सोमवार, 18 सितंबर 2017

क्षय रोग के लक्षण कारण और उपचार Tuberculosis Disease in Hindi

क्षय रोग के लक्षण कारण और उपचार Tuberculosis Disease in Hindi

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क्षय रोग जिसे आम भाषा में T.B. (Tbuberculosis), तपेदिक, यक्ष्मा, राजयक्ष्मा, ट्यूबरकुलोसिस, कहा जाता है। टी.बी. Mycobacterium Tuberulosis जीवाणु से फेफड़ों Lungs पर प्रभावित संक्रमित करता है। T.B. रोग का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव फेफड़ो, टांसिल्स पर पडता है। फिर गुर्दें, लीवर, आंतों, त्वचा, शरीर अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। टी.बी. रोग का समय का इलाज जरूरी है। क्षय रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। आंकड़ों शोध अनुसार क्षय रोग हर 3 में से 1 व्यक्ति को है। शोध में Tuberculosis Disease को 52 तरह से माना गया है। कुछ लोगों को लगातार कफ बनना, खांसी रहना, कभी-कभी बलगम आना भी एक तरह से Normal T.B.के लक्षण होते हैं। जोकि जांच में आसानी से नहीं आती। परन्तु गंभीर लक्षण स्थिति में व्यक्ति मैडिकल जांच करवाने पर टी.बी. संक्रमण का पता चलता है। टी.बी. से हर वर्ष लाखों लोगों की मृत्य हो जाती है। टी.बी. बैक्टीरिया को Mycobacterium Bovis (M. Bovis), Latent TB से भी जाना जाता है। स्वास्थ्य अनमोल है। स्वास्थ्य के प्रति हमेशा जागरूक रहें। हर वर्ष 24 मार्च को दिवस रूप में विश्व भर में World Tuberculosis Day मनाया जाता है। लोगों को टी.बी. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है।

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क्षय रोग कैसे होता है और टी.बी के कारण / Causes of Tuberculosis in Hindi / Causes of TB
1.  अकसर TB Disease ज्यादा दिनों तक सर्दी जुकाम खांसी रहने से व्यक्ति को हो सकती है। जिससे फेफड़े, संक्रमित हो जाते हैं। खांसी में कफ बलगम में खून आने लगता है। 3 सप्ताह से ज्यादा समय तक सर्दी जुकाम खांसी बलगम रहने पर तुरन्त TB Dots Center से सम्पर्क करें। जांच करवायें।

2. टी.बी. जीवाणु संक्रमित व्यक्ति के खांसने, थूकने, छींकने और मरीज के वस्त्र, विस्तर, टूथ ब्रश आदि चीजें इस्तेमाल के दौरान जीवाणु स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं।

3. कई बार टी.बी. के Borine जीवाणु सूअर, गाय, भैंस, चिकन, बकरी आदि जीव जानवरों से भी इंसानों में असानी आ जाते हैं। मांसाहार व्यक्तियों में टी.बी. के जीवाणु जल्दी सक्रीय हो सकते हैं। जानवरों के शरीर में विभिन्न तरह की कीटाणु, जीवाणु मौजूद होते हैं। अधपक्का, कच्चा मांस खाने से जीवाणु कीटाणु आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। मांस पूर्ण रूप से पकाकर खायें। और गाय भैंस कर दूध परी तरह से उबाल कर इस्तेमाल करें।


टी.बी. रोग के मुख्य लक्षण / TB Disease Symptoms in Hindi / TB Symptoms in Hindi

  • 3 सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी
  • खांसी में बलगम और खून आना
  • बार बार कफ बनना
  • हलका और तेज बुखार महसूस करना
  • रात सोये में पसीना आना
  • भूख कम लगना
  • गले में सूजन दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • छाती में दर्द सूजन महसूस करना
  • साथ में बदन - हड्डियों में दर्द होना

इस तरह के उपरोक्त TB Disease Symptomsहैं। तुरन्त टी.बी. डाॅट सेन्टर में चिकित्सक से सम्पर्क करें। टी.बी. लक्षणों का उपचार समय पर करवाना जरूरी है। समय पर दवा उपचार नहीं करवाने पर टी.बी. बीमारी जानलेवा हो सकती है।

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टी.बी / क्षय रोग जांच निदान/ TB Diagnosis in Hindi
क्षय रोग रोग के लक्षणों में निम्न परीक्षण करवाने पर रोग स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सकता है। और समय पर सही उपचार सम्भव है।

थूक परीक्षण / Sputum Text : थूक कफ जांच से टी.बी के कीटाणुओं विषाणुओं का फेफड़ों में संक्रमित स्थिति का पता आसानी से लगाया जा सकता है। और बैसीलस टी.बी जीवाणु विषाणु पकड़ में जा जाता है।

सीना X-Ray : क्षय रोग के फैलाव फेफड़ों कितना है। एक्रे से आसानी से पता लगाया जा सकता है।

स्किन परीक्षण / Mantoux Text : क्षय रोग का त्वचा पर इंजेक्शन लगाकर 48 घण्टे बाद Positive और Negative स्थिति का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

Microscopic, Biopsy Test : टी.बी./क्षय रोग जांच में चिकित्सक रोगी के रक्त, पेशाब, शरीर गांठ का हिस्से की जांच सकते है।।



क्षय रोग इलाज / TB Treatment in Hindi 
क्षय रोग होने पर रोगी को टी.बी. एंटी डोट्स दिये जाते हैं। अकसर टी.बी. बीमारी को तीन श्रेणी में विभाजित जांच द्वारा उपचार किया जाता है। जिनमें Pulmonary Tuberculosis (TB), Latent TB  और Pulmonary TB श्रेणी हैं।
टी.बी. Anti TB Medicine दवा मरीज को 6 महीने से 9 महीने तक दी जाती है। टी.बी. सफल इलाज सरकारी हस्पताल, टी.बी. डाॅट्स केंद्रों पर मुफ्त में उपलब्ध है। टी.बी. की दवाईयों निरन्त चिकित्सक द्धारा बताये गये समय सीमा तक सेवन करना जरूरी है। बीच में दवाईयां छोड़ने पर टी.बी. बीमारी गम्भीर हो सकती है। टी.बी. का पूर्ण इलाज जरूरी है। खास तौर पर टी.बी. इलाज में मरीज की दी जाने वाली दवाईयां Ethambutol, Pyrazinamide, Rifampicin, Rifater, Tebrazid आदि तरह की एंटीबायोटिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक डाट्स शामिल हैं। जोकि डाॅक्टर जांच के माध्यम से मरीजों को TB Medicines, TB Dots  दी जाती हैं।
और बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी स्वस्थ्य सम्बन्धी टीके एवं डाट्स समय पर लगायें। जिससे बच्चों में संक्रमण, वायरल, हेपेटाइटिस, लकवा, क्षयरोग आदि विभिन्न तरह के रोगों से लड़ने की रोगप्रतिरोधक क्षमता शरीर में बनी रहती है।

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क्षयरोग रोकथाम उपाय Prevent Tuberculosis in Hindi

क्षयरोग रोकथाम उपाय Prevent Tuberculosis in Hindi

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टी.बी. से बचने के सफल उपाय  / Prevent Tuberculosis, T.B. Prevention Tips in Hindi

1. क्षय रोग लक्षण में दवा उपचार अवधि पूर्ण करें। बीच में टी.बी. उपचार दवाईयां सेवन बंद नहीं करें। टी.बी. का 6 से 9 महीने तक उपचार करवायें। डाॅक्टर की सलाह और जांच के बाद ही T.B. Medicines बंद की जाती हैं।

2. खांसते समय ध्यान रहे, कि कफ, थूक, बलगम आसपास नहीं गिरे। क्षयरोग ग्रसित व्यक्ति से अन्य स्वस्थ व्यक्ति भी चपेट में आ सकते हैं।

3. TB Patient का विस्तर, कपड़े, तौलिया, साबुन, ब्रश, खानपान अलग करें।

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4. शिशुओं को स्वास्थ्य विगाग द्वारा जारी बी.सी.जी., बैक्सीन टीके एवं डाट्स समय समय लगवायें। जिससे बच्चों में जीवन भर रोगप्रतिरोधक क्षमता रक्षा कवच रूप में बनी रहती है।

5. जब भी खांसी छींक आये तो मुंह पर रूमाल रखें। खुले वातावरण में छींकने खांसने से बचें।

6. ज्यादा भीड़भाड़ जगहों पर जाने से बचें।

7. पानी हमेशा उबालकर पीयें। ठंड़ा और वासी भोजन से परहेज करें।

8. हमेशा साफ सफाई पर ध्यान दें। गंदगी में वायरल, संक्रमण तेजी से फैलता है।

9. आसपास मक्खी, मच्छर गंदगी नहीं होने दें। मक्खी गंदगी परजीवी रोगों को तेजी से फैलाती हैं।

10. समय समय पर घर को आसापास कीटाणु परजीवी रोधी छिड़काव करवायें।

11. धूम्रपान, शराब क्षय रोग को तेजी से बढ़ाती हैं। और धूम्रपान शराब सेवन टी.बी. रोग में दवाईयां के असर कम करती हैं। धूम्रपान शराब सेवन टी.बी. के दौरान फेफड़ों अधिक क्षति पंहुचाती है। जिससे टी.बी. कभी ठीक नहीं होती और क्षयरोगी की लम्बे समय बाद मृत्यु सम्भव है।

12. गैस, गंध, दुर्गंध, दूषित हवा से बचें।

13. जूठन खाने से बचें। कई व्यक्ति आॅफिस, घर, अन्य वातावरण में एक दूसरे के साथ जूठा खा लेते हैं। जिससे रोग - संक्रमण कीटाणु असानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंच जाते हैं।

14. बासी भोजन खाने से बचें। हमेशा ताजा सात्विक भोजन करें।

15. क्षयरोगी के गिलास, कटोरी, थाली आदि बर्तन अलग कर दें।

16. नित्य सुबह शाम सैर, योगा व्यायाम करें। योगा व्यायाम सैर शरीर निरोग बनाने में सहायक है। नित्य सैर योगा व्यायाम करने वाले व्यक्ति हमेशा स्वस्थ निरोग जीवन यापन करते हैं।

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रविवार, 17 सितंबर 2017

टी.बी. रोग में घरेलू उपचार Home Remedies for TB Patients in Hindi

टी.बी. रोग में घरेलू उपचार Home Remedies for TB Patients in Hindi

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क्षय रोग से निजात पाने के अचूक घरेलू तरीके
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टी.बी. क्षयरोग एक तरह से Mycobacterium Tuberculosis Bacteria है। जोकि सीधे फेफड़ों पर दुष्प्रभाव डालता है। जिससे खांसी, कफ, बलगम में खून, छाती दर्द, सांस लेने में परेशानी और अचानक तेज खांसी आना जैसे आम लक्षण हैं। क्षयरोग को दवाईयों के साथ-साथ घरेलू तरीके अजमाने से जल्दी और आसानी से सुधार ठीक किया जा सकता है।

क्षयरोग में आर्युवेदिक घरेलू इलाज / Home Remedies and Tips for TB Patients 

दूध, शहद और पीपल बीज
क्षय रोग में एक गिलास गाय के दूध में 5-6 पीपल बीज, छोडी सी अदरक डालकर हल्की आंच में पकाये। फिर दूध छान कर उसमें 1 चम्मच शहद डालकर पीयें। यह खास दूध क्षय रोग में फेफड़ों, खांसी, कफ, बलगम होने से रोकने में सहायक है। और साथ ही अन्य तरह की शरीरिक बीमारियों दूर करने में खास फायदेमंद है।


मुलहटी
मुलहटी अचानक तेज खांसी रोकने और गले के दर्द सूजन कम करने सहायक है।


लहसुन
सुबह उठकर खाली पेट लहसुन की 3-4 कलियां खायें। लहसुन टी.बी. मरीज के लिए खास है।

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दूध और लहसुन रस
1 गिलास गर्म दूध में 6-7 लहसुन रस बूंदें मिलाकर पीयें। या फिर लहसुन पीसकर दूध में पकाकर खायें।
लहसुन और दूध मिश्रण सेवन टी.बी मरीज के लिए अचूक औषधि रूप है।


गर्म मसाले
किंचन में खाना बनाने में लहसुन, अदरक, कालीमिर्च, लौंग, ईलायची, धनिया, गर्म मसाले इस्तेमाल करें। गर्म मसाले एक तरह से रिच एंटीबायोटिक और एंटीबैक्टीरियल हैं।


प्याज सेवन
कच्चा प्याज खूब खायें। सलाद में साधारण नमक की जगह काला नमक, सेंधा नमक मिलाकर खायें। प्याज, सेंधा नमक, काला नमक, कफ-बलगम रोधक है।


देशी घी और मिश्री
थोड़ी मिश्री को देशी घी में पकाकर खायें। देशी घी मिश्री मिश्रण क्षय रोग निवारण में फायदेमंद है।


आंवला हींग
टी.बी. मरीज के कच्चा आंवला खाना और कच्चे आंवलों का जूस में हींग मिलाकर पीना फायदेमंद है। आंवला पेट पाचन, फेफड़ों को स्वस्थ रखने में खास है। अंवला सेवन के अनेको फायदे हैं।


तुलसी और काली मिर्च
गुन गुने पानी में 8-10 तुलसी पत्ते, 4-5 पिसी काली मिर्च, हींग और काला नमक मिलाकर गर्म गर्म सेवन करें। यह मिश्रण काफी हद तक तीब्र खांसी कफ से छुटकारा दिलाने में सहायक है।


