स्वामी विवेकानंद अनमोल विचार Swami Vivekananda Quotes Hindi

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(Swami Vivekananda Inspirational Quotes in Hindi) स्वामी विवेकानंद जी के अनमोल वचन ज्ञान प्रेरणा से परिपूर्ण मानव कल्याण और आत्मविश्वास जागृत करने के लिए निस्वाथ मार्गदर्शक स्रोत हैं। स्वामी विवेकानंद जी के विचारों की विश्वभर में ख्याति प्राप्ति है। जो एक बार स्वामी विवेकानंद जी का भाषण सुन लें, पढ़ लें, तो वह मंत्रमुग्ध हो जाता है। स्वामी जी के भाषण विचार संगत सुख समृद्ध कल्याण आत्मविश्वास के लिए खास माने जाते हैं। स्वामी विवेकानंद जी का शिकांगों में दिया गया भाषण भारतीय संस्कृति परम्परा विरासत की लोकप्रिय झलक थी। स्वामी विवेकानंद जी के विचार व्यक्ति को सही-गलत, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास, सत्य और दृढ़ संकल्प, मार्गदशन से अवगत कराते हैं।

आईये जाने महापुरूष स्वामी विवेकानंद जी के रोचक अनमोल विचार। जोकि आपकी जिन्दगी बदल कर रख देगेंः

 उठो जागो, तब तक नहीं रूकों जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो जाये।
 – Swami Vivekananda

उठो मेरे शेरों,
निर्बल होने का भ्रम मिटा दो,
तुम अमर आत्मा हो,
स्वच्छंद जीव हो,
धन्य हो,
सनातन हो,
तुम न तो तत्व हो,
और नही शरीर हो,
तत्व आपका सेवक है,
आप तत्व के सेवन नहीं हैं।
 – Swami Vivekananda

भय ही पतन और पाप का प्रमुख कारण है।
– Swami Vivekananda

एक अच्छे चरित्र का निर्माण,
हजारों ठोकरें खाने के बाद होता है।
– Swami Vivekananda

भगवान भी उनकी ही सहायता करते हैं,
जो अपनी सहायता खुद करते हैं।
– Swami Vivekananda

 चिंतन करो, चिंता नहीं,
नए विचारों को जन्म दो।
– Swami Vivekananda

दिन में एक बार अपने आप से बात करो,
अन्यथा आप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति से बात नहीं कर पाओगे।
– Swami Vivekananda

वो लोग महान हैं, जिन लोगों का जीवन दूसरों की सेवा भलाई में लग गया।
– Swami Vivekananda

मनुष्य की सेवा करो, भगवान की सेवा खुद हो जायेगी।
– Swami Vivekananda

सभी को मरना है, सज्जन, दुर्जन, अमीर, गरीब सभी को एक दिन मरना है।
इसलिए जरूरी है कि निष्कपट होकर जीवन जियो।
– Swami Vivekananda

लोग आपका मजाक उड़ाये या तिरस्कार करें,
उसकी परवाह किये बिना अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए।
– Swami Vivekananda

दान सबसे बड़ा धर्म है,
और सर्वोत्तम ज्ञान ही सबसे बड़ा दान है।
– Swami Vivekananda

अपने आप को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।
– Swami Vivekananda

ब्रह्माण्ड की समस्त शक्तियां पहले से हमारी हैं,
वें हमीं हैं, जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेती हैं।
और फिर रोती हैं कि कितना अंधकार है।
– Swami Vivekananda

दिल और दिमाग के बीच में अपने दिल की सुनों।
– Swami Vivekananda

जिस व्यक्ति के पास जीवन में सीखने को कुछ नहीं है,
उस व्यक्ति का जीवन मृत समान है।
– Swami Vivekananda

जिस तरह विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न नदी धाराएं अपना जल समुद्र में मिला देती हैं,
उसी तरह मनुष्य द्वारा चयन मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा हो, भगवान तक ही जाता है।
– Swami Vivekananda

डर निर्बलता की पहचान है।
– Swami Vivekananda

लोग मुझ पर हंसते हैं, वो इसलिए कि मैं अलग सा हूं,
परन्तु मैं लोगों पर हंसता हूं, क्योंकि वो सब एक जैसे हैं।
– Swami Vivekananda

किसी की निन्दा नहीं करें,
अगर तुम मद्द के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो अवश्य बढ़ाएं,
यदि हाथ बढ़ा नहीं सकते तो, अपने हाथ जोड़िये, अपने भाई बंधुओं को आर्शीवाद दें,
और उन्हे सही राह पर जाने दीजिये।
– Swami Vivekananda

धन अगर अच्छाई के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाये तो,
धन ही बुराई की जड़ बन जाता है।
– Swami Vivekananda

डरो मत! अगर तुम डरते नहीं हो तो जीवन में बहुत खास काम कर सकते हो,
अगर आप डरते हैं, तो कुछ नहीं कर सकते। डर कुछ नहीं है, यह सबको बताओ।
– Swami Vivekananda

शुभ, उत्तम विचारों वाला व्यक्ति ही सम्पूर्ण स्वस्थ पाणी है।
– Swami Vivekananda

महात्मा वह कहलाता है, जो असहाय और गरीबों के लिए रोता है, बरना वह दुरात्मा है।
– Swami Vivekananda

कभी मत सोचें कि आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है,
यह सोचना सबसे बड़ा अधर्म है।
यदि कोई पाप है, तो वह यही है, कि आप निर्बल हैं,। तुम निर्बल नहीं हो।
– Swami Vivekananda

धन दूसरों की भलाई करने में मद्द करे,
तो ही धन का मूल्य है।
अन्यथा, धन सिर्फ बुराई का ढेर है।
और जितना जल्दी बुराई से छुटकारा मिले उतना अच्छा है।
– Swami Vivekananda

जब लोग आपको गाली दें, तो उनका धन्यवाद करो,
क्योंकि वो आपके अन्दर के झूठे दंभ को बाहर निकालकर आपकी मद्द कर रहे हैं।
– Swami Vivekananda

Motivational Thoughts by Swami Vivekananda in Hindi

आपका एक शब्द,
यह आदर्श है कि तुम परमात्मा के समान हो।
– Swami Vivekananda

सफलताओं का आंनद उठाने के लिए इंसान को कठिनाइंयों की आवश्यकता जरूरी है।
क्योंकि परिश्र्रम से सफलता पाने का आंनद कुछ और ही है।
– Swami Vivekananda

खुद को कमजोर समझना ही, सबसे बड़ा पाप है।
– Swami Vivekananda

परोपकार धर्म का दूसरा नाम है।
परपीड़ा सबसे बड़ा पाप है।
– Swami Vivekananda

अपने जीवन में एक लक्ष्य बनाओं,
लगातार प्रयास करते रहो, कि जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाये।
यही सफलता का मूल मत्र है।
– Swami Vivekananda

जिन्दगी का मार्ग बना बनाया नहीं मिलता, खुद बनाना पड़ता है,
जिसने जैसा मार्ग बनाया, उसे लक्ष्य – मंजिल वैसी ही मिलती है।
– Swami Vivekananda

मन की एकाग्रता ही आपके विशाल ज्ञान का भण्डार है।
– Swami Vivekananda

ज्ञान का प्रकाश सभी  अन्धकारों को मिटा देता है।
– Swami Vivekananda

एक विचार लो, उस विचार को अपनी जिंदगी बना लो,
उसी विचार के बारे में सोचो, उसी के सपने देखो और उसी को पूरा करो।
– Swami Vivekananda

भय और अधूरी इंच्छाएं ही सभी दुःखों का मुख्य कारण है।
– Swami Vivekananda

उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है,
जोकि व्यक्ति किसी सांसारिक वस्तु के लिए व्याकुल नहीं होता है।
– Swami Vivekananda

अपने में बहुत सी कमियों के बाद भी हम अपने से प्रेम करते हैं,
और दूसरों की छोटी सी कमी पर उनसे घृणा कैसे कर सकते।
– Swami Vivekananda

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच विचार से बनाया है।
इस लिए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आप क्या सोचते हैं।
शब्द विचारों का माध्यम है। शब्द दूर तक विचरण करते हैं।
– Swami Vivekananda

जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत भी उतनी शानदार होगी।
– Swami Vivekananda

यह जीवन अल्पकालीन है, संसार की विलासिता क्षणिक हैं,
सही मतलब में वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं।
– Swami Vivekananda

 संभव की सीमा जानने का केवल तरीका है,
असंभव से आगे निकल जाना।
– Swami Vivekananda

आप जब तक खुद पर विश्वास नहीं करोगे,
तब तक आप ईश्वर पर भी विश्वास नहीं कर सकते।
– Swami Vivekananda

जीवन में एक वक्त ऐसा आता है, जब व्यक्ति यह अनुभव करता है कि,
दूसरों की सेवा लाखों तप के बराबर है।
– Swami Vivekananda

सच्चाई को अलग-अलग हजारों तरीकों से बयान किया जा सकता है,
फिर भी हर एक सत्य ही होगा।
– Swami Vivekananda

शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु समान, विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु समान,
प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु समान है।
– Swami Vivekananda

आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता यह तीनों बन्धन की त्रिमूर्तियां हैं।
– Swami Vivekananda

संसार एक बड़ी व्यायामशाला की तरह है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
– Swami Vivekananda

कोई और आपकी मद्द नहीं कर सकता, अपनी मद्द खुद करों,
आप खुद के सबसे अच्छे मित्र और शत्रु रूप भी हैं।
– Swami Vivekananda

वह व्यक्ति अमर समझो, जो किसी भी बात से बिचलित नहीं होता।
– Swami Vivekananda

लगातार पवित्र उत्तम विचार करते रहें,
बुरे संस्कारों को दबाने और मुक्ति पाने का एकमात्र सही समाधान है।
– Swami Vivekananda

अगर एक दिन भी ऐसा बीता जिसमें आपको कुछ भी परेशानी नहीं आई,
तो समझ लीजिए आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
– Swami Vivekananda

जीवन का रहस्य भोग, विलास, आनन्द में नहीं है,
बल्कि अनुभव के माध्यम से शिक्षा प्राप्ति करने में है।
– Swami Vivekananda

सुख और दुःख जीवन के दो पहलु हैं, सुख जब मनुष्य के पास आता है,
तो दुःख का मुकुट पहन कर आता है।
– Swami Vivekananda

एक समय पर एक ही काम करो,
पूरे लग्न आत्मविश्वास से काम करो,
बाकी सब त्याग दो।
– Swami Vivekananda

दुनिया में सही अलग भेद भाव स्तर के हैं, ना कि प्रकार कें,
क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य है।
– Swami Vivekananda

मस्तिष्क की शक्तियां सूरज की किरणों के समान हैं,
जब वें केन्द्रित होती हैं, तो चमक उठती हैं।
– Swami Vivekananda

कामनाएं, इच्छाएं समुद्र की तरह अतृप्त हैं,
पूर्ति का प्रयास करने पर उनका कोलाहल और बढ़ता है।
– Swami Vivekananda

हम जितना ज्यादा दूसरों का भला करेगें,
हमारा हृदय उतनी ही शुद्ध होगा,
और हमारे हृदय में परमात्मा बसेगा।
– Swami Vivekananda

धन्य हैं वो लोग, जिन्होंने अपना जीवन दूसरों की सेव में बिता दिया।
– Swami Vivekananda

दर्द और खुशी दोनों की अच्छे टीचर हैं। जोकि जीवन में बहुत कुछ सिखाते हैं।
– Swami Vivekananda

दुनियां में अधिकत्तर लोग इसलिए असफल हो जाते हैं,
क्योंकि वे साहस और धैर्य का संचार नहीं कर पाते,
और वे भयभीत होकर मार्ग से भटक जाते हैं।
– Swami Vivekananda

हमारा बाहरी स्वभाव, अंदुरूनी स्वभाव का बढ़ा रूप है।
– Swami Vivekananda

शारीरिक बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप में से जो आपको नाजुक बनाता है,
उसे जहर की तरह त्याग कर दो।
– Swami Vivekananda

जो आप सोचते हो, वो हो जाओगे, अगर आप खुद को कमजोर सोचते हो तो, आप कमजोर हो जाओगे,
अगर आप खुद को ताकतवर सोचते हो तो, आप ताकतवर हो जाओगे, अपने आप को कमजोर मत समझो।
– Swami Vivekananda

