मौसम में धूप सेकने से शरीर में पर्याप्त ऊर्जा का संचार बन जाता है। जिससे शरीर चुस्त, लचीला, फुर्तीला, कार्य दक्षता और शरीर में गर्माहट बनी रहती है।

इम्यून सिस्टम बनाये मजबूत / Sunbathing,  Boost Immune System
सर्दी मौसम में धूप सेंकने से शरीर में संक्रमण, फ्लू, सर्दी जुकाम, वायरल आसानी से प्रवष्टि नहीं होते हैं। धूप सेंकने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। और शरीर में विभिन्न तरह के रोगों से लड़ने की क्षमता बनाये रखती है।

विटामिन डी रिच स्रोत / Sunbathing Vitamin D,  Vitamin D Synthesis from Sunlight
सर्दी मौंसम में धूप सेंकने से विटामिन डी शरीर को आसानी से मिल जाती है। जोकि त्वचा, मांसपेशियों, हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाये रखने में सहायक है। और धूप सेकने से जोड़ों के दर्द, त्वचा झुनझनाहट, ठंड से होने वाले विभिन्न तरह की समस्याओं में आराम मिलता है।  धूप अकसर हड्डियों से मेटाबोलिक समस्या को हटाती है।

पीलिया रोग में धूप सेंकना  / Jaundice Cure
पीलिया रोग होने पर सुबह के वक्त धीमी धूप सेंकना फायदेमंद है। सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें शरीर में पिगमेंट कोशिकओं प्रभावित करती है। जोकि पीलिया रोग को निष्क्रीय कर ठीक करती हैं।

त्वचा रखे स्वस्थ निरोग / Skin and the Sun, Sun Tanning
Sun Basking करने से त्वचा पर होने वाले फंगल-इंफेक्शन, मुंहासे, त्वचा संक्रमण, त्वचा नमी, कीटाणुओं से बचाने में सहायक है। और धूप सेंकने से त्वचा की डेमेज कोशिकाओं दोबारा से सक्रीय हो जाती हैं। और सर्दी मौसम में धूप डेमेज कोशिकाओं की मरम्त करने का भी कार्य करती है।

रक्त संचार बढ़ाये / Good for Blood Circulation
सर्दी मौसम में धूप सेंकने से रक्त संचार सुचारू बना रहता है। जोकि धमनियों, वहिकाओं को क्लोटिंग-ब्लाॅकेज और बैड कोलेस्ट्राॅल से बचाती है। सर्दी मौंसम में धूप गुड कोलेस्ट्राॅल लेवल बढ़ाती है। हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, हृदय, सायटिका, त्वचा रोगियों के लिए धूप सेंकना फायदेमंद है। ब्लड सर्कुलेशन सचारू बनाने में धूप सेंकन खास फायदेमंद है।

नींद की बीमारी दूर करे / Insomnia, Sleeplessness, Ahypnia Relief
िजिन लोगों को नींद नहीं आने की बीमारी है, उनके लिए धूप सेंकना फायदेमंद है। धूप मस्तिष्क नसों की उत्तेजना, तनाव, अनिंद्रा से छुटकारा दिलाने में सहायक है। सूरज की किरणें मेलाटोनिन नामक हार्मोंस को विकसित करती हैं। जो रात को अच्छी भरपूर नींद दिलाने में सहायक है।

मस्तिष्क रखे स्वस्थ  / Good for Healthy Brain
सर्दी में धूप सेंकने से सीजोफ्रेनिया दिमागी बीमारी (पागलपन, गुस्सा) कम करने में सहायक है। और ब्रने ट्यूमर के खतरे को घटाती है।

वजन कम करने में सहायक / Sunlight Weight Loss
सर्दी मौसम में धूप किरणें बी.एम.आई. को प्रभावित करती हैं। जोकि कैलौरी बर्न और मोटाबाॅलिज्म नियंत्रण में सहायक है। और सर्दी मौसम में धूप कैलौरी बर्न करने में सहायक है।

धूप शुक्राणुओं गुणवत्ता बढ़ाये / Sunbathing Boosts Men's Sex Drive
सर्दी मौसम में धूप सेंकने से टेस्टोस्टोरेन नामक हार्मोंन में बृद्धि होती है। जोकि शुक्राणुओं की गुणवत्ता सुधारने में सहायक है। पुरूर्षों के लिए धूप सेंकना खास फायदेमंद है।

बाल बनाये मजबूत / Sunbathing for Strong Hairs
सर्दी मौंसम में धूप सेंकने से बालों भरपूर विटामिन डी मिल जाती है। जोकि विटामिन ई और विटामिन सी को संतुलित करती है। जिससे बालों को टूटने झड़ने रोकने और बालों की जड़ों को मजबूत बनाये रखने में सहायक है। अकसर विटामिन ई, विटामिन सी अधिक होने से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती है।

डायबिटीज टाईप 1 नियंत्रक / Diabetes Type 1 Control
सर्दियों में धूप सेंकने से टाईप 1 डायबिटीज की सम्भावनाएं नहीं रहती है। शुरूआती डायबिटीज और डायबिटीज टाईप 2 मरीज के लिए सर्दी मौंसम में धूप सेंकना खास फायदेमंद है।

थायराइड घटाये / Thyroid Reduce
सर्दीं मौंसम में धूप बेनजोनोने-बी.पी. 2 को पर प्रभाव डालती है। जोकि थायराइड दर्द, सूजन, खर्राश, इंफेंक्शन, लार स्राव रोकथाम में सहायक है। सर्दी मौंसम में थायराइड मरीज के लिए धूप सेंकना फायदेमंद है।

त्वचा रोग सोरायसिस में लाभदायक / Psoriasis Cure
सर्दी मौसम में धूप सेंकने से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनता है। जोकि सोरायसिस-त्चचा लाल धब्बे, चक्ते, दाने, परत जमने की त्वचा बीमारी को दूर करने में खास सहायक है।

अस्थमा रोकथाम / Asthma Prevention
अस्थमा खांसी घटाने में सर्दी मौंसम में धूप सेंकना फायदेमंद है।

धूप सेंकने में सावधानियां / Disadvantage of Sunlight in Hindi, Sunbathing Side Effects Hindi
1. सदी मौसम में सुबह की धूप सेंकना ज्यादा फायदेमंद है।
2. शाम के वक्त की धूप नहीं सेंके।
3 वर्कआउट, पसीना बहाने के तुरन्त बाद धूप सेंकने से बचें।
4 ठंड़ी हवा वहने वाली जगह जैसे घर की खुली छत, खुले हवा वातावरण में बैठकर धूप नहीं सेंके।
5 दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे काफी तेज होती है। सिर पर कपड़ा, रूमाल रखकर धूप में बैठें।
6 धूप सेंकने के तुरन्त बाद पानी पीने से बचें।
7 धूप सेंकने के तुरन्त बाद नहाने से बचें।
8. नहाने के बाद धूप सेंकना ज्यादा फायदेमंद है।
9 सुबह 12 बजे तक की धूप सेंकना ज्यादा फायदेमंद है।
10  सर्दी मौंसम में ज्याद देर तक धूप नहीं सकें। अधिक धूप सेंकने से त्वचा, बालों, और अन्य तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
11  चेहरे, त्वचा, बालों पर लोशन, क्रीम आदि लगाकर देर तक धूप में बैठने से बचें।

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सोमवार, 13 नवंबर 2017

गुड़ और चने खाने से फायदे Chana and Jaggery Benefits in Hindi

गुड़ और चने खाने से फायदे Chana and Jaggery Benefits in Hindi

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Benefits of Gur And Chana / और चना अपने आप में अलग-अलग खास पोषक तत्वों से भरपूर पौषण है। अगर गुड़ और चने साथ खाये जायें तो यह एक भरपूर पोषण के साथ रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम बन जाता है। सर्दी मौसम में गुड़ और चना एक साथ खाने से खास फायदे होते हैं। गुड़ - चने बच्चे युवा बुजुर्ग सभी के लिए पौष्टिकता से भरपूर आहार है।

Jaggery and Roasted Chana : गुड़ चने मिश्रण आयरन, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, सोडियम, जिंक, कैल्शियम, फाॅस्फोरस, मिनरलस, विटामिनस पोषक तत्वों का भरपूर स्रोत भण्डार है। गुड़ चना एक साथ खाने से कई स्वास्थ्यवर्धक लाभ हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें ...more


गुड़ - भुने चने के साथ खाने से फायदे / Jaggery and Chana Eating Benefits in Hindi


खून की कमी दूर करे / Raise Hemoglobin Levels
एनीमिया रोग होने पर रोज गुड़ के साथ भुने चने खायें। गुड़ चने हीमोग्लोबिन बढ़ाने का अच्छा माध्यम है। Gur Chana तेजी से शरीर में रक्त की कमी दूर करने में सहायक है। चना गुड़ आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, मिनरलस, विटामिनस तत्वों का रिच भण्डार है। जोकि तेजी से रक्त बढ़ाने में सहायक है।