सेब और ईलायची
5-6 घण्टे पहले सेब में छोटी ईलायची चुबों कर रखें। फिर सेब ईलायची खायें। ईलायची सेब खाना टी.बी. रोग में फायदेमंद है। टी.बी. रोग में सुधार करता है।


संतरा जूस और काला नमक
टी.बी. मरीज के ताजे संतरा खाना और ताजे संतरा जूस में थोड़ा काला नमक मिलाकर पीना फायदेमंद है। संतरा शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने अच्छा माध्यम है। जोकि टी.बी. मरीज के अच्छा माना जाता है।


अदरक और शहद
अदरक को बरीक पीसकर उसमें 1 चम्मच शहद 4-5 मिनट तक मिलाकर सुबह शाम खायें। अदरक शहद मिश्रण खांसी, कफ, बलगम से छुटकारा दिलाने में खास सहायक है।

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सहजन पत्ते
टी.बी. मरीज के लिए सहजन के कोमल पत्तों को हल्की आंच में उबालें। फिर थोड़ा ठंड़ा होने पर 1 गिलास रस में 1 नींबू निचैंड़ कर पीयें। सहजन टी.बी. बीमारी को तेजी से ठीक करने में सक्षम है।



केला तना रस
एक कप केले के तने के रस, 1 लीटर पानी, 2 चम्मच काला नमक मिलाकर उबालें। फिर सूती कपड़े में डुबों कर छाती सूजन जगह पर सिकाई करें। केला तना रस और काला नमक पानी फेफड़ों के संक्रमण, सूजन, दर्द ठीक करने में सहायक है।


अखरोट, लहसुन और घी
अखरोट और लहसुन को पीसकर गाय के घी में पकाकर खायें। 5 मिनट बाद आधा कप गुनगुना पानी पीयें। अखरोट लहसुन देशी घी के साथ पका कर खाना टी.बी. रोग में फायदेमंद है।


केला और दूध
टी.बी. मरीज के पक्का केला दूध के साथ सेवन करना फायदेमंद है। पक्के केला दूध में रायल, रायता, केला दूध सेक बनाकर सेवन करें।


लौंकी काढ़ा
1 लीटर पानी में 50 ग्राम बारीक लौंकी टुकड़े, 10 ग्राम जौं आटा, 5-6 पिसी काली मिर्च और 4-5 पिसी लौंग मिलाकर हल्की आंच में पकायें। काढ़ा तैयार होने पर ताजा-ताजा पीयें। यह काढ़ा टी.बी मरीज के फायदेमंद है। यह काढ़ा कफ, बलगम, खांसी से आराम दिलाने में खास सहायक है।

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क्षय रोग में खान पान TB Patient Diet Chart in Hindi

क्षय रोग में खान पान TB Patient Diet Chart in Hindi

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Diet for TB Patient : क्षयरोग होने पर दवाईयां सेवन के साथ-साथ खान पान पर ध्यान देना जरूरी है। रिच पौषण डाईट से शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है। जोकि शरीर को जीवाणुओं, कीटाणुओं एवं विषाणुओं के संक्रमण से बचाने में सक्षम है। नेचुरल एंटीबायोटिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक चीजें टी.बी. रोग में तेजी से सुधार करने में सक्षम हैं। जिनमें निम्न कुछ खास खाद्यपदार्थ शामिल हैं।

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क्षयरोगी के लिए खान-पान चयन / TB Patient Diet Chart in hindi, What Not to Eat in TB
रिच कैलौरी फूडस, रिच प्रोटीन फूड्स, ओमेगा फूड्स, विटामिन ए, सी, ई, विटामिन बी कम्पलैक्स, सेलेनियम और जिंग फूड्स टी.बी. मरीज के उत्तम फूड्स हैं। यह खास योगिक गुण तेजी से क्षयरोग को मिटाने खास हैं।


हरी पत्तेदार सब्जियां
टी.बी. रोग में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सरसों, राई, धनिया, सुआ, मूली पत्ते, बथुआ, चैलाई सेवन करना फायदेमंद है।


सब्जियां
प्याज, शिमला मिर्च, टमाटर, ब्रोकली, नींबू, मशरूम, करेला, खीरा, चुकंदर, अंकुरित चना, मटर टी.बी. मरीज के लिए रिच डाईट सब्जियां हैं।


अनाज
गेहूं-रागी-जौ युक्त रिच फाइबर आटा, साबूत अनाज, सोयाबीन दाल, काला चना, रवा लड्डू, रागी सत्व, मूंग दाल, रांगी दाल, मसूर दाल, टी.बी. मरीज के फायदेमंद डाईट है।


पौष्टिक फल
पपीता, संतरा, सेब, ब्लूबेरी, चैरी, आम, केला, अनार, अमरूद, आंवला, जामुन, सीताफल सेवन टी.बी. रोग में फायदेमंद फल हैं।


डाईफूड्स
अखरोट, काजू, बदाम, सूरजमुखी बीज, कद्दू बीज, किशमिश टी.बी. मरीज के लिए हेल्दी डाईट में शामिल करना फायदेमंद है।


दुग्ध खाद्यपदार्थ
टी.बी. मरीज के लिए दूध, दही, पनीर, मक्खन सेवन रिच पौषण युक्त दुग्ध खाद्यपदार्थ फायदेमंद हैं।


ग्रीन टी
टी.बी. रोग में चाय, काॅफी की जगह ग्रीन टी पीना फायदेमंद है।


नारियल पानी
क्षयरोग में नारियल पानी पीना फायदेमंद है। कच्चा नारियल रिच विटामिनस मिनरल पौषण स्रोत है।


नाॅनवेज
टी.बी. रोग में मछली सेवन खास तौर पर फायदेमंद है। सलमन, टूना मछली रिच प्रोटीन ओमगा-3 पौषण स्रोत है। अण्डा, चिकन सीमित मात्रा में सेवन करें।

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गाजर जूस
क्षयरोग में गाजर सलाद खायें और गाजर जूस में काला नमक मिलाकर पीयें।


अनार जूस
टी.बी. मरीज के लिए अनार जूस सेवन फायदेमंद है। अनार तेजी से रक्त साफ करने और रक्त की पूर्ति करने अच्छा स्रोत है।


चुकंदर जूस
चुकंदर जूस और सलाद फेफड़ों, किड़नी, लीवर के रिच डाईट है। टी.बी, मरीज के लिए चुकंदर सेवन खास फायदेमंद है।


पाईनएप्पल जूस
क्षयरोग में अनानास जूस पीना फायदेमंद है।


तेल इस्तेमाल
आॅलिव आॅयल, शुद्ध संरसों तेल, टी.बी. मरीज के खास है। यह तेल किचंन में खाने में इस्तेमाल करें। अन्य तरह के फैट वसायुक्त तेल इस्तेमाल से बचें। तेल भी हमेशा सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। अधिक तेल उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।


नेचुरल मसाले
किंचन में भोजन तैयर करते समय अदरक, लहसुन, लौंग, कालीमिर्च, ईलायची, धनिया, सेंधा नमक, कालानमक, गर्म मासले इस्तेमाल करें। नेचुरल गर्म मसालों में रिच मात्रा में एंटीबायोटिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। जोकि टी.बी. माजूद के खास फायदेमंद हैं।


क्षय रोग में नहीं खाये जाने वाली चीजें / Avoid Foods in TB, TB Patient Avoid Foods List
टी.बी रोग के दौरान रिच कार्बोंहाईड रिफांइड, फैट युक्त खाद्य सामग्री से परहेज करें।


1. टी.बी. में धूम्रपान, शराब, गुटका, जर्दा, खैनी, पान मसाला जैसे नशीली चीजों के सेवन से बचें।

2. टी.बी. रोग में जंकफूड, फास्टफूड से पूर्णरूप से परहेज करें। जंकफूड और फास्टफूड्स भी एक तरह से अन्हेदी फूड केटेगरी में आता है। जोकि क्षयरोग को बढ़ावा देता है।

3. तलीभुनी चीजों से परहेज करें। तली भुनी चीजों का सेवन टी.बी. मरीज के लिए और ज्यादा घातक हो जाता है।

4. चाय, काॅफी, सोड़ा पेय से परहेज करें। टी.बी. रोग में काॅफीन सेवन हानिकारक है। चाय की जगह ग्रीन टी पीयें।

5. बंद डिब्बें, पैक्ड पैकेट खाद्य सामग्री सेवन से बचें। बंद पैकेट की चीजों को सुरक्षित करने के लिए कैमिक्ल मिलाया जाता है।

6. चावल, आलू पकवान खाने से परहेज करें।

7. बासी खाने से बचें। हमेशा ताजा हेल्दी सात्विक भोजन करें।

8. हमेशा जूठा खाने से परहेज करें। जूठन खाने से रोग आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सक्रमित हो जाते हैं।

9. भोजन को सही तरह से पका कर खायें। जल्दबाजी में अधपका भोजन खाना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

10. शुद्ध, फिल्टर पानी पीयें। साधारण पानी को भी उबाल कर पीयें।

11. दूध को हमेशा उबाल कर इस्तेमाल में लायें। दूध में कई तरह कीटाणु विषाणु होते हैं।

12. अण्डा, मछली, मांस को हमेशा पूर्ण रूप से पका कर खायें। कच्चा, अधपका मांस भी वायरल संक्रमण का कारण होता है।

13. रोज सुबह शाम सैर, योगा, व्यायाम करें। हेल्दी डाईट के साथ साथ सैर योगा व्यायाम भी स्वस्थ्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

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गुरुवार, 14 सितंबर 2017

लीवर के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Liver Facts in Hindi

लीवर के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Liver Facts in Hindi

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Liver शरीर में लीवर सबसे बड़ी ग्रंथि है। Liver को अन्य नामों यकृत, जिगर और लीवर से भी पुकारा जाता है। लीवर भोजन पाचन क्रिया से लेकर सैकड़ों कार्य करता है। लीवर लाल, भूरे रंग में होता है। लीवर के बारे खास रोचक आश्चर्यजनक तथ्य इस प्रकार से हैं। जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे।

लीवर के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य / Amazing Facts About Liver / Liver Facts in Hindi

1. वयस्क व्यक्ति के लीवर का वजन 2.5 पाउंड से लेकर 3 पाउंड तक होता है। जिगर दो हिस्सों में विभाजित है। दहिना लोब / Lobe और बांया लोब / Lobe, दहिना लोब बांये लोब से आकृति में बड़ा होता है।

2. लीवर किसी सुपर कम्प्यूटर से कम नही है। लीवर रक्त में शर्करा नियंत्रण, विषाक्त पदार्थ को अलग करने, हार्मोंन तैयार करने, मस्तिष्क को ग्लूकोज, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलना, प्रोटीन पोषण की मात्रा संतुलन करने जैसे लगभग 500 तरह के खास कार्य करता है।

3. लीवर शरीर में रक्त बनाता है। लीवर जन्म से पहले रक्त बनाना शुरू कर देता है। मां के कोख में बच्चे की शुरूआत सिर और कोमल केज में लीवर से होती है।

4. शरीर में स्वस्थ लीवर का होना जरूरी है। लीवर संक्रमण और खराब होने पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। लीवर शरीर का अभिन्न अंग है।

5. लीवर में खुद को Regenerates करने की क्षमता है। यदि आधा लीवर व्यक्ति डोनेट दे। शरीर में मौजूद आधा लीवर दोबारा से अपनी पूर्ण स्थिति आकृति बनाने में सक्षम है। लीवर में खुद को स्वस्थ करने की क्षमता है। यह कार्य किड़नी नहीं कर सकती।

6. ग्रीक भाषा Hepar से लिवर शब्द बना है। इसीलिए डाॅक्टर लीवर से सम्बन्धित विषयों को Hepato, Hepatic कहते हैं।


7. प्रतिवर्ष 28 जुलाई को वल्र्ड हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।

8. लीवर शरीर को हानिकारक विषाक्त पदार्थों से बचाता है।

9. जाने अनजाने में खाये गये विषाक्त भोजन के दुष्प्रभाव को तेजी से निष्क्रीय साफ करने में लीवर की अहम भूमिका है।

10. लीवर शरीर से रसायन दूषित विषाक्त अलग कर पसीना, पित्त, मूत्र और मल के माध्यम से बाहर निकालता है।

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11. शरीर के 10 प्रतिशत रक्त हर समय लिवर में मौजूद रहता है। और लीवर 1.4 लीटर रक्त हर मिनट पम्प करता रहता है।

12. शरीर पर चोट, निशान से रक्त बहने से रोकने में लीवर का खास रोल है। लीवर तेजी से शरीर के चोट घाव जगह पर सफेद रक्त कण भेजता है। जोकि चोट निशान जगह पर पानी पपड़ी की तरह जमनी शुरू हो जाती है।

13. पहला सफल लीवर ट्रांसप्लांट सन् 1963 में किया गया। पहला लीवर ट्रांसप्लांट का श्रेय Dr. Thomas E. Starzl के नाम है।

14. लीवर शरीर में एक गोदाम की तरह है। लीवर शरीर में विटामिनस, मिनरलस, पोषक तत्वों का स्टाॅक रखता है। आवश्यकता होने पर शरीर अंगों से सप्लाई करता है।

