गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

साइनस रोग लक्षण उपचार Sinus Treatment in Hindi

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साइनस बीमारी क्या है और कैसे होती है / Causes of Sinus
Sinus in Hindi, Sinusitis Treatment / साइनस एक तरह से शरीर की खोपड़ी Skull में जमा हवा वाली खाली जगह है। जिसे Sinus Cavity से जाना जाता है। साइनस प्रणाली नांक से ली गई सांस हवा को नमी बनाने और सिर को हल्का करने का कार्य करती है। साइनस प्रणाली सिर के माथे, सिर के पीछे, आंखों के पिछले नीचे भाग, गले के पिछले भाग में होती है। साइनस प्रणाली का ग्रसित विकार होने का मुख्य कारण संक्रामण, फंगल, बैक्टीरिया, वायरल एवं ठंडी ए.सी हवा, ठंडी बर्फीले चीजें सेवन, धूम्रपान, कैमिक्ल तेज दुगन्ध गैस है। और नांक सांस नली, वहिकाओं में रूकावट के कारण झिल्ली श्लेष्म जमना शुरू हो जाता है। नांक बन्द, नांक से सांस लेने में रूकावट, सिर दर्द, माथे पर दर्द, सर्दी लगातर रहना, नांक छिद्रों से नांक में पीला, हरा कफ जमना, ज्वर रहना, सूघंने पर गन्ध महसूस न होना, त्वचा कर रंग बदल जाना जैसे मिले जुले लक्षणों को साइनोसाइटिस / Sinusitis बीमारी कहा जाता है। साइनस खास तौर पर दो तरह से होती है। एक साधारण साइनस विकार और दूसरा गम्भीर साइनस। साधारण साइनस में शुरूआती स्थिति में नांक में कफ जमना, सांस लेने में दिक्कत होना आदि लक्षण होते हैं। और दूसरी गम्भीर साइनस स्थिति Acute Sinusitis Symptoms में नांक नली, वहिकाए बन्द होकर माथे, आंखों के निचले हिस्से में सूजन दर्द के साथ गम्भीर रोग आरम्भ हो जाता है। साइनस संक्रमण के पीछे व्यक्ति का खान-पान दिनचर्या काफी हद तक जिम्मेवार है। संतुलित पौष्टिक भोजन, योगा व्यायाम स्वस्थ और निरोग शरीर के लिए जरूरी है। साइनस संक्रमण से भारत में लग-भग एक-चैथाई लोग ग्रसित हैं। साइनोसाइटिस का इलाज सर्जरी, एंटीबायोटिक दवाईयों / Sinusitis Antibiotics और आर्युवेदिक तरीकों माध्यमों से किया जाता है। परन्तु आर्युवेद तरीकों से साइनोसाइटिस संक्रमण से बिना सर्जरी के छुटकारा पाया जा सकता है। आर्युवेदा में साइनोसाइटिस बीमारी को दृष्ट-प्रतिश्याय से पुकारा जाता है।

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साइनस के लक्षण / Sinusitis Symptoms and Treatment, Sinusitis  Tretments in Hindi


लगातार नांक बन्द
नांक से सांस लेने में रूकावट होना
सिर दर्द रहना
माथे पर दर्द रहना
नांक छिद्रों से नांक में पीला, सफेद, हरा कफ जमना और निकलना
माथे, आंखों के निचले भाग, गले में सूजन रहना
सर्दी जुकाम लम्बे समय तक लगातर रहना
हल्का ज्वर रहना
सूघंने पर खुशबू, गन्ध महसूस नहीं होना
त्वचा का रंग बदलना
दांतों मसूड़ों में हल्का दर्द जकड़न महसूस करना

साइनस लक्षण जांच Sinus Symptoms : साइनस लक्षण लगने पर तुरन्त चिकित्सक से सलाह उपचार करवायें। साइनस की सही स्थिति का पता सिर-चेहरा एक्सरे, सी.टी. स्कैन, एम.आर.आई. जांच प्रक्रिया से आसानी से पता चला जाता है।

Sinus Infection / इंफेक्शन होने पर : एन्टीबायोटिक Antibiotics दवा, क्रीम इस्तेमाल की जाती है।

Pain Relief / दर्द होने पर : दर्द होने पर दर्दनाशक Pain Killer दवाईयां, क्रीम इस्तेमाल की जाती है।
नांक छिद्र बन्द / Sinus Blockage : नांक बन्द होने पर एलर्जी निवारण Anti-Allergic दवाईयां, क्रीम दी जाती है।