महिलाओं के लिए पौष्टिक चना गुड़ / Jaggery and Roasted Black Gram, Healthy Diet for Women
हर 10 में 7 महिलाओं में हीमोग्लोबिन लेवल हिसाब से काफी कम होता है। महिलाओं में रक्त की कमी का मुख्य कारण मासिक धर्म रक्त स्राव होना, दिनभर की दौड़भाग, व्यस्त दिनचर्या, पौषण की कमी, तनाव-फिक्र माना जाता है। चना गुड़ महिलाओं के लिए उत्तम आहार माना है। चने गुड़ में मौजूद आयरन, प्रोटीन,  कैल्शियम, पोटैशियम पौषक तत्व शरीर से तरह-तरह की समस्याओं को ठीक करने में सहायक है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ायें / Boost Immunity Naturally
गुड़ चना मिश्रण सर्दी मौसम में सक्रमण, वायरल, बैक्टीरिया और अन्य तरह के रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने में खास सहायक है। गुड़ चना खाने से जरूरी पोषक तत्व शरीर को आसानी से मिल जाते हैं।

शरीर अंग रखे स्वस्थ / Roasted Chana Jaggery Benefits 
Chana Gur सर्दी मौसम में एक साथ खाने से किड़नी, हृदय, फेफड़ों, लीवर, पाचन तंत्र स्वस्थ सुचारू रहता है। सर्दी मौसम में गुड़ चने अवश्य खाने चाहिए।

हड्डियां मांसपेशियां मजबूत बनाये / Build Strong Bones
गुड़ और चना एक साथ खाने से हड्डियां मजबूत बनती है। जिम में पसीना बहाने, कसरत, भारी वजन उठाने, एक्सरसाईज, ज्यादा वर्कआउट करने वाले युवाओं व्यक्तियों के लिए चना गुड़ रिच पौषण युक्त आहार है। गुड़ और चना मसल्स, मांसपेशियों - हड्डियों को मजबूत बनाती है। Body Building में गुड़ चना एक साथ खाना फायदेमंद है।

रिच एनर्जी स्रोत / Foods to Boost your Energy
लगभग 50 ग्राम शुद्ध गुड़ और 50 ग्राम चने में 1 वक्त के हेल्दी भोजन के बराबर पौषण एनर्जी मौजूद होती है। सुबह 1 मुट्ठी चना और थोड़ी सी गुड़ मिलाकर खाये जाये तो सारे दिन शरीर में एनर्जी और इम्यून सिस्टम अच्छी बनी रहती है। और व्यक्ति थकान, कमजोरी महसूस नहीं करता है।
त्वचा बनाने साॅफ्ट दागमुक्त - हेल्दी / Good for Skin Foundation
चना गुड़ एक साथ खाने से त्वचा पर दाग, धब्बे, झुर्रियां नहीं पड़ती है। चना गुड़ पौषण त्वचा को नेचुरल तरीके से स्वस्थ निरोग रखने में सहायक है।

दांत रखे मजबूत / Foods for Healthy Teeth and Gums
गुड़ चने में रिच फाॅस्फोरस, कैल्शियम, पैटेशियम का रिच स्रोत है। जोकि दांत मसूड़ों को स्वस्थ मजबूत रखने में सहायक है।

जुकाम खांसी कफ में आराम  / Cold Cough Relief
सर्दी जुकाम लगने पर गुड़ भुने चने खाना फायदेमंद है। गुड़ चना जुकाम से होने वाले दुष्प्रभाव कफ, खांसी, कण्ठ दर्द सूजन, गले की खर्राश से आराम दिलाने में सहायक है।

अपचन समस्या ठीक करे / Improve Digestion Naturally
कब्ज, गैस, एसिडिटी, अपचन, डकार समस्या दूर करने में चना गुड़ एक साथ खाना फायदेमंद है। सर्दी मौसम में चना गुड़ एक साथ खाने से पेट सम्बन्धित समस्याएं आसानी से मिट जाती हैं।

चना गुड़ खाने में सावधानियां / Gur aur Chana ke Side Effects
1. डायबिटीज मरीज गुड़ चने नहीं खायें।
2. डायबिटीज मरीज केवल भुने चने खायें। भुने चने डायबिटीज मरीज के लिए रिच पौषण स्रोत है।
3. दिन में 1 बार ही गुड़ चने खायें।
4. गुड़ चने खाने के तुरन्त बाद पानी, चाय आदि नहीं पीयें।
5. गुड़ चने सीमित मात्रा में खायें। अधिक मात्रा में गुड़ चने खाने से डायबिटीज एवं अन्य तरह स्वास्थ्य दुष्परिणाम हो सकते हैं।
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लहसुन दूध पीने से फायदे...more

शनिवार, 11 नवंबर 2017

लहसुन दूध पीने से फायदे Health Benefits of Garlic Milk in Hindi

लहसुन दूध पीने से फायदे Health Benefits of Garlic Milk in Hindi

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Garlic Milk Health Benefits / लहसुन और दूध दोनों स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। परन्तु लहसुन अगर दूध में उबाल पर पीयें तो सैकड़ों फायदे हैं। लहसुन दूध मिश्रण सेवन शरीर से कई सक्रमण, वायरल, फ्लू और विभिन्न तरह की बीमारियों को शरीर से दूर रखती है। और कई बीमारियों को जड़ से मिटाने में सहायक है।

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लहसुन दूध मिश्रण कैसे अचूक आर्युवेदिक औषधि रूप है / How Does Garlic Milk Benefits, Garlic Milk Benefits
लहसुन दूध मिश्रण रिच एंटीआॅक्सीडेंट, एंफ्लेमेटरी, पाॅलीसैक्राइड्स, फ्लेवोनाॅइडस, एन्जाइम, प्रोटीन, एंटीबैक्टीरिया, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी गुणों एंव तत्वों का रिच समायोजक बन जाता है। जोकि शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद है।

लहसुन दूध पेय रेसिपी / Garlic Milk  Recipe

1 गिलास कच्चा दूध / Kacha Doodh
5-6 पिसी लहसुन / Lahsun
विधि: 5-6 लहसुन कलियों को पीसकर दूध में मिलाकर हल्की आंच में 2 मिनट उबालें। फिर गर्म-गर्म लहसुन दूध मिश्रण पीयें।

सेवन: Garlic Milk मिश्रण भोजन से 30-35 मिनट पहले पीयें। भोजन करने के तुरन्त बाद यह मिश्रण नहीं पीयें। रोज एक-एक कप या छोटा गिलास मात्रा तक ही पीयें।


लहसुन दूध मिश्रण से आश्चर्यजन फायदे / Lahsun Doodh Ke Fayde, Benefits of Garlic Milk in Hindi


कोलेस्ट्राॅल नियंत्रक / Cholesterol Control
लहसुन दूध में उबालकर पीने से हृदय धमनियां - वहिकाऐं स्वस्थ और सुचारू रहती हैं। लहसुन दूध मिश्रण सेवन गुड कोलेस्ट्राॅल बढ़ाने, हार्ट ब्लाॅकेज खोलने और हृदय घात से बचाने में सहायक है।

सर्दी जुकाम-बलगम कफ से आराम / Cold Cough Relief
सर्दी जुकाम ज्यादा दिनों तक रहने से बनने वाली खांसी कफ बलगम- क्रोनिक कफ समस्या में लहसुन दूध मिश्रण सेवन फायदेमंद है। लहसुन दूध पेय खांसी कफ - बलगम समस्या दूर करने में सहायक है।

कब्ज में राहत  / Constipation Relief
कब्ज समस्या दूर करने में लहसुन दूध मिश्रण सेवन फायदेमंद है। और लहसुन कलियां सुबह खाली पेट खायें।

गैस एसिडिटी अपचन से आराम / Indigestion, Gas, Acidity Relief
एसिडिटी अपचन समस्या रहने पर लहसुन दूध पीना फायदेमंद है। लहसुन दूध मिश्रण सेवन गैस एसिडटी - पेट पाचन सम्बन्धित समस्याओं में फायदेमंद है।

माइग्रेन सरदर्द में आराम / Migraine Relief
माइग्रेन सरदर्द रहने पर लहसुन दूध मिश्रण पीना फायेमंद है। लगातार लहसुन दूध सेवन से माइग्रेन समस्या धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।

जोड़ो के दर्द - गठिया - साइटिका से राहत / Joint Pain, Sciatic Nerve Relief
शरीर अंगों, नसो, सायटिका दर्द, गठिया सूजन समस्या में  Garlic Milk मिश्रण सेवन फायदेमंद है। लहसुन दूध मिश्रण प्राकृतिक पेन किलर का काम करती है। और लहसुन दूध सेवन शरीर अंगों से दर्द सूजन नसों की ब्लाॅकेज गांठ की समस्या धीरे-धीरे ठीक करने में सहायक है।

हड्डियां मजबूत बनाये / Build Healthy Bones
लहसुन दूध मिश्रण पीने से हड्डियों के रोगों दूर होते हैं। और हड्यिां मजबूत निरोग रहती हैं।

रक्त साफ करे/ Blood Purifier Drink
रक्त विकार, खाज, खुजली, कील-मुंहासें होने पर लहसुन दूध सेवन फायदेमंद है। लहसुन दूध मिश्रण सेवन रक्त साफ कर मुहांसे, खाज, खुजली, त्वचा समस्या दूर करती है।

निमोनिया दूर करे/ Pneumonia Relief
निमोनिया होने पर लहसुन दूध मिश्रण सेवन फायदेमंद है। लहसुन दूध निमोनिया से राहत पाने का अच्छा तरीका माना जाता है।

पुरूर्षों की कमजोरी दूर करे / Good for Libido
पुरूर्षों की अंदुरूनी कमजोरी शीघ्रपतन समस्या में लहसुन दूध मिश्रण सुबह खाली पेट 1 कप और रात्रि सोने से 10-15 मिनट पहले 1 कप पीना फायदेमंद है।

कैंसर रिस्क कम करे / Reduce Cancer Risk
विभिन्न तरह के कैंसर समस्याओं में लहसुन दूध मिश्रण सेवन फायदेमंद है। लहसुन दूध सेवन डिमेज कोशिकाओं की मरम्त करने और रक्त साफ करने में सहायक है।

माताओं के लिए फायदेमंद / Increase Breast Milk,  Increase Lactation
माताओं में दूध की कमी होने पर और स्तन पान मुश्किल समस्या में लहसुन दूध मिश्रण पेय फायदेमंद है। लहसुन दूध मिश्रण पीने से स्तनों में नवजात बच्चे के लिए भरपूर दूध निर्माण करने में सहायक है। सप्ताह में 2-3 दिन ही लहसुन दूध सेवन करें।


लहसुन दूध सेवन सावधानियां / Garlic Milk Side Effects in Hindi
1. लहसुन दूध मिश्रण अधिक मात्रा में सेवन नहीं करें।
2. लहसुन दूध बाॅडी को अन्दर से गर्म करता है। जिससे रक्त संचार तीब्र बनता है। इसलिए 1 दिन में 1-1 कप या 1 छोटा गिलास ही पीयें।
2. गर्भवती महिलाऐं लहसुन दूध मिश्रण सेवन नहीं करें।
4. 5 वर्ष तक के बच्चों को लहसुन दूध मिश्रण मना है।
5. आई फ्लू रोग में लहसुन दूध सेवन मना है।
5. लहसुन दूध सेवन हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह सुझाव के बाद करें।
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बुधवार, 8 नवंबर 2017

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें Immune System Boost in Hindi

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें Immune System Boost in Hindi

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HOW TO INCREASE IMMUNITY / FOODS THAT CAN BOOST YOUR IMMUNE SYSTEM / FOODS, ANTIOXIDANTS, VITAMINS, & SUPPLEMENTS FOR IMMUNE SYSTEM
Immune System Boost in Hindi : कमजोर होने पर शरीर में विभिन्न तरह के संक्रमण, वायरल, वायरस, फ्लू तरह-तरह के रोग आसानी से होने लगते हैं।  रोगप्रतिरोधक क्षमता शरीर मजबूत होने से शरीर स्वस्थ और व्यक्ति लम्बी आयु को जीवन यापन करता है। मजबूत इम्यूनिटी सिस्टम शरीर हृदय, किड़नी, मस्तिष्क, लीवर, फेफड़े, वहिकाए, हड्यिां, शरीर के विभिन्न अंग स्वस्थ और रक्त संचार सुचारू रहता है। जो कि Strong Immune System की ओर संकेत करता है।

इम्यून सिस्टम / रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाने वाले विटामिनस और मिनरलस तत्व / Foods That Boost the Immune System, Super Foods for Boosting Immune System


संतुलित आहार / Diet to Boost Immune System 

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खाद्यपदार्थ नित्य डाईट में शामिल करें। जिसमें हरी सब्जियां, नटस, साबुत अनाज, फल, फलों का रस खास तौर पर शामिल हैं।

नेचुरल एंटीआॅक्सीडेंट / Natural Antioxidants
इम्यून सिस्टम बढ़ाने में प्राकृतिक एंटीआॅक्सीडेंटस Food Pyramid रूटीन में शामिल करें। रिच एंटीआॅक्सीडेंट फूड्स शरीर को संक्रमण, वायरल, बैक्टीरिया विभिन्न रोगों से बचाये रखने में खास सहायक होते हैं।

इम्यून सिस्टम बूस्टर विटामिनस मिनरल खनिज तत्व / Immune Boosting Vitamins and Minerals

सेलेनियम / Selenium Foods
मशरूम, सूरजमुखी बीज, काजू, अण्डा, मछली, लाल मीट, प्याज, ब्राउन राईस, ओट्स, मटर, सलगम, चिकन रिच इम्यून बढ़ाने में सहायक है।

रिच बीटा कैरोटीन / Beta-Carotene Foods 
गाजर, टमाटर, हरी फूलगोभी, पालक, राई, सरसों, अनार, चुकंदर, मक्की, मंडुआ एंव खुबानी इम्यून सिस्टम बढ़ाने में शामिल है।

विटामिन ए / Vitamin A Foods
गाजर, लाल मिर्च, अनार, शक्करकंद, खुबानी, ब्रोक्ली, पालक, गोभी, हरी सब्जियां इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है।

विटामिन बी2 / Vitamin B 12 Foods
बदाम, गाय दूध, दही, पनीर, पालक, सोयाबीन, सलमन मछली, अण्डे का सफेद भाग रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने सहायक है।

विटामिन बी6 / Vitamin B 6 Foods
तिल बीज, सूरजमुखी बीज, पालक, केला, गुड़, राजमा, पिस्ता, टूना मछली इम्यून सिस्टम बढ़ाने का अच्छा श्रोत है।

विटामिन सी / Vitamin C Foods 
संतरा, मौसमी, चबूतरा, नींबू, टमाटर, स्ट्राॅबेरी, पपीता, शिमलामिर्च, हरी मिर्च, अमरूद, कीवी, बीन्स, मटर, लौकी, एवोकेडो, पाईनएप्पल, स्ट्राॅबेरी, आम इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है।

विटामिन ई / Vitamin E Foods
बादाम, ताड़ का तेल, जैतून तेल, पालक, चुकंदर, सूरजमुखी बीज, ट्राउट मछली, गेहूं, मक्की, एवोकडो इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है।

विटामिन डी / Vitamin D Foods
सोयाबीन, पालक, गोभी, सेम, बीन्स, सार्डिन मछली, पत्ता गोभी, पनीर और सर्दी मौसम में धूप सेकना इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है।

सभी खाद्यपदार्थ इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक हैं, परन्तु कुछ खास चीजें तेजी से इम्यून सिस्टम बढाने में सहायक मानी जाती हैं।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्यपदार्थ / Best Immune Boosting Foods, Superfoods to Boost Immunity

पौष्टिक संतरा एवं खट्टे मीठे फल / Sweet, Citric Fruits

रिच विटामिन सी वाले फल संतरा, अन्नास, नीबू, चबूतरा, मौसमी और खट्टे मीठे फल विभिन्न तरह के संक्रमण, वायरल, फ्लू के प्रकोप को निष्क्रीय करते हैं। खट्टे मीठे फल सेवन रोगप्रतिरोधक सूचक सफेद रक्त कणों को बढ़ाती रहती है। विटामिन सी वाले फल शरीर में एल.डी.एल. गुड कोलेस्ट्राॅल लेवल को बढाती है। और ब्लडप्रेशर को हमेशा नियंत्रण में रखती है। रिच फू्रटस हार्ट, किड़नी, मस्तिष्क, वहिकाओं, धमनियों, हड्डियों को स्वस्थ रखती हैं। Sweet Citrus Fruits प्राकृतिक रूप से फ्लैवोनाॅयड कम्पाउड बनाते हैं। जोकि रोगतिरोधक क्षमता बढ़ाने में खास सहायक हैं।

स्वास्थ्यवर्धक बादाम / Healthy Almonds
बादाम विटामिनस, मिनरलस खनिज तत्वों का भरपूर स्रोत है। बादाम सेवन शरीर में खास बी-टाईप एन्टीबाॅडीज कोशिकाओं को तैयार करती है। बादाम सेवन शरीर में जरूरी पौषक की पूति के साथ-साथ डी.एन.ए. कोशिकाओं की मरम्त और शरीर से बैक्टीरिया विषाणुओं को नष्ट करने में सक्षम है। बादाम, हृदय, किड़नी, मस्तिष्क, लीवर, हड्डियों, त्वचा, पाचन, रक्त संचार सुचारू, स्वस्थ रखने में सहायक है। बादाम खायें या फिर अन्य तरह से बादाम दूध, किंचन में व्यंजन तैयार करने समय इस्तेमाल करें। हर तरह से बादाम सेवन इम्यून सिस्टम बढ़ाने का अच्छा स्रोत है।