15. लीवर 10 प्रतिशत वसा फैट से बना है। लीवर में वसा फैट 10 प्रतिशत अधिक होने पर टाईप-2 डायबिटीज हो जाती है। और लीवर संक्रमण होने पर पीलिया रोग हो जाता है।

16. लीवर शरीर में Detoxifier तरह काम करता है। शराब, दवाईयां, नशले पदार्थों का दुष्प्रभाव सीधे लीवर पर असर करती हैं। और शराब, दवाईयां और नशीली चीजें पहला असर भी लीवर पर ही करती हैं। जिससे लीवर प्रभावित हो जाता है।

17. लीवर विषाक्त पदार्थ बिलीरूबीन की मात्रा को फिल्टर कर किड़नी में भेजता है। किड़नी को डेमेज होने से बचाता है। फिर किड़नी पित्त से विषाक्त बिलीरूबीन को पेशाब, मल में पीले रंग रूप में भेजता है। इसी वजह से मल का रंग पीला रंगीन होता है।

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18. अचानक पेशाब, मल के रंग बदलना लीवर समस्या की ओर संकेत करता है।

19. कृत्रिम बनावटी लीवर किसी भी प्राणी में नही लगाया जा सकता। क्योंकि लीवर शरीर का अभिन्न अंग है।

20. मस्तिष्क भी बिना स्वस्थ लीवर के सही कार्य नहीं कर सकता।

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

डी.एन.ए. के बारे आश्चर्यजनक तथ्य DNA Facts in Hindi

डी.एन.ए. के बारे आश्चर्यजनक तथ्य DNA Facts in Hindi

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DNA एक तरह से प्राणियों के शरीर कोशिकाओं में पाया जाने वाल गुणसूत्र है। डी.एन.ए. संरचना घुमावदार सूक्ष्म कोशिकाओं हैं। डी.एन.ए. क्रोमोसोम की तरह है। एक कोशिका गुणसत्र जीनोम बनाती है।  डी.एन.ए. से किसी भी प्राणी के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल कर सकते हैं। डी.एन.ए. के बारे खास रोचक आश्चर्यजनक तथ्य इस प्रकार से हैं। जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे।

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डी.एन.ए. के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य / Amazing Facts About DNA / DNA Facts in Hindi

1. DNA मुख्य रूप से  चार न्यूक्लियोटाइडोन से बना है। जिसमें (A) अडेनिन, (G) ग्वानिन, (T) थाइमिन, (C) साइटोसिन है।

2. स्विस डाॅ. फ्रैड्रिक माॅइस्चर ने सन् 1869 में सबसे पहले DNA का पता लगाया था। रिसर्च में फ्रैड्रिक माॅइस्चर ने डी.एन.ए. को Genetic Material बताया था।

3. सभी मनुष्यों के डी.एन.ए. लगभग 99.9 प्रतिशत एक जैसा होता है।

4. डी.एन.ए. हर कोशिका के अन्दर सूक्ष्म रूप में केवल 0.09 माइक्रोमीटर जगह घेरता है। परन्तु अगर डी.एन.ए. को फैलाया जाय तो ये 1.8 मीटर लम्बाई तक हो जाता है।


5. मनुष्य में 46 गुणसूत्र हैं। जोकि लगभग 3 अरब डी.एन.ए. आधार से जुड़े हैं।

6. मनुष्य का डी.एन.ए. चिम्पांजी, गोभी और केले से मिलता जुलता है।

7. माता-पिता और बच्चों में डी.एन.ए. 95.5 प्रतिशत एक समान गुण सूत्र होता है।

8. मनुष्य में लगभग 20,000 से 25,000 जीन होते हैं।

9. शरीर की कोशिकाओं में RNA (Ribonucleic Acid) होता है, जोकि DNA के संकेत मिलने पर प्रोटीन बनाता है।

10. सारे संसार के इंटरनेट के डाटा को केवल 2 ग्राम DNA में स्टोर कर सकते हैं।

11. मात्र 1 ग्राम डी.एन.ए. से ही व्यक्ति की 700 तरह की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

12. रक्त, मांसपेशियों की सूक्ष्म कोशिकाओं, पेशाब सैम्पल से भी भी सफल डी.एन.ए. टेस्ट किया जा सकता है।

13. मात्र 1 चम्मच DNA की मात्रा में पूरे संसार के विभिन्न प्रजातियों की जानकारी रखी जा सकती है।

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रविवार, 10 सितंबर 2017

शरीर के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Body Facts in Hindi

शरीर के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Body Facts in Hindi

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Body Facts / शरीर अंगों के बारे खास रोचक आश्चर्यजनक तथ्य इस प्रकार से हैं। जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे।


शरीर के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य / Amazing Facts About Body / Body Facts in Hindi

1. हम अपनी जीवन का 33 प्रतिशत समय केवल नींद में बिता देते हैं।

2. मानव शरीर में 72 तरह की विभिन्न मांसपेशियां हैं।

3. एक साल में शरीर मांसपेशियां लगभग 50 लाख बार हरकत करती हैं।

3. हमारे शरीर के दो-तिहाई हिस्सा पानी है। रक्त में 92 प्रतिशत पानी, मस्तिष्क में 75 पानी और शरीर मांसपेशियों में 75 प्रतिशत तक पानी मौजूद रहता है। अकसर शरीर में पानी की कमी के चलते व्यक्ति कई बीमारियों से ग्रसित हो जाता है।

4. आप अपनी सांस रोककर खुद को नहीं मार सकते। क्योंकि स्वांस मांसपेशियां हमारे किए गये नियत्रंण से ज्यादा ताकतवर होती हैं।

5. मनुष्य केवल एक ऐसा प्राणी है जोकि Emotional आंसू बहाता है।

6. दिमाग का IQ अधिक वाले व्यक्ति सोये में सपने ज्यादा देखते हैं।

7. Eyebrow का मुख्य काम आंखों में पसीना पहुंचने से रोकना है।

8. मानव मस्तिष्क ढांचा पूर्ण रूप से विकसित होने में लगभग 25 वर्ष लग जाते हैं। और फेफड़े पूर्ण विकसित होने में 18 से 22 वर्ष समय लेते हैं।

9. जब हम किसी वस्तु चीज को छूते हैं तो मस्तिष्क में मौजूद न्यूराॅन संवेदना 124 मील प्रति घण्टे की रफ्तार से संदेश आदान प्रदान करती हैं।

लीवर के बारे आश्चर्यजनक तथ्य...


10. कोई भी व्यक्ति अपनी कुहनी नहीं चाट सकता।

11. कोई भी व्यक्ति एक ही हाथ की उंगली मोड़कर कलाई के ज्वांइट (मणिबन्ध रेखा) पर नही छू सकता।

12. अकसर हार्मोंस के कारण पुरूर्षों के नाखून तेजी से बढ़ते हैं। जबकि महिलाओं के नाखून कम गति से बढ़ते हैं।

13. नाखून गर्मियों में धूप से विटामिन डी अधिक मिलने के कारण तेजी से बढ़ते हैं।


14. अंगूठे की लम्बाई, नांक की लम्बाई के बराबर होती है। और उंगली की लम्बाई होंठ की लम्बाई के बराबर होती है।

15. पेट में भी तीब्र एसिड़ बनता है। जोकि रेजर ब्लेड को भी आसानी से गला सकता है। इसीलिए पेट के अन्दर का अस्तर 3 - 4 दिनों में अपने आप बदल जाता है।

16. मानव पेट में हर दो सप्ताह में बलगम की नयी परत बनती है। जोकि भोजन पाचन क्रिया में धीरे-धीरे बनती है और अपने आप धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है।

17. शरीर की ऊपरी त्वचा हर 27 दिन में झड़कर उसकी जगह नई आ जाती है। त्वचा पर नाखून खरोच से राख जैसा सफेद सूक्ष्म कण निकलते हैं। अकसर जोकि ऊपरी त्वचा मैलयुक्त, दूषित कण हंै।

18. बसंत ऋतु में बच्चों की ग्रोथ तेजी से होती है।

19. जन्म के समय शरीर में 270 हड्डियां होती हैं। परन्तु 18 वर्ष की आयु तक हड्डियों विकसित होकर, जुड़कर मात्र 206 हो जाती हैं।

20. मानव शरीर में प्रति इंच वर्ग के हिसाब से 3 करोड़ 20 लाख बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। पूरे शरीर में अनगिनत बैक्टीरिया मौजूद हैं।

20. स्वस्थ व्यक्ति रात सोने के लिए बिस्तर पर लगभग 7 मिनट का समय लगता है।

21. पुरूर्षों की दाढ़ी नहीं काटने पर जीवनभर 30 फीट तक बढ़ सकती है।

22. मनुष्य बिना भोजन के कई दिनों तक जीवित रह सकता है। परन्तु बिना पानी और बिना नींद के 3-4 दिन तक जीवित रहना असम्भव है।

23. नेचुरल तौर पर व्यक्ति 1 दिन में 10 बार हंसता है।

24. शरीर की सबसे मजबूत मांसपेशी जीभ है।

25. ज्यादा देर तक हेडफोन कानों के पर्दों के लिए नुकसानदायक है।

26. केवल 1 घण्टा हेडफोन कानों पर लगाने से 700 गुना ज्यादा जीवाणु कान में बढ़ सकते हैं।

27. एक व्यक्ति अपने जीवन काल में लगभग 60,566 लीटर पानी पी लेता है।

28. मर्दों के तुलना में औरतें आंखों की पलके अधिक बार झपकती-फडकाती हैं।

29. छींकते समय आंखे खुली रखना असम्भव है। आंखे खोलकर छींकने से Eyeball तिडक - फट सकता है। और जोर से छींकने पर पसली टूट सकती है।

30. छींकते समय दिल घड़कने की गति 1 मिली सेकेंड़ के लिए थम जाती है।

31. उगलियों को नाखून पैरों के नाखूनों से 4 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ते हैं।

32. एक व्यक्ति अपने पूरे जीवन काल में लगभग 27,000 किलोग्राम तक भोजन खा लेता है। जोकि 6 वयस्क हाथियों के वजन के बराबर है।

34. अगर व्यक्ति का सिर 1 घण्टे तक दीवार पर दबाकर लगाया जाय तो 150 कैलौरी खर्च हो जाती है।

35. शरीर की 25 हड्डियां पैरों में होती हैं।

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36. हर व्यक्ति अपने जीवन का 1 साल इधर-उधर रखी वस्तुएं ढूढ़ने में बिता देता है।

37. हर साल विश्वभर में लगभग 2500 बांया हाथ इस्तेमाल करने वाले लोग दहिने हाथ के उपकारणों के इस्तेमाल करने से मारे जाते हैं। क्योंकि दहिने हाथ के  उपकरणों के बारे में व्यक्ति अनजान रहते हैं।

38. विश्वभर में लगभग 75 प्रतिशत लोग सिर में पानी डालकर नहाना शुरू करते हैं।

39. रात्रि शिप्ट में वर्क करने वाले, या देर तक जागने वाले व्यक्तियों का शरीर वजन साधारण व्यक्ति से ज्यादा होता है।

40. वयस्क व्यक्ति के दांत चट्टान से भी कठोर होते हैं।

41. आंकड़ों अनुसार हर साल शार्क मछली के हमले से ज्यादा लोग नारियल सिर पर गिरने से मरते हैं।

42. विश्वभर में 20 लाख लोगों के मरने में से 1 व्यक्ति की मौंत Bed से फर्श पर गिरने से होती है।

43. प्रतिवर्ष 4-5 व्यक्तियों की मौंत पैंट कपड़े बदलते समय फर्श में गिरने से होती है।

44. कीबोर्ड में टाईप करने में व्यक्ति लगभग 56 प्रतिशत बायां हाथ इस्तेमाल करता है।

45. Kiss करने से ज्यादा Germs आपस में एक दूसरे से हाथ मिलाने में आ जाते हैं।

46. दांत के बाद जबड़ा शरीर का मजबूत कठोर हिस्सा है। चोट एक्सीडेंट में भी जबड़ा नहीं टूटता।

रक्त के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Blood Facts in Hindi

रक्त के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Blood Facts in Hindi

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ABOUT BLOOD FACTS IN HINDI / AMAZING BLOOD FACTS IN HINDI 

About Blood / रक्त शरीर में तेजी से संचार करता है। स्वस्थ शरीर के लिए प्रर्याप्त शुद्ध रक्त मौजूद होना जरूरी है। रक्त के बारे खास रोचक आश्चर्यजनक तथ्य इस प्रकार से हैं। जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे।


रक्त के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य / Amazing Facts About Blood, Blood Facts in Hindi

1. रक्त लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेटस से बना होता है।

2. रक्त कोशिकाओं में हल्के पीले रंग का तरल पदार्थ मौजूद हैं। जिसे प्लाज्मा कहा जाता है।

3. रक्त प्लाज्मा में 90 प्रतिशत पानी तरल रूप में है। जिसमें विभिन्न पौषण, इलेक्ट्रोलाइटस, प्रोटीन, ग्लूकोज, हार्मोंस होते हैं।

4. शरीर में रक्त 400 किमी. प्रति घण्टा की रफ्तार से संचार - भ्रमण करता है। रक्त शरीर संचार में 24 घण्टे में लगभग 9,600 किमी. की दूरी तय कर लेता है।

5. नवजात शिशु के शरीर में मात्र  250ml तक रक्त होता है।

6. वयस्क व्यक्ति के शरीर में लगभग 5 लीटर तक ब्लड मौजूद है।

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7. शरीर के वजन का लगभग 7 प्रतिशत वजन तक शरीर में रक्त होता है।

8. रक्त की 1 बूंद में लगभग 250 मिलियन सूक्ष्म कोशिकाएं मौजूद होती हैं।

9. मात्र 1 बूंद रक्त में 10,000 White Blood Cells और 2,50,000 प्लेट्स होते हैं।

10. शरीर में 70 प्रतिशत तक Red Blood मौजूद है।

11. लाल रक्त शरीर में आॅक्सीजन संचार और CO2 (कार्बन डाईआॅक्साइड विषाक्त) को नष्ट करता है।

12. सफेद रक्त शरीर को बैक्टीरिया, संक्रमण और वायरल से बचाती है। सफेद रक्त रोगप्रतिरोधक क्षमता बनाती है।

13. व्यस्क पुरूष में हीमोग्लोबिन 13.8 g/dl से लेकर 17.2 g/dl तक और स्त्री में हीमोग्लोबिन में 13.8 g/dl से लेकर 15.1 g/dl तक सही माना जाता है।

14. रक्त प्लाज्मा में प्रोटीन जमने से बचाती है। रक्त संचार सुचारू करती है।

15. शरीर में चोट, घाव लगने पर सफेद रक्त तरल रूप में प्लेट्स बनाती है। जिससे चोट घाव निशान पर रक्त जम जाता है, और बहना बन्द हो जाता है।

16. पहली बार सन् 15 जून, 1667 में 2 कुत्तों में आपस में रक्त ट्रांसफर किया गया था।

17. नारियल पानी को शुद्धकर Blood Plasma की जगह चढ़ाया जा सकता है।

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18. प्रथम Blood Bank सन् 1937 में बनाया गया था।

19. रक्तदान महादान है। रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं। रक्तदान से शरीर में मौजूद कई बीमारियां धीरे-धीरे मिट जाती हैं। क्योंकि Blood Donate करने से शरीर में नया रक्त बनता है। पुराने रक्त सेल्स नये रक्त सेल्स में बदल जाते हैं।

20. हर दिन पूरी दुनिया में लगभग 40,000 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। हर व्यक्ति को लाईफ में 2-3 बार रक्त दान जरूर करना चाहिए।

21. James Harrison एक रहस्यमई इंसान हैं। उन्होंने 60 साल आयु तक 1000 बार रक्तदान कर चुके हैं। 20 लाख व्यक्तियों रक्तदान द्वारा जीवन देने का श्रेय उनके नाम है।

22. स्वीडिश लोग रक्तदान के समय और रक्त किसी व्यक्ति पर चढ़ने के बाद दो बार ब्लड डोनर को Thank You मैसेज जाता है।

23. रक्त पूरे शरीर के भ्रमण चक्कर लगाने में लगभग 30 सेकेंड तक का समय लेता है।

24. गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली स्त्रियां Blood Donate नही कर सकती।

25. ब्राजील के 1 आदिवासी समुदाय के सभी लोगों का रक्त ग्रुप केवल "O" है।

26. रक्त में लगभग 0.2 मिलीग्राम तक सोना घुलनशील रूप में मौजूद है। लगभग 40,000 व्यक्तियों के रक्त से 8 ग्राम तक सोना निकाला जा सकता है।


27. शरीर में असंख्य अनगिनत रक्त झिल्ली, कोशिकाए, तंतु, वहिकाएं नसें होती हैं। अगर सभी को सिरे से सिरे जोड़ दिया जाएं तो वह पूरी धरती को 2 बार लपेट सकते हैं।

28. मानव रक्त मुख्य रूप से A, B, AB, O तरह का होता है। इन्ही चारों तरह से अन्य सभी ब्लड गु्रप बनते हैं।

29. जानवरों में गायों के लगभग 800 तरह का ब्लड, कुत्तों में 13 तरह का ब्लड और बिल्लयों में 11 तरह का ब्लड मौजूद है।

30. मृत्यु के बाद शरीर का रक्त गुरूत्वाआर्कषण के कारण जमीन की तरफ जुड़े शरीर में जम जाता है। व्यक्ति जिस स्थिति में मृत पड़ा होता है। ब्लड एकत्र होकर जमकर ठंड़ा हो जाता है।

31. एक ही समय पर रक्तदान और पेशाब नहीं कर सकते हैं। रक्तदान के दौरान मस्तिष्क अन्य शरीर अंग को निकासी की अनुमति नहीं देता है। ब्रेन शरीर अंगों एवं आंतरिक प्रणाली को निर्देश देता है।

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32. मादा मच्छर अपने वजन से 3 गुना ज्यादा रक्त चूसती है। जबकि नर मच्छर शाकाहारी होता है। तरल पदार्थ, वनस्पति रस, गंदगी सड़न तरल पीते हैं।

33. मच्छर "O" गु्रप का रक्त पीना ज्यादा पसंद करते हैं।

34. 12 लाख मच्छर शरीर का पूरा रक्त मात्र 2 मिनट में चूस सकते हैं।

45. मकड़ी, घोंघा, केकड़ा में नीले रंग का रक्त होता है। केकड़ों का ब्लड ड्रग्स के दूषित पदार्थों की जांच के लिए किया जाता है।

शनिवार, 9 सितंबर 2017

फेफड़ों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Lungs Facts in Hindi

फेफड़ों के बारे आश्चर्यजनक तथ्य Lungs Facts in Hindi

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ABOUT LUNGS / LUNGS FACTS IN HINDI / INTERESTING AMAZING FACTS ABOUT LUNGS
फेफड़े शरीर को अन्य अंगों की तरह अभिन्न अंग है। फेफड़ें का शरीर में आॅक्सीजन और रक्त शुद्धीकरण मुख्य कार्य है। फेफड़ों के बारे में खास आश्चर्यजनक तथ्य इस प्रकार से हैं।

फेफड़ों के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य / Amazing Facts About Lungs / Lungs in Hindi

1. फेफड़ें सांस द्वारा ली गई वायु - हवा से कार्बन डाईआॅक्साइड से शुद्ध कर आॅक्सीजन शरीर अंगों में पहुंचाते हैं।

2. दहिने और बायें फेफड़ों के आकार में अन्तर होता है।

3. बांया फेडड़ा दहिने फेफड़े से थोड़ा छोटा होता है। क्योंकि हृदय का कुछ अंश बांये फेफड़े की तरफ होता है।

4. एक व्यस्क व्यक्ति के फेफड़ों का वजन लगभग 1.3 किलोग्राम (2.9 पाउंड) तक होता है।

5. मनुष्य एक फेफड़ें के बिना भी जीवित रह सकता है। संसार में कई लोग 1 ही फेफड़े के साथ जी रहे हैं।