कफ जमने पर / Sinus Cough : साइनस में कफ जमने पर कफ पतला कर निकालने के लिए Decongestant दवाईयां, क्रीम इस्तेमाल की जाती है।

नांक में सूजन एवं नांक हड्डी बढ़ने सर्जरी / Blocked Sinus Surgery : साइनस से नांक की हड्डी में टेड़ापन, सूजन, गांठ पड़ने, सूजन से नांक छिद्र बन्द होने पर सर्जरी Surgery की जाती है।

नांक छिद्र ब्लाॅक होने पर कफ स्राव निकासी / Sinus Cough Remover : नांक छिद्र बंद होने पर आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्कल्प पर जमा कफ -स्राव नली पाईप से निकाला जाता है।

इस तरह से Sinus Removal Surgery and Treatment में विभिन्न आधुनिक तकनीक उपलब्ध हैं।

साइनस बीमारी का आर्युवेदिक इलाज / Ayurvedic Treatment for Sinus

नियमित तड़के सुबह उठना और सैर / Daily Morning Walk for Sinus Cure 
Sinusitis पीड़ित व्यक्ति को सुबह जल्दी उठना और रोज 25-30 मिनट सैर / Morning Walk करना फायदेमंद है। सुबह की ताजी ठंडी हवा साइनस विकार कम करने में सक्षम है।

साइनस होने पर प्रातकालीन योगा आसन / Yoga for Sinusitis
रोज सुबह उठकर अनुलोम-विलोम, सिद्धासन, बांसुरी योगा आदि योगा व्यायाम करने से साइनस समस्या से छुटकारा दिलाने में सहायक है।

लम्बी सांसे लेना / Respiratory Sinus Arrhythmia 
सुबह प्रातःकाल उठकर योगा मुद्रा में बैठ जायें। फिर नांक से धीरे-धीरे लम्बी Deep Breathing / सांस लें। और कुछ क्षण रूक कर सांस धीरे-धीरे मुंह से छोड़े। कपालभाती, अनुलोम विलोम की तरह लम्बी सांसें ले, फिर छोड़े। इस विधि को लगातार 8-10 मिनट रोज करने से साइनस बीमारी / Sinus Blocked से छुटकारा दिलाने में सहायक है।

विटामिन-सी और विटामिन-ए युक्त आहार / Vitamin-C and Vitamin-E cure to Sinus
Foods for Sinus Health / पोष्टिक आहार में विटामिन-सी और विटामिन-ए, युक्त चीजें शामिल करें। जैसे कि आंवला, मौंसमी, संतरा, नींबू, अमरूद, अनार, हरी मिर्च, अनार इत्यादि विटामिनसी-सी, ए युक्त चीजें आहार में जरूर शामिल करें। इससे सफेद रक्त कणों में वृद्धि होती है। और श्लेष्मा झिल्ली निरोग होते हैं। विटामिन सी, ए रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सक्षम है। साथ में रिच एंटीबायोटिक बन जाता है।

तुलसी-लहसुन-प्याज-विक्स भाप लेना / Steam for Sinus
तुलसी पत्तों, लहसुन, प्याज को विक्स के साथ अच्छे से कूटकर उबले गर्म पानी में डालकर नांक मुंह से Steam भाप लें। तुलसी पत्ते, लहसुन, प्याज, विक्स से बनी भाप मिलकर एक अचूक औषधि की तरह काम करती है। यह विधि रोज सुबह शाम करें। तुलसी, लहुसन, प्याज, विक्स भाप स्टीम साइनस बीमारी को जल्दी Sinus Cure करने में सहायक है।

अदरक गुड़, लहसुन मसाले सेवन / Natural ways to get rid of a Sinus Infection
साइनस विकारे से बचाने के लिए रोज सुबह शाम 1 चम्मच गुड़ और अदरक का मिश्रण खाना Sinus Clearing में फायदेमंद है। किंचन में खाने बनाने में अदरक, लहसुन, इलायची, दालचीनी, एंटीबायोटिक मसालों का इस्तेमाल करना फायदेमंद है।



तिल, नारियल, सूरजमुखी तेल मालिश / Massage for Sinus
रोज सुबह शाम तिल तेल, नारियल तेल और सूरजमुखी तेल को मिश्रण कर साइनस दर्द ग्रसित जगह पर लगाने से दर्द सूजन से जल्दी आराम मिलता है।