स्वादिष्ट पालक / Spinach Immune Booster
पालक को सुपर फूड भी कहा जाता है। डी.एन.ए. कोशिकओं में टूटने, क्षतिग्रस्त होने पर पालक सेवन कोशिकाओं की मरम्मत का कार्य करती है। पालक रिच विटामिन सी, फाईबर, आयरन, फोलेट, कैरोटीन के साथ-साथ एक रिच एन्टीआॅक्सीडेंट भी है। पेट पाचन कब्ज रक्त विकार, नेत्र रोग एंव विभिन्न तरह की संक्रमण बीमारियों को शरीर से दूर रखने में पालक सेवन फायदेमंद है। पालक इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है। पालक सब्जी, सूप, सलाद, जूस पौष्टिकता से भरपूर रिच इम्यून सुपर फूड श्रेणी में आता है।

निरोग लहसुन / Garlic Immune Booster
लहसुन इम्यून सिस्टम बढ़ाने में रिच एन्टीआॅक्सीडेंट का काम करता है। लहसुन खास इलिसिन तत्वों का निमार्ण करता है। जो शरीर को चोट इंफेक्शन, बैक्टीरिया, वायरल, संक्रमण, ब्लडप्रेशर और विभिन्न तरह के आन्तरिक बीमारियों में बचाने में सहायक है। इम्यून सिस्टम - स्वेत रक्त कोशिकाओं में बढ़ाने के लिए रोज लहसुन सुबह खाली पेट खायें। और लहसुन किंचन में व्यजंन तैयार करने में अवश्य इस्तेमाल करें।

निरोग अदरक / Ginger to Boost Immune System

अदरक स्वाद में तीखी जरूर है। परन्तु संक्रमण, वायरल, बैक्टीरिया नष्ट करने में अदरक खास है। अदरक में मौजूद आयरन, क्लोरीन, कैल्शियम, आयोडीन, करोटीन, विटामिन कम्पलैक्स पाचनतंत्र, हृदय, मस्तिष्क, लीवर, हड्डियों, त्वचा, रक्त संचार को सुचारू स्वस्थ रखने में सहायक है। अदरक एंटीबायोटिक, एंटीआॅक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरिया रूप में महा औषधि है। इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए रोज अदरक चाय, अदरक पेय, अदरक किंचन में व्यंजन पकवान तैयार करते समय इस्तेमाल करें।


निरोग मशरूम / Mushroom Immune Booster
मशरूम सेलेनियम, विटामिन बी, रिबोफ्लैविन, आयरन, नाइसिन, एन्टीआॅक्सीडेंट तत्वों के साथ-साथ एंटीवायरल, एंटी बैक्टीरियल, एंटी ट्यूमर, एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर है। जोकि एक तरह से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक है। सप्ताह में 25 ग्राम तक मशरूम पकवान अवश्य खाने चाहिए। मशरूम प्रजातियों में अधिक रोगप्रतिरोधक क्षमता प्रदान करनी वाली रेशी, मिटाके, शिटाके प्रजातियां खास है। मशरूप सब्जी, सूप, व्यंजन सप्ताह में 1-2 बार बच्चे बडे सभी सेवन करें। मशरूम रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम है।

निरोग हल्दी / Turmeric Immune Booster
हल्दी अपने आप में एक महा औषधि रूप है। हल्दी इम्यून सिस्टम बढ़ाने और रोगों को नष्ट करने में सहायक है। कच्ची हल्दी रस दूध के साथ पीने से इम्यून सिस्टम में तेजी से सुधार होता है। हल्दी दूध रक्त साफ करने और अंदुरूनी इंफेक्शन ठीक करने में सहायक है। हल्दी एंटीआॅक्सींट, एंटीबायोटिक, एंटीबैक्टीरिय और एंटीसेफ्टिक गुण एक साथ मौजूद हैं। हल्दी शरीर को संक्रमण, वायरल, रक्त विकार, कैंसर, फ्लू, त्वचा और विभिन्न तरह के सैकड़ों रोगों को नियंत्रण और मिटाने में सहायक है। हल्दी को हेल्दी से भी पुकारा जाता है।

पौष्टिक ब्राॅक्ली (हरी गोभी) / Broccoli, Boost Your Immune System
बाॅक्ली दिखने में सधारण अवश्य लगती है। परन्तु ब्राॅक्ली में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, ग्लूटाथियोन, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, मिनरल तत्वों का भण्डार है। ब्राॅकली एन्टीआॅक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल और एन्टीसेफ्टिक गुण एक साथ मौजूद हैं। ब्रोकली सलाद, सब्जी, व्यजंन सप्ताह में 1-2 बार अवश्य खायें। ब्रोक्ली सेवन रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने का अच्छा स्रोत है।
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सोमवार, 6 नवंबर 2017

पैरों जूतों की बदबू कैसे हटायें Shoes Smelly in Hindi

पैरों जूतों की बदबू कैसे हटायें Shoes Smelly in Hindi

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GET RID OF SHOES ODOR/ REMOVE SMELL FROM SHOES 
Stinking Shoes, Shoes Odor in Hindi / अकसर कई बार आॅफिस, पार्टी या किसी खास फंक्शन में अचानक जूतों से बदबू आने लगती है। जिससे व्यक्ति को शर्मिदा होना पड़ता है। व्यक्ति की इज्जत पर बन आती है। जूतों से बदबू आने के कई कारण पसीना, बैक्टीरिया, गंदगी, त्वचा फंगलस आदि होते हैं। शोध अनुसार पुरूर्षों के पैरों-जूतों में महिलाओं के पैरों-जूतों से अधिक बदबू आती है।
अगर आप पैरों - जूतों की बदबू से परेशान हैं तो अजमायें खास तरीके।

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पैरों जूतों से बदबू आने के कारण / Smelly Shoes Cause, Stinking Shoes
1. जुराफ मौजे नहीं बदलना, लगातार एक ही मौजा जोड़ी पहनना।
2. जूतों की साफ सफाई नहीं करना।
3. पैरों उगंलियों में फंगल, फंग त्वचा विकार रहना।
4. पैरों तलवों पर पसीना बनना।
5. पैरों और उगंलियों के मध्य बैक्टीरिया बनना।
6. पैरों तलवों पर मैल गंध जमना।
7. आॅफिस, बाहर से घर पर आने पर पैरों की साफ सफाई नहीं करना।
8. त्वचा में अल्कलाइन कम बनना। त्वचा शुष्क एवं रूखी होना।
9. पूरे सप्ताह एक ही जोड़ी जूते पहनना।
10. ज्यादा अण्डा, मछली, मांसाहार या शराब नशीली चाजें के सेवन सेवन पावों जूतों में तेज दुर्गंध बनती है।
11. महिलाओं में मासिक धर्म, या गर्भावस्था के दौरान पैरों में बैक्टीरिया बनना, और त्वचा में अल्कलाइन कम होना।
12. शरीर में अन्दर ही अन्दर इंफेक्शन, रक्त खराब होना भी पैरों जूतों में दुर्गंध बनना है।
इस तरह से Shoes Odor  के उपरोक्त कारण होते हैं। थोड़ा ध्यान दिया जाय तो बड़े आसानी से पैरों जूतों की बदबू से छुटकारा पाया जा सकता है।

पैरों से जूतों की बदबू कैसे हटायें /Remove Shoes Smell in Hindi

जुराफ - मौजें बदलना / Socks Remove, Socks Smellsएक दिन छोड़कर जुराफ - मौजें बदलें। जुराफों पर पैरों की गंदगी, पैरों में पसीना बनना भी एक तरह से जूतों से दुर्गंध आने का कारण है। पसीना सोखने वाले जुराफ - मौजे पहनें।

पैरों की साफ सफाई  / Clean Your Feet
रोज बाहर से आने पर तुरन्त पांवों को नमकीन गुनगुने पानी से धायें। पैरों में फंगलस की वजह से बदबू हटाने के लिए पानी में विगेनर मिलाकर पांव धायें।

जूते धोना / Clean Shoes
चप्पल, कपड़े के जूतों को सप्ताह में 1 बार धायें। चमड़े और अन्य नहीं धाये जाने वाले जूते, चप्पल, सैन्डल पर सफेद सिरके का छिड़काव करें। फिर कपड़े से साफ करें, या पोछें।

जूते सुखाना / Drying Shoes
जूतों को सप्ताह में 2 बार धूप में सुखायें। धूप में जूतों को रखने से पैरों की जूतों की बदबू आने समस्या हट जाती है।

बेकिंग सोड़ा / Baking Soda
पैरों की बदबू आने की समस्या में 2 लीटर पानी में लगभग 5 चम्मच बेंकिग सोड़ा मिलाकर पैरों एड़ियों को रगड़कर धायें। बेकिंग सोड़ा परों की त्वचा से बनने वाले बैक्टीरिया को हटाता है। जिससे पैरों की बदबू हट जाती है।

लेवेंडर आॅयल / Lavender Oil
जूतों से बदबू आने की समस्या में लेवेंडर तेल की कुछ बूंदें जूते पहनते समय जूतों के अन्दर डालें। लेवेंडर तेल, लेवेंडर पौधे का रस जूतों पैरों की बदबू बैक्टीरिया हटाने में सहायक है।

नैफ्थलीन बाॅल / Naphthalene Balls, Camphor 
रात को जूतों के अन्तर नैफ्थलीन बाॅल - कपूर रखें। इससे जूतों की बदबू हट जाती है।

लौंग / Cloves 
जूतों की बदबू हटाने के लिए जूतों के अन्दर लौंग दाने रखें। लौंग जूतों की बदबू हटाने में सहायक है।

सोने से पहले पैरों को धोना / Wash  Feet at Night
नित्य बिस्तर में जाने से पहले पैरों को गुनगुने पानी से धायें। साफ कपड़े से पोछें। इससे रात्रि पैरों पर जमने वाला बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।

आरामदायक खुले जूत सैन्डल / Flexible Shoes
परों की बदबू पसीना, बैक्टीरिया समस्या में  खुले हवादार सैन्डल, जूते पहनें। इससे पैरों के तलवों, उगलियों पर पसीना बैक्टीरिया आसानी से नहीं बनता। परों के अन्दर हवा आसानी से आरपार होती रहती है।

फंगल क्रीम / Smelly Remove Cream
पैरों उगलियों के बीच फंगल होने से पैरों जूतों की बदबू दूर करने के लिए आयुर्वेदिक फंगल रिमूव क्रीम इस्तेमाल कर सकते हैं। कई बार पैरों जूतों से बदबू का कारण पैरों में फंगल, फंग सक्रमंण होता है।

चायपत्ती पानी / Tea Water
सप्ताह में 2 दिन चायपत्ती गुनगुने पानी में पैरों को डुबों कर रखें। फिर रगड़कर धायें। साफ कपड़े से पोछें। चयपत्ती गुनगुना पानी पैरों के बैक्टीरिया मिटाने में सहायक है। जिससे जूते पहने पर बदबू नहीं आती।
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काली मिर्च-बड़ी ईलाइची-लौंग-हलसुन-अदरक के अचूक असर...more

रविवार, 5 नवंबर 2017

स्वास्थ्यवर्धक पौष्टिक निरोग तुरई, तोरी Benefits of Ridge Gourd Tori Vegetable For Health Hindi

स्वास्थ्यवर्धक पौष्टिक निरोग तुरई, तोरी Benefits of Ridge Gourd Tori Vegetable For Health Hindi

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Ridge Gourd in Hindi / स्वादिष्ट पौष्टिक तुरई को विभिन्न नामों तोरी, तोरइ, नेनुआ, ग्वदडी, वनस्पति नाम लुफ्फा एक्युटेंगुला, Ridge Gourd, Luffa Jhinga, Tori, Turi से पुकारा जाता है। शरीर में रक्त बढ़ाने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न तरह की बीमारियों को मिटाने में औषधि रूप है। स्वादिष्ट तोरी सब्जी व्यंजन सभी का मन पसन्दीदा है। तुरई में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी कम्पलेक्स, विटामिन के, प्रोटीन, पोटेशियम, आयरन, बीटा कैरोटीन, फोलेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, ल्यूटिन, जेक्सैथिन और जरूरी मिनरलस पोषक तत्व मौजूद हैं। तोरी को निरोग सब्जी भी कहा जाता है।

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तोरी, तुरई के स्वास्थ्यवर्धक फायदे  / Ridge Gourd Health Benefits in Hindi


रक्त बढ़ाये तुरई  / Increase Hemoglobin, Cure Anaemia
शरीर में रक्त की कमी होने पर रोज तुरई की सब्जी खायें, तुरई जूस, सूप पीयें। तुरई हीमोग्लोबिन लेवन तेजी से बढ़ाने में सहायक है।

शरीर से टाॅक्सिन निकाले तुरई / Remove Toxins From the Body
तुरई खाने से शरीर से विषाक्त पसीने, मल-मूत्र माध्यम से आसानी से निकल आते हैं। तुरई गर्मी मौसम में शरीर को अन्दर से शीतलता प्रदान करने में सहायक है।

आंखों की रोशनी बढ़ाये तुरई / Increase Eyesight
तुरई में विटामिन सी, ई, बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन, जेक्सैथिन की मात्रा में मौजूद है। तुरई आहार में शामिल करने से आंखों की रोशनी तेजी से बढ़ती है।

रक्त साफ करे तुरई / Blood Purifier, Ridge Gourd
जिन लोगों के रक्त दूषित खाज - खुजली - दाद, कोलन कैंसर है। उनके लिए तुरई सब्जी, कच्ची तुरई जूस, और तुरई सूप पीना फायदेमंद है। तुरई रक्त साफ करने में सक्षम है। तुरई सब्जी सलाद सूप जूस सेवन रक्त विकार, कैंसर विकार जैसी विकारों को शरीर में नहीं पनपते देती है।

फैटी लिवर कम करे तुरई / Fatty Liver Reduce
लिवर बीमारियों में तुरई सब्जी, सूप, तुरई रस सेवन फायदेमंद है। तुरई की 2-3 बूदें नाक में डालने से पीलिया जल्दी ठीक करने में सहायक है। लिवर समस्याओं में तुरई की सब्जी, सूप, रस सेवन करें।

वजन नियंत्रण करे तुरई / Weight Loss Ridge Gourd
तुरई मोटापा वजन घटाने में सहायक है। तुरई में लगभग 95 प्रतिशत पानी और 25 प्रतिशत नेचुरल कैलोरी और फाइबर मौजूद है। तोरी पाचन शक्ति बढ़ाती है।

हड्डियों मजूबत करें तुरई / Bones Strength
तुरई में मौजूद मैग्नीशियम, ल्यूटिन, जेकैक्टीनिन, कैल्शियम, विटामिन के मौजूद है। जोकि हड्डियों को मजबूत रोगमुक्त बनाने में सहायक है।

गठिया दर्द सूजन कम करे तुरई  / Swelling Pain Relief
िगठिया, यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरई सब्जी सूप सेवन करना फायदेमंद है। तुरई में विटामिन सी, फाइबर, बीटा कैरोटीन, विटामिन बी कम्पलैक्स एक साथ मौजूद है। तुरई गाउट रोकथाम में सहायक है।

बालों को काला करे तुरई / Black Hair Natural Dye
सफेद बालों को काला करने के लिए ताजी तुरई के छोटे-छोटे टुक्कड़े कर छांव में सुखायें। फिर सप्ताह में 3 बार सूखे तुरई टुक्कड़ों को जैतून तेल में पकायें। फिर छानकर ठंड़ा होने पर बालों पर मालिश - मसाज करें। तुरई बालों को नेचुरली काला करने में सहायक है।

हृदय स्वस्थ रखे तुरई / Good for Heart Health
तुरई उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्राॅल नियत्रंण करने में सक्षम है। तुरई में घुलनशील फाइबर मौजूद है। जोकि एल.डी.एल. -एच.डी.एल. स्तर, उच्च रक्तचाप के खतरे को नियंत्रण में रखता है। तुरई हृदय स्वस्थ रखने में सहायक है।

डायबिटीज नियंत्रण करे तुरई / Diabetes Control
डायबिटीज मरीज के तुरई अति फायदेमंद है। तुरई एक तरह से प्राकृतिक इंसुलिन का काम करती है। तुरई में पेप्टाईड्स पाये जाते हैं। लगातार तुरई सब्जी सेवन करने वाले व्यक्ति को डायबिटीज सम्भावना नहीं के बराबर रहती है।

त्वचा रोगों मिटाये तुरई / Best Foods For Your Skin
सोरायसिस, एक्जिमा, कील, मुहांसे, फंगल जैसे विकारों में तुरई सब्जी खाना, तुरई बेल रस लगाना लाभकारी है।

पाचन शक्ति बढ़ाये तुरई / Improve Digestion Naturally
पाचन शक्ति बढ़ाने में तुरई फायदेमंद है। तुरई आसानी से पाचन करती है। गैस कब्ज एसिडटी ग्रसित व्यक्ति के लिए तुरई खास सब्जी है।

तुरई के अन्य फायदे / More Benefits of Ridge gourd

1. किड़नी स्टोन समस्या में तुरई बेल की 4 चम्मच रस को गाय के ताजे दूध के साथ पीना फायदेमंद है। किड़नी स्टोन मरीज के लिए तुरई बेल रस गाय दूध किसी दवा से कम नहीं है।
2. गर्मी लू लगने पर तुरई जूस में नींबू निचैड़कर पीना फायदेमंद है। और प्याज सलाद खायें। लू गर्मी के दुष्प्रभाव को कम करने में तोरी फायदेमंद है।
3. शरीर पर फोड़े, फुंसियां होने पर तुरई की गांठ पीसकर पेस्ट लगाना फायदेमंद है। और तुरई बेल गांठ रस फोड़े फुंसिंया मिटाने में सहायक है।
4. सफेद बालों को काला करने के लिए सूखी तुरई सब्जी को जैतून या नारियल तेल में पका का लगाने से सफेद बाल काले करने में सहायक है।
5. पेशाब में जलन इंफेक्शन समस्या में तुरई का जूस पीयें और तुरई सब्जी खूब खायें। पेशाब इंफेक्शन जलन मिटाने में तुरई फायदेमंद है।
6. त्वचा पर चकत्ते धब्बे पड़ने पर तुरई बेल रस गाय दूध से बने मक्खन मे मिलाकर लगाना फायदेमंद है। तुरई बेल रस मक्खन त्वचा से चकत्ते धब्बे मिटाने में सहायक है।
7. आंख में फूल, पोथकी पड़ने पर तुरई के कोमल पत्तों की 1-2 बूदें रस डालना फायदेंद है।
8. पाईल्स बीमारी में खूब तुरई सब्जी खायें। और तुरई जूस में बैंगन पकायें। ठंड़ा होने पर गुड़ के साथ मिलाकर खायें। यह विधि पाईल्स मस्से दर्द जख्म जल्दी ठीक करने में सहायक है।
9. तुरई सूखने पर ब्रश रूप में बोर्ड, फर्श, लकड़ी आदि की साफ सफाई में इस्तेमाल किया जा सकता है।
10. पेट पाचन सम्बन्धित विकारों को दूर करने के लिए ताजी तोरी में काली मिर्च, सेंधा नमक मिलाकर पीना फायदेमंद है। यह खास पेय सेवन वजन नियत्रंण, कब्ज, गैस, अपचन समस्याओं में फायदेमंद है।

प्राकृतिक आर्युवेदिक पेन किलर...more

शनिवार, 4 नवंबर 2017

शहद लहसुन खाने से फायदे Garlic with Honey Benefits in Hindi

शहद लहसुन खाने से फायदे Garlic with Honey Benefits in Hindi

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GARLIC AND HONEY ON AN EMPTY STOMACH, HEALTH BENEFITS OF EATING GARLIC WITH HONEY,  IMMUNE BOOSTING HONEY AND GARLIC

शहद - लहसुन मिश्रण आर्युवेद में एक खास प्राचीन प्रसिद्ध अचूक औषधि रूप है। Garlic Honey Remedy विभिन्न तरह के बीमारियों सक्रमण को नियंत्रण करने एंव ठीक करने में खास हैं। लहसुन शहद मिश्रण सेवन शरीर को रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर रोग-विकार मिटाने में सक्षम है। मात्र 7 दिनों में ही Garlic Honey मिश्रण औषधि अचूक असर दिखने शुरू हो जाते हैं। लहसुन शहद खास प्राकृतिक औषधि रूप है।

लहसुन शहद मिश्रण एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीसेफ्टिक, एंटी इंफ्लेमेंटरी गुणों एवं विटामिनस और मिनरलस खनिज तत्वों का रिच स्रोत बन जाता है। जोकि शरीर से तरह-तरह के रोगों विकारों में मिटाने में सक्षम है।


घुटनों दर्द में खास बातें ...more


शहद लहसुन विधि एंव सेवन / Eating Garlic with Honey
5-6 लहसुन छीलकर बारीक पीसें। फिर 1 चम्मच शहद में 5 मिनट तक चम्मच से अच्छे से मिलाये। यह औषधि सुबह खाली पेट और रात्रि सोने से 15-20 मिनट पहले खायें।

लहसुन शहद मिश्रण खाने से फायदे / Garlic with Honey Benefits in Hindi, Garlic Honey Benefits
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये / Boost Immune System
लहसुन शहद सेवन शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम है। लहसुन शहद सेवन संक्रमण वायरल से शरीर को बचाने में रक्षाकवच की तरह कार्य करता है। इम्यून सिस्टम बढ़ाने में लहसुन शहद मिश्रण खास है।

इंफेक्शन ठीक करे / Infection Natural Remedies
शरीर में विभिन्न तरह के इंफेक्शन, फंगल, गलन, त्वचा विकार को दूर रखने में लहसुन शहद सेवन फायदेमंद है। लहसुन शहद मिश्रण रिच एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीसेफ्टिक, एंटी इंफ्लेमेंटरी गणों का स्रोत है। लहसुन शहद सेवन करने से शरीर में होने वाले जख्म, इंफेक्शन विकार मिटाने में सहायक है।

कोलेस्ट्राॅल नियत्रक / Cholesterol Control
कोलेस्ट्राॅल नियंत्रण करने में लहसुन शहद रोज सुबह खायें। लहसुन शहद मिश्रण से हृदय धमनियां - वहिकाएं में रक्त संचार सुचारू करने में सक्षम है। लहसुन सुबह खाली पेट खायें। कोलेस्ट्राॅल समस्या में लहसुन शहद किसी रामबाण दवा से कम नहीं है।

गले की खराश दर्द मिटाये / Sore Throat, Cold and Flu Remedy
गले में खराश, सूजन, दर्द में लहसुन शहद मिश्रण सेवन अचूक घरेलू औषधि है। लहसुन शहद मिश्रण इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद हैं।

सर्दी जुकाम कफ ठीक करे / Cold Cough Remedies
सर्दी जुकाम कफ समस्याओं में लहसुन शहद मिश्रण सेवन फायदेमंद है। सर्दी मौसम में नित्य लहसुन शहद सेवन विभिन्न तरह को संक्रमण वायरल से शरीर को बचाने का अच्छा तरीका है।


साइनस कफ दूर करे / Sinus Cough Cure
साइनस कफ में लहसुन शहद अदरक मिश्रण रोज सुबह शाम सेवन करें। सुबह शाम लहसुन अदरक काढ़ा तैयार कर गुनगुना होने पर उसमें शहद मिलाकर पीयें। ठंड़े पानी, ठंडी हवा, ठंडी चीजों, अधिक वसा युक्त खाने से बचें।

शरीर से विषाक्त मिटाये / Garlic Honey, Natural Detox Remedies
लहसुन शहद मिश्रण सेवन शरीर के विभिन्न अंगों में जमने वाले विषाक्त निकालने में सहायक है। और रक्त फिल्टर करने में खास सहायक है। साथ ही शरीर से गंध दूषित पदार्थ मल-मूत्र पसीने के माध्यम से बाहर निकालने में सक्षम है। लहसुन शहद मिश्रण प्राकृतिक डीटाॅक्स है।

अंदुरूनी कमजोरी मिटाये / Increase Sex Drive
पुरूर्षों में शीघ्रपतन, स्वप्न दोष, स्थिलता दूर करने में लहसुन शहद मिश्रण 1 कप दूध के साथ रात सोने से 15 मिनट पहले सेवन करना खास फायदेमंद है। लहसुन शहद दूध मिश्रणा पुरूर्षों की libido power बढ़ाने का उत्तम माध्यम है।

डायरिया से बचाये / Diarrhea Prevention
डायरिया होने पर शहद लहसुन मिश्रण सेवन फायदेमंद है। शहद लहसुन संक्रमण वायरल मिटाने के साथ-साथ पाचनतंत्र को दुरूस्त रखता है।

शहद लहसुन सेवन सावधानियां / Garlic with Honey Side Effects 
1. शहद लहसुन सीमित मात्रा में सेवन करें।
2. शहद लहसुन अधिक सेवन पेट में जलन गर्मी पैदा कर सकता है।
3. शहद लहसुन दिन में 1-2 बार ही खायें।
4. गर्मी मौसम में शहद लहसुन 1 वक्त ही कम मात्रा में खायें।
5. शहद लहसुन मिश्रण सर्दी मौसम में ज्यादा फायदेमंद है।
6. डायबिटीज मरीज शहद लहसुन मिश्रण नहीं करें। डायबिटीज मरीज केवल लहसुन खायें।

जोड़ों, गठिया के दर्द ठीक करे आर्युवेदिक मालिश...more

गुरुवार, 12 अक्तूबर 2017

लिवर कैंसर लक्षण उपचार Liver Cancer Symptoms in Hindi

लिवर कैंसर लक्षण उपचार Liver Cancer Symptoms in Hindi

Liver-Cancer-Symptoms-in-Hindi, Liver-Cancer-in-HindiSymptoms Of Liver Cancer, liver cancer in Hindi / लिवर शरीर का अभिन्न अंग है। स्वस्थ लिवर के बिना जीवन की कल्पना करना भी असम्भव है। लिवर की समस्या लगभग हर 10 में से 3 व्यक्तियों को है। और हर वर्ष लिवर बीमारियों से भारत में सबसे अधिक मौंतें होती हैं। शोध में लिवर की समस्या 25 वर्ष आयु वर्ग में ही शुरू हो जाती है। और 40 वर्ष वर्ग के बाद लिवर से सम्बन्धित बीमारियां अधिक तेजी से बढ़ती हैं। जिसमें फैटी लिवर, लिवर कैंसर, लिवर संक्रमण, लिवर संकुचलन समस्याएं आम हैं। फैटी लिवर के बाद लिवर कैंसर की समस्या एक गम्भीर विषय है। समय में लिवर कैंसर का उपचार नहीं होने पर व्यक्ति की जान जा सकती है।
अकसर लिवर कोशिकाओं में हीपेटोसेलुलर कार्सिनोमा / Hepatocellular carcinoma (HCC) और कोलेंजियोकार्सिनोमा / Cholangiocarcinoma (Bile Duct Cancer) पित्त नली से संक्रमण शुरू हो जाता है। धीरे-धीरे लिवर कोशिकओं में बढ़ता जाता है और सिरोसिस संक्रमित होकर हेपेटिक / हेपाटोसेलुलर कारसिनोमा / Hepatocellular Carcinoma, यानिकि लिवर कैंसर गांठों के रूप में बदल जाता है।
अकसर लिवर में कोशिकाएं अनिंयत्रित होकर विकसित होने लगती हैं। लिवर में बिनाइन और मेलिगनेंट गांठ बननी शुरू हो जाती हैं। जोकि सिरोसिस लिवर कैंसर सक्रमण है। और लिवर के अन्दर आसपास के ऊतकों / Tissues को सक्रमित कर नष्ट करने लगती है। जिसे लिवर कैंसर कहा जाता है। लिवर स्वास्थ्य जाने के लिए साल में एक बार Health Check up अवश्य करवायें। जांस से शरीर एवं लिवर में होने वाले बदलाव लक्षणों से होने वाली बीमारियों के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। और व्यक्ति स्वास्थय के प्रति सचेत हो जाता है। जोकि शुरूआती बीमारियों को जड़ से मिटाने में सहायक है। स्वास्थ्य अनमोल है। स्वास्थ्य के प्रति हमेशा जागरूक रहें।

लिवर के बारे आश्चर्यजनक तथ्य...more


लिवर कैंसर के लक्षण, कारण और उपचार / LIVER CANCER SYMPTOMS, CAUSE & TREATMENT IN HINDI

लिवर कैंसर के प्रकार / Liver Cancer Types
लिवर कैंसर मुख्यतय 5 तरह का होता है।
1. हेपेटोसेल्यलर कार्सिनोमा/हेपेटामा
2. फाइब्रोलैमेलर एच.सी.सी.
3. एंजियोसारकोमा
4. कोलेंजियोकार्सिनोमा/एक्स्ट्राहेपाटिक
5. हेपेटोबलास्टोमा

लिवर कैंसर लक्षण / Liver Cancer Symptoms in Hindi
अचानक भूख कम लगना।
शरीर का वजन घटना।
पेशाब का रंग बदलना।
बिना कार्य के थकान महसूस करना।
शरीर टूटना और आलस्य होना।
पेट में दर्द और सूजन रहना।
लिवर में विषाक्त तरल जमना।
उल्टी और मतली आना।
लिवर  में ट्यूब पित्त नलिकाओं का बनना
दहिने कंधे, पीठ और हाथों के जोड़ों में दर्द महसूस करना।
पेट के दायी तरह और नाभि के आसपास दर्द होना।
त्वचा पर लाल दाने आना और खुजली होना।
आंखें और त्वचा में पीलापन आना भी लिवर संक्रमण की ओर संकेत करते हैं।


लिवर कैंसर कारण / What Causes Liver Cancer / Liver Cancer Causes in hindi
शराब, धूम्रपान, गुटका, सोड़ा नशीले पदार्थों का सेवन।
हैपेटाइटिस बी, डी संक्रमण।
लिवर  ऊतकों में सिरोसिस।
पीलिया अधिक दिनों तक रहना।
शरीरिक वर्कआउट नहीं होना।
लम्बे समय तक दवाईयों का सेवन।
जंकफूड, तलीभुनी चीजें एवं अनहेल्दी खाद्यपदार्थ।
मोटापा बढ़ना।
किड़नी में पथरी लम्बी समय तक रहना।
बर्कआउट, योगा, व्यायाम और सैर नहीं होना।
लगातार नींद में कमी आना।
Liver Cancer Causes को पहचाने। नशीली मादक चीजों से दूर रहें। समय पर सोये और सुबह समय पर उठने की आदत डालें। खूब सैर, व्यायम, योगा, बर्कआउट करें। दैनिक दिनचर्या उठने, खाने, पीने, सोने का डाईट चार्ट और टाईम टेबल बनायें। डाईट चार्ट - टाईम टेबल के अनुसार खानपान दिनचर्या बनायें।

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लिवर कैंसर की जांच / Liver Check up , Liver Cancer Checkup 
लिवर  कैंसर लक्षणों में तुरन्त लिवर फंक्शन  (LFT) जांच करवायें। जिसमें कई तरह से सही-सही जांच रिजल्ट आते हैं। जैसकि
टोमोग्राफी स्कैन
अल्ट्रासाउंड
एम.आर.आई.
टेस्ला एम.आर.आई.
सी.टी. स्कैन
इंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलैजियो पैंक्रिएटोग्राफी(ERCP)
मैगनेटिक रेसोनेन्स कोलैंजियो पैंक्रिएटोग्राफी (MRCP)
उपरोक्त जांच प्रणाली से लिवर के साथ पूरे शरीर की गतिविधियां, लिवर  एंजाइम एंव बिलीरूबिन, एल्बुमिन जैसे टेस्ट करा सकते हैं।

Liver Cancer Symptoms होने पर तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क सलाह Liver Checkup करवायें। शुरूआती लिवर कैंसर को आसानी से जड़ से मिटाया जा सकता है। सिरोसिस संक्रमण गम्भीर बीमारी नहीं है। परन्तु समय पर उपचार नहीं करने पर व्यक्ति की जान पर बन आती है। 


लिवर कैंसर में घरेलू नुस्खे...more

सोमवार, 9 अक्तूबर 2017

लिवर कैंसर में घरेलू नुस्खे Home Remedies for Liver Cancer in Hindi

लिवर कैंसर में घरेलू नुस्खे Home Remedies for Liver Cancer in Hindi

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Home Remedies for Liver Cancer / लिवर बीमारियों में मीट, शराब, धूम्रपान, सोडा पेय और मादक नशीली चीजों सेवन वर्जित है। डाईट में सादा सात्विक खाना खायें। बाहर के खाने-पीने की चीजें पूर्ण रूप से बन्द कर दें। खूब पानी पीयें। सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, नट्स एंटीआॅक्सीडेंट, एंटीबायोटिक युक्त खाद्यपदार्थ डाईट में शामिल करें। नित्य योगा, व्यायाम, सैर करें।

लिवर कैंसर रोकथाम / Liver Cancer Treatment in India, Home Remedies for Liver Cirrhosis


अनार / Pomegranate
Liver Cancer  में अनार के छिलकों को उबाकर काढ़ा पीना फायदेमंद है। और अनार जूस पीये, अनार फल खायें।

एंटीबायोटिक लहसुन / Garlic
लहसुन में सल्फर कम्पाउड प्रचुर मात्रा में मौजूद है। लहसुन एन्जाइम को स्वस्थ करने में और विषाक्त पदार्थ निकालने में सहायक है। सुबह उठकर खाली पेट 3-4 लहसुन कलियां खायें। लहसुन सब्जी, दाल, किंचन में खूब इस्तेमाल करें।

अदरक / Ginger
अदरक सब्जी, दाल, चाय आदि व्यजंन बनने में खूब इस्तेमाल करें अदरक का बारीक कूटकर आधे चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में 1 बार सेवन करें। अदरक काफी हद तक लीवर कैंसर सक्रमण रोकथाम में सहायक है।

कच्ची हल्दी / Turmeric
लिवर कैंसर ठीक करने में कच्ची हल्दी / Fresh Turmeric सेवन फायदेमंद है। दूध में 4-5 बूंदे कच्ची हल्दी के मिलाकर सुबह शाम सेवन करें। कच्ची हल्दी सेवन तेजी से लीवर कैंसर ठीक करने में सहायक है। Kachi Haldi किंचन में खाना तैयार करते समय इस्तेमाल करें। अगर कच्ची हल्दी नहीं हो तो, हल्दी पाउडर इस्तेमाल करें।

ग्रीन-टी / Green Tea
ग्रीन टी में एंटीआॅक्सीडेन्ट और एंटीबायोटिक गुण रिच मात्रा में मौजूद हैं। ग्रीन टी लिवर फैट और पित्त संक्रमण कम करने में सहायक है।

मौसमी फल जूस / Mosambi
मौसमी का जूस और मौसम खाने से लिवर कैंसर और लीवर फैट को धीरे-धीरे कम होता है। मौसमी में केमिसल कम्पाउड गुण पाया जाता है।

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एवोकाडो / Avocado
लिवर कैंसर और लीवर फैट कम करने में एवोकाडो फायदेमंद है। एवोकाडो में केमिकल कम्पाउड रिच मात्रा में मौजूद है। एवोकाडो लीवर सक्रमण फैट कम करने में सहायक है।

तुलसी पत्ते और तुलसी ड्राॅप / Tulsi Leaf, Tulsi Drops
लिवर बीमारियों को दूर करने में तुलसी पत्ते सेवन करना फायदेमंद है। और तुलसी बूंदे चाय, दूध, जूस, दही में डालकर इस्तेमाल करें। तुलसी पाचन, लिवर स्वास्थ्य के खास मानी जाती है।