6. फेफड़ों के रोगों को Pulmonology / पुल्मोनोलाॅजी कहा जाता है।

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7. दोनों फेफड़ों के मध्य चलने वायुमार्ग की लम्बाई लगभग 1500 मील (2400 किमी) तक होती है।

8. आराम मुद्रा में व्यक्ति लगभग 12-20 बार प्रति मिनट सांस लेता है।

9. फेफड़ों में 300 से लेकर 500 छोटे छोटे Alveoli / एल्वीओली होते हैं। एल्वीओली फेफडों में छोटी छोटी हवा की थैलियां कोशिओं के रूप में होती हैं। जोकि आॅक्सीजन को छानकर कार्बन डाईआॅक्सीइड अलग करती हैं। एल्वीओली हमेशा सांस लेने छोड़ने के दौरान कार्य करती हैं।

10. फेफडे़ असंख्य Capillaries / केशिलरी कोशिकाओं यानिकि पतली रक्त वहिकाओं से घिरा हुआ है। जोकि शरीर की सबसे पतली रक्त वहिकाएं मानी जाती हैं।


11. अस्थमा रोग फेफड़ों प्रभावित करता है। अकसर अस्थमा के दौरान वायुमार्ग संक्रमित होकर संकीर्ण हो जाती है। संकीर्ण वायुमार्ग से सांस में रूकावट खांसी अस्थमा है।

12. फेफड़ें छाती रिव में सुरक्षित घिरे होते हैं। फेफडे़ रीढ़ की हड्डी / Spinal Cord और  छाती की हड्डी / Chest Rib से जुडे़ होते हैं।

13. फेफड़ें प्रति साल लगभग 9.5 टन आॅक्सीजन लेते हैं।

14. डायफ्राम फेफड़ों को सांस लेने और सांस छोड़ने में मद्द करता है। डायफ्राम अकसर फेफड़ों के नीचे (Dome Shaped Muscles) गुम्बद की तरह मांसपेसियों का बना होता है।

15. धूम्रपान, गैस दुर्गंध फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण है।

16. अनुलोम विलोम प्राणायाम, सैर फेफड़ों को स्वस्थ रखने का उत्तम उपाय है।

17. फेफड़ों के लिए Pneumonia / निमोनिया रोग घातक है। निमोनिया रोग फेफड़ों के आॅक्सीजन लेने प्रणाली को प्रभावित करता है।

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शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

होंठ के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य Lips Facts in Hindi

होंठ के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य Lips Facts in Hindi

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Lips : होंठ शरीर के कोमल संवेदनशील अंगों में से एक है। कोमल, खूबसूरत होंठ चेहरे की खूबसूरती और ज्यादा बढ़ा देते हैं। होंठ अपने आप में किसी रहस्य से कम नही है। होंठ शरीर स्वास्थ्य से लेकर व्यक्ति के हावभाव रहस्य तक उजागर कर सकते हैं।

होंठ के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य / Fact about Lips in Hindi / Lips Facts in Hindi 

1. फिंगरप्रिट की तरह होंठों के भी लिप्सप्रिंट होते हैं।

2. होंठों के लिप्सप्रिंट फिंगरप्रिंट से भिन्न होते हैं।

3. दोनों होंठ आपस में मिलने वाली त्वचा को अकसर वर्मिलियन बाॅर्डर कहा जाता है।

4.  मानव होंठ लगभग 1 लाख पतली सूक्ष्म नसों तंत्रिकाओं से बने होते हैं।

5. अकसर सर्दी मौसम में होंठ सूखने पर दांत गलती से होंठ काटकर नुकसान पहुंचाते हैं। यह प्रक्रिया बहुत कम होती है।

6. होंठ आवाज ध्वनि उच्चारण करने में सहायक हैं।

7. होंठ शिशुओं के लिए एक तरह से सैंसर की तरह होते हैं। होंठ शिशुओं को स्तनपान करने की संकेत करते हैं। होंठों पर स्तन लगने पर शिशु उसी तरह मुंह मोड़ने लगते हैं। शिशुओं को मां का ही दूध दें।

8. 40 वर्ष आयु के बाद होंठों की मोटाई कम होने लगती है।

9. होठों में पसीने की ग्रंथि नहीं होती है।


10. सांइस की भाषा में ऊपरी होंठ को लेबिअम सुपीरिअस आॅरिस और नीचे के ओंठ को इन्फीरिअस आॅरिस कहते हैं।

11. होंठों से पसीना नहीं आता। क्योंकि होंठों पर पसीने वाली ग्रन्थि नहीं होती।

12. ओंठ के आसपास बने आॅर्बिकुलरिस ओरिस नामक परत की सहायहता से व्यक्ति मुंह से सीटी मारता है।

13. होंठ कटने, चोट लगने पर खुद को ठीक करने की क्षमता होती है।

14. होंठ केवल 4 पतली परतों से बनी होती है। ओंठ परतों के नीचें लाल गुलाबी पतली पतली नसें होती हैं। जिनसे होंठ कलर, आकार बनता है।

15. मगरमच्छ के होंठ नहीं होते।

16. होंठ स्पर्ष संवेदी अंग है। जोकि पुरूष स्त्री कें अंतरंग के समय कामुकता बढ़ाते हैं।

17. होंठ शरीर में केवल ऐसा अंग है जोकि शरीर के अंदर होता है। परन्तु फैलाव बाहर की तरफ होता है।

18. होंठ स्वास्थ्य रहस्य बतलाते हैं। होंठों में पीलापन, सफेद होना शरीर में रोग की ओर संकेत है।

19. पुरूर्षों को महिलाओं से होंठों के कैंसर होते हैं।

20. टमाटर रस होंठों के लिए उत्तम पोषण है।

होठों से कालापन हटायें...more


अन्य माने जाने वाले तथ्य :

1. सामान्य से ज्यादा बड़े होंठ वाले व्यक्ति खाने पीने के ज्यादा शौकीन होते हैं।

2. हल्के गुलाब होंठ कुशल, निपुण व्यक्तित्व की ओर सकेंत करते हैं।

3. महिलाओं के गुलाबी और तिल वाले होंठ कामुत्तर माने जाते हैं।

4. लाल होंठ वाली महिलाए रचनात्मक, कला प्रिय और शांति प्रिय होते हैं।

5. पुरूर्षों के लाल होंठ बुद्धिमत्ता और एकाग्रता के प्रतीक माने जाते हैं।

6. पतले होंठ वाले व्यक्ति दिखावा करने वाले होते हैं, और दूसरों को अपनी ओर आक्रषित कर लेते हैं।

7. मोटे होंठ वाले व्यक्ति क्रोधी, छोटी बातों को राई का पहाड़ बनाने वाले होते हैं। छोटी-मोटी बातों में गुस्सा हो जाते हैं।

आंखों के नीचे आसपास के डार्क सर्किल करें साफ...more