बांझपन का सरल इलाज Infertility Treatment in Hindi

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Infertility Causes and Treatment : आईवीएफ IBF / Vitro Fertilization (विट्रो फर्टिलाइजेशन) / परिवार में बच्चे की किलकारी सुनना सभी को पसंद है। यह सौभाग्य सभी दंपतियों के खुशी का पल होता है। कुछ दंपति निसंतान होने से हताश निराश हो जाते हैं। अकसर 4-5 साल से भी अधिक समय से लगातार शारीरिक सम्बन्ध बनाने पर युगल दंपति को Pregnancy से हताश होना Infertility समस्या कहलाती है। जिसे आम भाषा में बांझपन संज्ञा दी जाती है। जोकि गलत है। इनफर्टिलिटी मुख्यतय दो तरह से होती है। पहली जन्मजात जिसे ‘बन्ध्या‘ बांझपन से जाना जाता है। और दूसरी ‘मृतवत्सा वन्ध्या‘ से जाना जाता है, जिसमें पहला बच्चा होने पर दूसरा बच्चा नही होता। परन्तु आईवीएफ एवं कृत्रिम गर्भाधान उपचार के माध्यम से दोनो तरह के इनफर्टिलिटी का उपचार सम्भव है।

निसंतान से बचने का सक्षम आईवीएफ इनफर्टिलिटी विधि वरदान के रूप में है। जिससे निसंतान हताश निराश दंपतियों को आसानी से छुटकारा मिल जाता है। और घर में किलकारी गूंज उठती है। बच्चे नहीं होने पर महिला को केवल दोष देना गलत है। Infertility समस्या महिलाओं और पुरूषों दोनों में हो सकती है। बिना कारण के महिलाओं को दोषी मानना गलत है। ज्यादात्तर अन्दुरूनी महिला पुरूष दोनो में भी बराबर हो पाई गई है। जिसे आईवीएफ और इनफर्टिलिटी पद्धति द्धारा असानी से ठीक किया जाता है। आधुनिक सफल पद्धति से दंपतियों को निराश हताश होने की जरूरत नहीं है। दंपति एक्सपर्ट डाॅक्टर से बांझपन / Infertility Treatment सलाह उपचार करवायें। पुरानी, अंधविश्वार परम्परा से मुक्ति पाकर साइंस की सहायता से बांझपन अभिषाप से आसानी से मुक्ति पायें। 

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इनफर्टिलिटी के कारण / Infertility Reasons
Infertility Causes  बदलते समय में बिगड़ते दिनचर्या, गलत खानपान, गलत जीवन शैली के कारण Fertility / प्रजन्न क्षमता में दिन प्रतिदिन घट रही है। युवा वर्ग Infertility / का शिकार हो रहा है। प्रजन्न क्षमता घटने से संतान सुख जल्दी नहीं पाते।

पुरूषों में इनफर्टिलिटी / Male Infertility
पुरूषोें में इनफर्टिलिटी गड़बड़ का कारण मुख्यरूप से खान पान और दिनचर्या।
हार्मोंन्स असंतुलन / Hormonal Imbalance
शराब, बीयर, धूम्रपान, तम्बाकू नशीली मादक चीजें सेवन  / Alcohol and Infertility
तनाव ग्रस्त रहना / Tension
स्वप्न दोष, वीर्यपात, स्खलन उत्तेजना/ Wet Dreams
अंडकोष सूजन / Varlcocele / Varicocele
हस्त मैथुन / Hastamaithun
इत्यादि कारणों से शुक्राणुओं संख्या में इमबैलेंस होना है। जिससे अन्दर ही अन्दर infertility problem हो जाती है। और व्यक्ति अनजान रहता है। और दुष्परिणाम शादी के उपरान्त सामने आते हैं।

महिलाओं में इनफर्टिलिटी / Female Infertility 
श्वेत प्रदर ठीक न होना / White Discharge, Continue
मासिक धर्म में बार-बार बदलाव / Period Disorders
फैलोपियन ट्यूब संक्रामण / Fallopian Tube Infection
मिसकरेज / Miscarriage
मेनोपोज / Menopause
गर्भनिरोधक गोलियां सेवन / Unwanted, Pills Side Effects
इन्दोमेत्रीओसिस विकार / Endometriosis
गर्भाशय में हवा ठंड़ प्रवेश / Endometriosis Colon
अण्डाशय चोट के कारण अबाॅरशन / Endometriosis Abortion
पीआईडी गर्भपात / PID abortion

आईवीएफ पद्धति / Vitro Fertilization (IBF)

सफल आईवीएफ और इनफर्टिलिटी 
सर्वे आंकड़ों के मुताबिक हर साल लाखों निसंतान दंपति आईवीएफ विधि का लाभ देते हैं। आईवीएफ निसंतान दंपतियों के लिए बरदान साबित है। आईवीएफ इजेक्शन विधि से 80 प्रतिशत सम्भावनाएं बढ़ जाती है। आईवीएफ शरीरिक स्वस्थ जांच के बाद 4 बार तक सम्भव है। आईवीएफ विधि में महिला को  इंजेक्शन लगायें जाते हैं। जिससे छोटे छोटे कृत्रिम अण्डे़ बनते हैं। अण्डों को परखनली में पुरूष स्पर्म मिलाकर अम्ब्रयोज बनाया जाता है, जिसे स्त्री गर्भ में पहुंचाया जाता है। जिससे बच्चा असानी से ठहर जाता है। आईवीएफ इलाज में 10 से 20 दिन का समय लग जाता है।

कृत्रिम गर्भधारण / Artificial Insemination
आई.वी.एफ प्राकृतिक तरीके से संतान सुख सफल बनाया जाता है।  कृत्रिम पद्धति से गर्भधारण करवाया जाता है। जोकि सुरक्षित और सफल करगर है। यह पद्धति थोड़ा महंगी होती है। आई.वी.एफ विधि का फायदा महिलाऐं हर वर्ष तेजी से उठा रहे हैं।
आईवीएफ पद्धति से अंडाशय में निषेचित अंडे शुक्राणुओं को सक्रीय करवायें जाते हैं। पाटर्नर में जोकि सफल पद्धति है। Kritrim Garbhadhan / कृत्रिम गर्भधारण दो तरह से करवाया जाता है। पहला आइवीएफ और दूसरा अर्टिफीशियम इनसेमिनेशन Artificial Insemination Procedure पद्धति द्वारा दोनो पद्धतियां आयु पर निर्भर करती है।
Infertility समस्या से बचने और सुधार करने के लिए खान पान, दिनचर्या, लाईफ स्टाईल पर ध्यान दें। पौष्टिक संतुलित आहार डाईट में शामिल करें। नित्य योगा, व्यायाम, सैर करें। प्र्याप्त नींद सायें। नशीली मादक चीजों के सेवन से बचें। जीवन को पाॅजिटिव सोच के साथ जीयें। नेगेटिव होने से बचें। Infertility समस्या, रजोदोष होने पर एक्सपर्ट चिकित्सक से सलाह उपचार करवायें।

पुरूषों और महिलाओं में इनफर्टिलिटी समस्या पर फायदेमंद औषधि / Infertility Foods in Hindi, Infertility Cure Diet
स्र्पम / Sperms शुक्राणुओं संख्या दुरूस्त करने वाले खाद्यपदार्थ डाईट में शामिल करें। खास रिच एंटीआॅक्सीडेंट, फाॅलिक एसिड, गैसटेशन हाॅरमोन फूड, रेशे, ग्लूटाथियाॅन, फाइवर, क्रिप्टोसेनथिन, सेलेनियम, ओमेगा कम्पलैक्स, केरोटीन, कैल्शियम, विटामिनस और मिरलस गुणों वाले खाद्यपदार्थ औषधि रूप में मौजूद फायदेमंद हैं। रोज डाईट में ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद, मसाले, अनाज, दुग्ध खाद्यपदार्थ, हर्बलस शामिल करना फयदेमंद है। परन्तु कुछ खास चीजें इनफर्टिलिटी समस्या दुरूस्त करने में खास सहायक है।

शतावरी और दूध
शतावरी के फूल, मंजरिया, बीज दूध के साथ सेवन करने से इनफर्टिलिटी समस्या में तेजी से सुधार करने में खास सहायक है। शतावरी इनफर्टिलिटी के साथ-साथ सैकड़ों तरह के विकार दूर करने में सक्षम है।

मैनफल, केशर और दूध मिश्रण सेवन
चुटकी भर केशर, आधा चम्मच मेनफल बीज पाउडर को 1 गिलास दूध में मिलाकर नित्य सुबह शाम सेवन करना फायदेमंद है। इनफर्टिलिटी समस्या में तेजी से सुधार करने का पेय है।

दालचीनी और शहद
दालचीनी खाने में मीठी स्वादिष्ट औषधीय गुणों से भरपूर है। पुरूष इनफर्टिलिटी समस्या को दूर करने के लिए रोज दालचीनी पाउडर शहद के सेवन करना फायदेमंद है। और दालचीनी पाउडर को दूध, चाय, खाने, किंचन में इस्तेमाल कर सकते हैं।

सेवती, तिल, हींग, काला नमक और लहसुन
स्त्री इनफर्टिलिटी समस्या में नित्य खाने में सेवती, तिल, हींग, कालानमक, लहसुन मिश्रण बनी चटनी सेवन करना फायदेमंद है। यह प्राचीन कालीन अजमायी औषधि है।

सौंफ, सुहागा और जीरा पेय
सौंफ, सुहागा और जीरा को तवे में भूनकर बारीक पीस लें। नित्य सुबह शाम गर्म पानी में 10-15 मिनट भिगोकर रखें। बाद में छानकर पीयें। यह मिश्रण औषधि इनफर्टिलिटी समस्या दूर करने में सहायक है।

राई, कायफल, हरड़ और बहेड़ा
स्त्री इनफर्टिलिटी समस्या में राई, कायफल, हरड़, बहेड़ा को कूटकर हल्की आंच में काढ़ा बनायें। नित्य सुबह शाम काढ़ा पीने से स्त्री इनफर्टिलिटी समस्या में जल्दी सुधार करने में सहायक है।

काजू, बादाम और दूध
काजू, बादाम को दूध के साथ रोज सेवन करने से इनफर्टिलिटी समस्या से धीरे-धीरे निजात मिलता है।

अखरोट, किशमिश और दूध
अखरोट, किशमिश को दूध मिश्रण सेवन इनफर्टिलिटी समस्या से छुटकारा दिलाने का अच्छा माध्यम है।

खजूर और दूध
खजूर दूध के साथ सेवन करने से इनफर्टिलिटी समस्या को ठीक करने में खास सहायक है।

अण्डा, मछली और लाल मीट (नाॅनवेज)
अण्डा, मछली, लाल मीट सेवन इनफर्टिलिटी समस्या रोकने में सहायक है। नाॅनवेज सुपर फूड विटामिनस और मिनरलस का रिच स्रोत है।

हरी पत्तेदार सब्जियां और दूध
हरी पत्तेदार सब्जियां दूध के साथ पका कर खाना फायदेमंद है। पत्तेदार सब्जियां में दुग्ध खाद्यपदार्थ शामिल करें।

ब्रोकली, मशरूम
ब्रोकलीए मशरूम सब्जी, ब्रोकली बाॅयल कर खाने से इनफर्टिलिटी समस्या में धीरे-धीरे सुधार होता है।

आम और सेब 
आम और सेव फल खाने से इनफर्टिलिटी विकार में धीरे-धीरे सुधार करने में सहायक है।

चुकंदर, गाजर और नींबू
चुकंदर नींबू सेवन इनफर्टिलिटी विकार में सुधार करने में सहायक है।

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