मिर्गी कारण, लक्षण और उपचार Epilepsy in Hindi

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मिर्गी (एपिलेप्सी) Epilepsy, Mirgi / दिमाग यानि मस्तिष्क तंत्र से जुड़ी बीमारी है। जिसमें मस्तिष्क विघुत तरंग विघटन होने पर मस्तिष्क कोशिकओं का शरीर अंगों से अचानक तालमेल बिगड़ जाता है। जिसे र्मिगी दौरा माना जाता है। मिर्गी स्थिति में व्यक्ति अचेत, मूर्छित, शरीर झटपटाना, मुंह से झाग आना, बेहोशी में चला जाता है। और मिर्गी दौरा पड़ने पर व्यक्ति की मांसपेशियों शरीर अकड़ ऐठ जाता है। बार-बार इस तरह के संकेत होने पर उसे मिर्गी दौरा कहा जाता है। मिर्गी दौरे की कोई समय सीमा नहीं होती। मिर्गी दौरा कभी भी रोगी को पड़ सकता है। अकसर मिर्गी दो तरह से होती है। पहला आंशिक रूप, आंशिक रूप दौरा कुछ समय तक रहता है। शुरूआती तौर पर सामान्य लक्षण मौजूद होते हैं। आंशिक र्मिगी दौरे को नजरअंजाद ना करें, समय पर इलाज करवायें। और दूसरा तीब्र व्यापक रूप जिसमें व्यक्ति अचेतना के साथ शरीर हाथ पांव मारना, शरीर अंग अंग पर रगड़, गिरने से सिर, हाथ, पैर चोट लगना, मुंह झाग आदि शामिल है। Mirgi का इलाज मुख्यतय मिरगी रोधी दवाईयों और मस्तिक आॅपरेशन द्धारा किया जाता है। र्मिगी रोग का वक्त पर सही इलाज ना होने से व्यक्ति पागल हो सकता है।
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मिर्गी के संकेत लक्षण / Epilepsy Symptoms in Hindi, Mirgi Rog Ke Lakshan

अचानक बेहोश हो जाना
मुंह से झाग आना
हाथ पावों से झटके मारना
शरीर जकड़ जाना
आंखें ऊपर चढ़ना
चक्कर खाकर गिरना
शरीर में झुनझुनाहट और भयभीत होना
नजर एक जगह पर टिकी रहना
शरीर का संतुलन बिगड़कर अचेत गिर जाना
मांसपेसियों का खिच जकड़ जाना
जीभ दांतों से काटना
मूत्र विसर्जन अनियत्रण होना
चेतना हो जाना

मिर्गी आने के कारण / Epilepsy Causes
तनाव में लगातार रहना
सिर में पुरानी चोट दर्द रहने से
रक्त से ग्लूकोज मात्रा कम होना
मस्तिष्क में आॅक्सीजन की कमी
मस्तिष्क न्यूराॅन्स असंतुलन
पूरी नींद नहीं लेना
महिलाओं में मासिक धर्म समय कमजोरी
दवाईयों के दुष्परिणाम से
एस्फीक्सिया बीमारी से
ब्रेन ट्यूमर से
शरीर में विषाक्त पदार्थों को ज्यादा बनना
जेनेटिक स्क्रीनिंग
खांसी जुकाम बुखार देर तक रहना

मिर्गी जांच / Epilepsy Check up
गिर्गी संकेत होने पर जांच E.E.G. Electroencephalogram तकनीक द्वारा
Brain C.T. Scan द्वारा
C.T. Scan, Brain Pain Test द्वारा


मिर्गी दौरा पीड़िता पर ध्यान देने वाली जरूरी बातें / Epilepsy Awareness Tips

  • 1. मिर्गी पीड़िता को कभी अकेला ना छोड़ें। हमेशा आसपास नजदीकी बना कर रखें।
  • 2. मिर्गी दौरा पड़े व्यक्ति को जमीन पर ना लिटायें।
  • 3. मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को पानी, गीली जगह, लाल रंग से दूर रखें।
  • 4. मिर्गी ग्रसित व्यक्ति को दौरा पड़ने पर चोट लगने से बचायें।
  • 5. मिर्गी के दौरान व्यक्ति की जीभ दांतों में मध्य आने से बचायें।
  • 6. दांतों जकड़ने से बचायें, अकसर दांतों के बीच होंठ, जीभ जकड़ जाती है।
  • 7. मिर्गी दौरा पड़ने पर पीडिता को होश में लाने के लिए चेहरे पर ठंड़े पानी के छींटे मारे।
  • 8. बेहाशी अचेत अवस्था में पीड़ित को तुलसी पत्तें, लहसुन मसलकर सुंघायें तुलसी और लहसुन बेहोशी तोड़ने में सहायक है।
  • 9. मिर्गी दौरा पड़ने पर पीड़िता को पेट के बल पर लिटायें, जिससे झाग, लार नांक में जाने से बचायें। और गर्दन ऊपर की ओर रखें।
  • 10. दौरा पीड़िता के गले, मुंह पर तंग, टाईट कपड़े से बचायें।
  • 11. मिर्गी दौरा पड़ने पर व्यक्ति के आस पास भीड़ ना करें। ताजी हवा खुला वातावरण बनायें।
  • 12. मिर्गी पीड़िता को जूता अन्य तेज गंध ना सुघांयें।
  • 13. व्यक्ति को प्राथमिक इलाज के लिए तुरन्त हस्पताल ले जायें।
मिर्गी पीड़िता के लिए सुझाव / Epilepsy Patients, Counsel