आज्ञा देने की क्षमता प्राप्त करने से पहले,
हर व्यक्ति को आज्ञा पालन करना सीखना चाहिए।
– Swami Vivekananda

प्रयत्न, धैर्य और पवित्रता के द्धारा सारी बाधांऐं दूर हो जाती हैं।
इसमे कोई संदेह नहीं कि सारे महान कार्य धीरे-धीरे होते हैं।
– Swami Vivekananda

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Best Quotes & Slogans By Swami Vivekananda

“Where can we go to find God if we cannot see Him in our own hearts and in every living being.”
-Swami Vivekananda

“You cannot believe in God until you believe in yourself.”
-Swami Vivekananda

“Arise! Awake! and stop not until the goal is reached.”
– Swami Vivekananda

“Truth can be stated in a thousand different ways, yet each one can be true. “
-Swami Vivekananda

“Take up one idea. Make that one idea your life – think of it, dream of it, live on that idea. Let the brain, muscles, nerves, every part of your body, be full of that idea, and just leave every other idea alone. This is the way to success.”
– Swami Vivekananda

“That man has reached immortality who is disturbed by nothing material.”
-Swami Vivekananda

“We are what our thoughts have made us; so take care about what you think. Words are secondary. Thoughts live; they travel far.”
– Swami Vivekananda

“The world is the great gymnasium where we come to make ourselves strong.”
-Swami Vivekananda

“You have to grow from the inside out. None can teach you, none can make you spiritual. There is no other teacher but your own soul.”
-Swami Vivekananda

“God is to be worshipped as the one beloved, dearer than everything in this and next life.”
-Swami Vivekananda

“All the powers in the universe are already ours. It is we who have put our hands before our eyes and cry that it is dark.”
– Swami Vivekananda

“In one word, this ideal is that you are divine.”
-Swami Vivekananda

“The moment I have realized God sitting in the temple of every human body, the moment I stand in reverence before every human being and see God in him – that moment I am free from bondage, everything that binds vanishes, and I am free.”
-Swami Vivekananda

“The whole secret of existence is to have no fear. Never fear what will become of you, depend on no one. Only the moment you reject all help are you freed.”
-Swami Vivekananda

“The more we come out and do good to others, the more our hearts will be purified, and God will be in them.” 
-Swami Vivekananda

“Condemn none, if you can stretch out a helping hand, do so. If you cannot, fold your hands, bless your brothers, and let them go their own way.”
-Swami Vivekananda

“External nature is only internal nature writ large.”
– Swami Vivekananda

“Our duty is to encourage every one in his struggle to live up to his own highest idea, and strive at the same time to make the ideal as near as possible to the Truth.”
-Swami Vivekananda

“If money help a man to do good to others, it is of some value; but if not, it is simply a mass of evil, and the sooner it is got rid of, the better.” 
-Swami Vivekananda

“Never think there is anything impossible for the soul. It is the greatest heresy to think so. If there is sin, this is the only sin; to say that you are weak, or others are weak.”
-Swami Vivekananda

“The will is not free – it is a phenomenon bound by cause and effect – but there is something behind the will which is free.”
-Swami Vivekananda

“All differences in this world are of degree, and not of kind, because oneness is the secret of everything.”
-Swami Vivekananda

“The Vedanta recognizes no sin it only recognizes error. And the greatest error, says the Vedanta is to say that you are weak, that you are a sinner, a miserable creature, and that you have no power and you cannot do this and that.”
-Swami Vivekananda

“When an idea exclusively occupies the mind, it is transformed into an actual physical or mental state.” 
-Swami Vivekananda

“If faith in ourselves had been more extensively taught and practiced, I am sure a very large portion of the evils and miseries that we have would have vanished.”
-Swami Vivekananda

“As different streams having different sources all mingle their waters in the sea, so different tendencies, various though they appear, crooked or straight, all lead to God.”
-Swami Vivekananda

“May He who is the Brahman of the Hindus, the Ahura-Mazda of the Zoroastrians, the Buddha of the Buddhists, the Jehovah of the Jews, the Father in Heaven of the Christians give strength to you to carry out your noble idea.”
-Swami Vivekananda

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