हरा धनिया / Green Coriander
हरा धनियां दाल सब्जी खाने में इस्तेमाल करें। और रोज लगभग आधा कप धनिया रस में चुटकीभर काला नमक मिलाकर पीयें। धनिया लीवर फैट और लिवर संक्रमण कम करने में सहायक है।

नींबू / Lemon 
नींबू लिवर कैंसर रोकथाम में सहायक है। प्याज और ककड़ी सलाद में नींबू निचैड़ कर खायें। नींबू में विटामिन सी रिच मात्रा में मौजूद है। नींबू ब्लड साफ करने, ब्लडप्रेशर नियंत्रण करने और  पाचनतंत्र दुरूस्त सुचारू रखने में सहायक है।

चुकंदर / Beetroot
लिवर कैंसर में चुकंदर सलाद खायें। और रोज चुकंदर जूस पीयें। चुकंदर रक्त साथ करने और लिवर संक्रमण घटाने में सहायक है।



लिवर कैंसर में अन्य घरेलू उपाय / Cure Liver Cancer Naturally, Natural Remedies for Liver Cancer
कच्चा नारियल पानी पीयें।
जौ अनाज को रात को भिगों कर रखें। सुबह उठकर खाली पेट जौ पानी छानकर पीयें।
छाछ में सेंधा नमक मिलाकर पीयें।
बैंगन को आग में भूनकर खायें।
अंकुरित चने रोज सुबह खायें।
अंकुरित मेथी और मेथी पत्तों की सब्जी खूब खायें।
गाजर सलाद और गाजर जूस पीयें।
टमाटर जूस और टमाटर सलाद में खायें।
पालक सब्जी खायें।
प्याज रस और प्याज सलाद खायें।
नींबू पानी पीयें।
कलौंजी रात को भिगों कर रखें, सुबह उठकर कलौंजी पानी छानकर पीयें।
रोज सुबह शाम 40-45 मिनट सैर करें।
खूब पसीना बहायें।
धूम्रपान से दूर रहें।
शराब, बीयर, सोड़ा पेय, जंकफूड, अन्हेल्थी चीजों से परहेज करें।

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रविवार, 8 अक्तूबर 2017

अंजीर खाने के फायदे Anjeer Health Benefits in Hindi

अंजीर खाने के फायदे Anjeer Health Benefits in Hindi

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Anjeer in Hindi / अंजीर खाने में स्वादिष्ट और पोष्टिक गुणों से भरपूर फल है। अंजीर को दूध के साथ, पकने पर, सुखाकर, मेवा, मुरब्बा रूप में खाया जाने वाल स्वास्थ्यवर्धक फल है। अंजीर में आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, सेल्यलोज, पोटेशियम, गंधक, फास्फोरस एसिड, सोडियम, फाॅलिक एसिड़, विटामिनस ए, बी, सी, एवं मिनरलस प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। अंजीर एक तरह से रिच एन्टीआॅक्सीटेंट फल है। अंजीर दो तरह की होती हैं। एक मीठी और दूसरी फीकी। दोनों तरह की अंजीर सेवन फायदेमंद है। फीकी कच्ची अंजीर डायबिटीज मरीज के लिए उत्तम शर्करा नियंत्रक फल है। अंजीर के बारे में विस्तार से इस प्रकार से है।

मेथी के फायदे...more


अंजीर से फायदे  Figs, Anjeer Benefits in Hindi, Benefits of Figs 


डायबिटीज नियंत्रक अंजीर / Diabetes Control
डायबिटीज मरीज के लिए कच्ची, फीकी अंजीर सेवन, और अंजीर कोमल पत्तों का रस, अंजीर छाल काढ़ा अति फायदेमंद है। अंजीर एक तरह से नेचुरल इंसुलिन का कार्य करती है। डायबिटीज में पकी हुई मीठी अंजीर खाने से परहेज करें।

गले की खराश दर्द, जुकाम में अंजीर / Good for Sore Throat
गले से सम्बन्धित समस्याओं जैसेकि गला बैठना, गले में दर्द, खराश, सूजन समस्याओं में अंजीर, दूध, हल्दी मिश्रण सेवन असरदार औषधि रूप है। जुकाम होने पर अंजीर उबालकर काला नमक मिलाकर सेवन करें।

पाचनतंत्र दुरूस्त करे अंजीर / Good Food for Digestive System
पाचन में गड़बड़ी, अपचन, कब्ज जैसी समस्याओं में अंजीर सेवन अति फायदेमंद है। अंजीर में नेचुरल फाइबर रिच मात्रा में मौजूद है। हर रोज शरीर को लगभग 20-22 प्रतिशत फाइबर की जरूरती होती है। अंजीर सेवन फाइबर पूर्ति करने का उत्तम माध्यम है। सूखी अंजीर दूध के साथ उबालकर खायें। या फिर पानी में 3-4 घण्टे भिगों कर रखें फिर मसल कर खायें। अंजीर पाचन के लिए उत्तम फल है।

अस्थमा निवारण अंजीर / Asthma Prevention
अंजीर के कोमल पत्ते उबालकर सेवन करना, पके अंजीर दूध लौंग मिश्रण पीने से अस्थमा कफ स्वांस समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक है। अंजीर में पोटेशियम प्रचुर मात्रा में मौजूद है। अंजीर रक्त संचार चाप लेवल नियंत्रण करने में सहायक है। अंजीर एंटीआॅक्सीडेंट फल है।

शरीर में रक्त की पूर्ति करे अंजीर / Good for Anemia
रक्त की कमी होने पर रोज दूध में अंजीर सेवन करना फायदेमंद है। अंजीर सेवन तेजी से शरीर में कैल्शियम, आयरन, फाॅलिक एसिड़ की पूर्ति आसान करता है।

हेल्दी कैलोरी अंजीर / Weight Loss Diet
वजन घटाने, मोटापा नियंत्रण करने में अंजीर सहायक है। 30 ग्राम के बराबर अंजीर में लगभग 50 कैलोरी और मात्र 0.3 तक फैट होता है। जोकि फैट वजन नियंत्रण करने में सहायक है। जिम जाने वाले व्यक्तियों के अंजीर अच्छी डाईट है।

हाई ब्लडप्रेशर नियंत्रक अंजीर / Hypertension Diet
अंजीर में सोडियम, पोटाशियम, बीटा कैरोटीन प्रचुर मात्रा में मौजूद है। और 20 ग्राम सूखी अंजीर में 130 ग्राम पोटाशियम, 4 ग्राम सोडियम, 0.9 बीटा कैरोटीन है। जोकि हाइपरटेंशर नियंत्रण करने सहायक है।

हृदय स्वस्थ रखे अंजीर / Superfoods for your Heart
हृदय स्वास्थ्य के लिए अंजीर सेवन फायदेमंद है। अंजीर में एन्टीआॅक्सीटेंट रिच मात्रा में मौजूद है। अंजीर वहिकाओं को सुचारू, और ब्लाॅकेज सुचारू - स्वस्थ करने में सहायक है।

अंदुरूनी शक्तिवर्धक अंजीर / Increase Sexual Stamina
शरीरिक कमजोरी होने पर 1 गिलास दूध में लगभग 10 ग्राम सूखी अंजीर, चुटकीभर बादाम - केसर - पिस्ता - चिरौंजी और 1 चम्मच देशी घी मिलाकर 2 घण्टे के लिए छोड़ दें। फिर हल्की आंच में दूध मिश्रण उबालकर पीयें। यह अंदुरूनी कमजोरी, स्थिलता, शीघ्रपतन, शरीरिक कमजोरी दूर करने सहायक है।

हड्डियां मजबूत करे अंजीर  / Bones Strong Food
अंजीर में कैल्शियम आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद है। अंजीर दूध के साथ सेवन करें। और कच्ची अंजीर खायें। अंजीर हड्डियां मजबूत करने में सहायक है। कच्ची अंजीर की सब्जी भी खा सकते हैं।

पाईल्स निवारण अंजीर / Piles Cure Naturally
खूनी पाईल्स, सूखी पाईल्स रोकथाम में अंजीर सहायक है। 1 गिलास दूध में 20 ग्राम मीठी अंजीर, 5 ग्राम किशमिश भिगो कर रखें। 2 घण्टे बाद हल्की आंच में पका कर मिश्रण सेवन करें। यह विधि खूनी बवासीर, सूखी बवासीर को मात्र 7-10 दिनों में ठीक करने में सहायक है। मिर्च, मसाले, तली भुनी चीजें, शराब, बीयर, गुटका, तम्बाकू, बाहर के खाने से परहेज करें।

कमरदर्द में अंजीर / Back Pain Relief
लगातार लम्बे समय से कमर दर्द समस्या से आराम पाने के लिए अंजीर छाल, धनिया बीज और अदरक सौंठ बारीक कूटकर 2-3 पानी में भिगों कर रखें। फिर पानी छानकर पीयें। कमरदर्द से आराम दिलाने में अंजीर छाल, धनिया, अदरक मिश्रण पेय फायदेमंद है।

बथुआ Benefits...more