  • 1. मिर्गी पीड़ित व्यक्ति को नियमित जांच करवाना चाहिए।
  • 2. पानी, लाल रंग, आग से हमेशा दूरी बना कर रखें।
  • 3. ऊचाई में अकेला जाने से बचें।
  • 4. रोज 7-8 घण्टे पूरी नींद सोयें।
  • 5. योगा, मेडिटेशन, व्यायाम, सैर नित्य सुबह शाम करें।
  • 6. नशीली मादक चीजों शराब, धूम्रपान, तम्बाकू, गुटका आदि नशा सेवन से बचें।
  • 7. अण्डा, मछली, मीठ नाॅनवेज खाने से बचें।
  • 8. नियमित र्मिगीरोधक दवाईयां सेवन करें।
  • 9. समय समय पर चिकित्सक जांच करवायें।
  • 10. मन विचलन, घबराहट, डरावनी विडियों, चित्र, आदि चीजें देखने से बचें।

र्मिगी दौरे का घरेलू उपचार एवं सावधानियां Epilepsy Patients Diet, and Advice

अंगूर सेवन / Grapes
अंगूर सेवन र्मिगी के लिए फायदेमंद है। रोज अंगूर जूस या फिर अंगूर खायें।

बकरी दूध / Goat Milk
रोज बकरी का दूध सेवन करें। बकरी दूध सेवन र्मिगी रोकने में सहायक है


नहाना, साफ सफाई / Bathing, Cleanliness

र्मिगी मरीज के लिए नित्य नहाना फायदेमंद है। शरीर साफ सफाई का खास ध्यान दें।


दुर्गंध, गंध / Odor, Smell

बदबू, दुर्गंध, गैस इत्यादि गंध से दूरी बना कर रखें।

तुलसी और नींम पत्ते / Tulsi, Neem
नित्य सुबह उठकर तुलसी पत्तियां और नींम पत्तियों चबाकर खायें। तुलसी नींम पत्तियां र्मिगी दौरे रोकने में सहायक हैं।

मुलहठी / Mulethi
र्मिगी रोग दूर करने में नित्य मुलहठी सेवन सहायक है।

सतवारी/सतवारी चूर्ण और दूध / Shatavari Churna, Milk
नित्य दूध के साथ आधा चम्मच सतवारी चूर्ण सेवन करना फायदेमंद है।

तिल और लहसुन / Kala Til, Garlic
र्मिगी दौरा होने पर रोज काले तिल के साथ लहसुन चबाकर खाना फायदेमंद है। देशी घी में लहसुन भून लगातार खाने से र्मिगी दौरे पड़ने से रोकने में सहायक है।

र्गिगुन्डी पत्तियां / Girgundi Leaf
र्गिगुन्डी या निर्गुण्डी पौधे की पत्तियों को रगड़कर रोज सूघंने से र्मिगी दौरे पड़ने से रोकने में सहायक है। निर्गुण्डी पत्तों में खास रसायन होता है जोकि मस्तिक कोशिकाओं के लिए फायदेमंद है।

प्याज रस / Onion Juice
र्मिगी मरीज के लिए रोज सुबह उठकर प्याज रस पीना फायदेमंद है। प्याज रस सेवन र्मिगी दौरे पड़ने से रोकने में सहायक है।


नींबू और हींग / Lemon, Asafoetida

र्मिगी रोगी के लिए बिजौरा नींबू (बड़े नींबू) रस में हींग मिलाकर कर सेवन करना फायदेमंद है। नित्य नींबू रस और हींग सेवन र्मिगी दौरे पड़ना बंद करने में सहायक है।

पेठा खाना / Petha
र्मिगी बीमारी होने पर नित्य पेठा खायें। पेठा सब्जी, पेठा जूस सेवन फायदेमंद है।


ब्राहमी रस और शहद / Brahmi leaf, Honey

नित्य ब्राहमी पत्तों का रस और शहद 1-1 चम्मच घोलकर सुबह शाम सेवन र्मिगी दौरे रोकने में सहायक है।


शांत एकाग्रता / Keep Calm

टेंशन, फिक्र, तनाव होने से बचें। मस्तिष्क पर ज्यादा जोर देने से र्मिगी दौरा जल्दी पड़ता है।


योगा मेडिटेशन / Yoga Meditation

र्मिगी रोग दूर करने के लिए नित्य योगा, मेडिटेशर, व्यायाम करना लाभदायक है।


नाॅन वेज से परहेज / Avoid non veg

अण्डा, मछली, मीट सेवन से बचें। नाॅनवेज सेवन से र्मिगी दौरा बार बार आने की सम्भावनाऐं ज्यादा रहती है।

संतुलित पौष्टिक आहार / Nutritious Balanced Diet
नियमित रूप से संतुलित पौष्टिक आहार डाईट में शामिल करें। फल, हरी सब्जियां, अनाज, दुग्ध खाद्वपदार्थ, सलाद नित्य खायें। संतुलित पौष्टिक आहार काफी हद तक र्मिगी दौरा रोकने में सक्षम है।


मासिक चेकअप / Routine Check Up

मिर्गी रोगी महीने में 1 बार एक्सपर्ट चिकित्सक से जांच सह जरूर करवायें। र्मिगी संकेतों को नकारे नहीं।
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