सूजन दर्द निवारण लेप / Sinus Swelling Remedies 
अदरक सौंठ पाउडर, लौंग पाउडर, को तुलसी हरे पत्तों के रस में मिलाकर मिश्रण साइनस सूजन दर्द वाली जगहों पर मिश्रण लेप हल्की मलने और लेप लगाने से साइनस विकार से जल्दी छुटकारा मिलता है।

अदरक तुलसी इलायची की चाय / Natural Antibiotics for Sinus Infection
रोज सुबह शाम अदरक तुलसी इलायची की बनी चाय सेवन करने से साइनस संक्रमण से बचाव और आराम मिलता है। यह एक तरह से रिच एंटीबायोटिक मिश्रण चाय बन जाती है।

एंटी-एलर्जी पेय / Sinus Allergy Medicine
1 गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी और 1 चम्मच अदरक रस मिलाकर सुबह शाम पीयें। दूध, हल्दी, अदरक मिश्रण साइनस एलर्जी विकार को ठीक करने में सहायक है।

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पानी और तरल चीजों का सेवन / Drinking enough Water
साइनस से बचने के लिए रोज 5-8 लीटर तक पानी अवश्य पीयें। ठंडा बर्फीला पानी पीने से बचें। गर्म स्टीम पानी से नहायें। सैकड़ों तरह की बीमारियां दूषित पानी / Contaminated Water पीने और इस्तेमाल से होती हैं। फलों का रस और प्र्याप्त मात्रा में पानी, तरल चीजें सेवन करना फायदेमंद है।


ठंडी तेज हवा से परहेज / Avoid to cold Air Prevention Sinus 
साइनस विकार को कम करने लिए ए.सी., कूलर, पंखें की हवा को सीमित रखें। तेज ठंड़ी हवा / Cold Air साइनस विकार को बढ़ाने में सहायक है। तेज ठंडी हवा लेने से बचें। इलैक्ट्रोनिक हवा यत्रों से कुछ दूर में बैंठे। बिल्कुल सामने ना बैठें।

ठंडी बर्फीली चीजों से परहेज / Avoid cool things
बर्फीली चीजों, जैसे, आईसक्रीम, ठंड़ा पेय, ठंड़ा पानी, बर्फ वाली चीजों के सेवन से बचें। ठंड़ी बर्फीली चीजों के सेवन से साइनस बीमारी तेजी से बढ़ रही है।

हाथ-नांक साफ सफाई / Nose Blockage, Cleanliness
साइनस संक्रमण कीटाणुओं, वायरल, बैक्टीरिया से बचने के लिए एंटीबायोटिक साबुन का इस्तेमाल करना फायदेमंद है। कुछ भी खाने से पहले हाथों को एंटीबायोटिक साबुन साबुन से साफ कर धायें। Nose Blocking /नांक छिद्रों को साफ रखें। नांक में स्त्राव कफ आने पर तुरन्त साफ करें। स्त्राव कफ नांक गले में नहीं जमने दें। कुछ लोग नांक साफ करने में शर्म महसूस करते हैं और नांक गले की गंध कफ स्त्राव को निगल देते हैं। जोकि पूर्ण रूप से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

एलर्जी वाली चीजों से दूरी / Allergy Causes
बाॅडीस्प्रे, स्मोकिंग धुआं, किंचन गैस, भुनी चीजों की गंध, कैमिक्ल गंध, धूल, सुगन्धित इत्र इत्यादि, जिन भी चीजों से एलर्जी होती है, उन चीजों से दूरी बनाकर रखें।

अदरक शहद लेप / Honey and Ginger Powder (Sonth) Lepe 
अदरक सौंठ पाउडर को शहद में गर्म कर माथे सूजन ग्रसित जगह पर हल्की हल्की मालिश करें। अदरक सौंठ शहद लेप साइनस धीरे-धीरे मिटाने में सहायक है।

अध पकी रोटी लहसुन रस लेप / Half baked Bread with Garlic Juice 
रोटी को एक तरफ पकायें। फिर 3-4 चम्मच लहसुन रस अध पके रोटी की तरह लगाकर हल्की गर्म रोटी माथे पर लगायें। अधिक गर्म नहीं लगायें। यह साइनस सूजन दर्द, नांक बंद समस्या दूर करने में सहायक है।

धूम्रपान साइनस / No Smoking
धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को साइनस समस्या सबसे ज्यादा आंकी गई है। धूम्रपान साइनस विकार होने का एक मुख्य कारण है।

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