Home / MEDICAL TEST / एक्स-रे X-Ray in Hindi

एक्स-रे X-Ray in Hindi

एक्स-रे क्या है / X-Ray Introduction / What Are X-Rays?

X-Ray in Hindi / एक्स-रे एक तरह से (एक्स-किरण) विघुतीय चुम्बकीय विकिरण तरगदैघ्र्य / Electromagnetic Radiation है। जिसे इमेजिंग टेस्ट भी कहा जाता है। जोकि नैनीमीटर की सहायता से चलता है। सामान्य रूप से एक्स-रे करवाने से कोई हानि नहीं होती है। खांसी बलगम, हाथ-पैर टूटने, हड्डी फैक्चर होने, फेफड़ों में खराबी, हार्ट समस्या, रीढ़ हड्डी समस्या, आॅस्टियोपोरोसिस (हड्डी रोग), गठिया, दांतों की संड़न आदि में चिकित्सक / रेडियोलोजिस्ट एक्स-रे करवाने की राय देते हैं। एक्स-रे भी अन्य टेस्टों की तरह रोगों समस्याओं का पता लगाने का कारगर माध्यम है।

X-Ray in Hindi, x ray introduction

X-Ray (Radiography) का आविष्कार जर्मनी भौतकी प्रोफेसर विल्हेम रोन्टजेन ने किया था। प्रोफेसर विल्हेम अंधेरे में लेब Fallopian Tube Test कर रहे थे, और ट्यूब को ब्लैक फोटोग्राफिक पेपर पर उतार रहे थे, पास में ही बेरियम प्लैटिनोसाइनायड की प्लेट रखी थी, उस प्लेट पर फ्लोरोसेन्ट लेप चढ़ा था। अचानक प्रोफेसर विल्हेम की नजर चमकते प्लेट पर पड़ी। वे जैसे प्लेट से दूर हटे तो सफेद प्रकाश किरण कम हो जाती, और नजदीक आते तो सफेद प्रकाश किरणें तेज हो जाती। विल्हेम ने ‘आई’ शब्द यानि यहां उपस्थिति और ‘एक्स‘ का मतलब अज्ञात से दी। जिसे उन्होंने X-Ray नाम दिया। प्रोफेसर विल्हेम को उनकी उपलब्धियों के कारण सन् 1901 में फिजिंक्स का प्रथम नोबल पुरस्कार दिया गया था। एक्स-रे का सर्वप्रथम इस्तेमाल 18 जनवरी सन् 1895 को एच.एल. स्मिथ ने किया था। एक्स-रे विकिरण को राॅण्टटजन विकिरण से भी जाना जाता है। 1904 से X Ray Machine सार्वजनिक तौर पर इस्तेमाल की जाने लगी।

एक्स-रे कैसे होता है / X Ray in Hindi

एक्स-रे करवाते समय व्यक्ति को लिटाकर या खड़ाकर दोनों तरह से एक्स-रे किये जा सकते हैं।
X Ray लेते समय रेडियोलोजिस्ट सांस रोकने की सलाह देते हैं। ताकि इमेज क्वालिटी अच्छी आ सके। एक्स-रे मशीन के पटल पर खास (बेरियम प्लैटिनोसाइनाइड) प्लेट लगी होती है, जोकि छाती या शरीर अंग की पिक्चर प्रकाश विकरण द्धारा लेती है। गम्भीर स्थिति में व्यक्ति के Portable X Ray किये जाते हैं। एक्स-रे करवाने में लगभग 10-15 मिनट तक वक्त लग सकता है। एक्स-रे लेने से पहले शरीर से गहने आदि धातु चीजें निकाल दी जाती हैं। लगभग सभी एक्स-रे खाने-पीने के बाद लिये जा सकते हैं, परन्तु कुछ खास लक्षणों जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, ट्रैक्ट, लंग्स, हार्ट समस्याओं में चिकित्सक बिना कुछ खाये पीये एक्स-रे करवाने की सलाह दे सकते हैं।

अकसर एक्स-रे प्रक्रिया के दौरान एक्स किरणें शरीर पर पड़ने से अन्दुरूनी अंग हड्डियां किरणों को रोक लेती हैं। जिससे एक्स-रे चित्र बनते हैं। एक्स-रे का प्रयोग फेक्चर हड्डियों, बीमारियों पता लगाने से लेकर शरीर में छुपाये गये हथियारों एवं धातुओं का पता आसानी से लगाया जा सकता है। एक्स-रे को राॅटजन विकिरण से भी जाना जाता है। Medical X Ray की अहम भूमिका रही है।

एक्स-रे रेडिएशन के साइडइफेक्टस / X-Ray Side Effects

एक्स-रे रेडिएशन के साधारण साईट इफेक्टस हो सकते हैं, जैसे कि एक्स-रे से पहले कन्ट्रास्ट डाई लेने से, घबराहट, खुजली, चक्कर, गले में खराश, ब्लड प्रेशर, बैचैनी हो सकती है। और गर्भवती महिलाओं के लिए एक्स-रे करवाना हानिकारक हो सकता है। थाॅमस एडीसन के लैब में कार्य करने वाले क्लिेन्स डेली नामक व्यक्ति मृत्य एक्स-रे रेडिएशन रेज की वजह कैंसर से हुई थी। बार-बार एक्स-रे करवाना हानिकारक हो सकता है। बदलते दौर पर x ray app भी का चलन बढ़ने लगा है। और 75 वर्ष आयु उपरांत एक्स-रे करवाने से कैंसर की शिकायत हो सकती है।

ईसीजी क्या है ?…more
महिलाओं के लिए जरूरी मेडिकल टेस्ट…more
डायबिटीज में शुगर लेवल की जांच…more

 hsg tube test, x ray wavelength, types of x rays, tube blockage test, normal chest x ray, lung x ray, chest x ray, x ray test, x ray hindi, electromagnetic radiation in hindi, What is the most common X ray?, hindi x-ray, fallopian tube test, medical uses of x rays

About About Writer

हैलो फ्रैंड्स ❤ स्वास्थ्यज्ञान डाॅट काॅम का प्रयास पाठकों के लिए स्वास्थ्य, साइंटिफिक आर्युवेदा पद्धति, जीवन शैली, सौन्दर्य और दैनिक - दिनचर्य जैसे विषयों का विश्लेषण एवं समीक्षा कर ज्ञानवर्धक लेख लिखने में है। स्वास्थ्यज्ञान बेवसाइट मुख्य उदेश्य विभिन्न लेखों के माध्यम से पाठकों के ज्ञान में बढ़ोत्तरी और ज्ञान जागृत कराना मात्र है। ❤

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *