सर्दी मौसम में पसीना बहायें Winter Sweating Importance in Hindi

सर्दी मौसम में पसीना बहाना क्यों जरूरी है /WINTER SEASON, HEALTH BENEFITS OF SWEATING 

(Winter Health) सर्दी मौसम में पाचन क्रिया अधिक सक्रीय हो जाती है। अकसर व्यक्ति जो कुछ भी खाता पीता है, वह आसानी से पाचन जाती हैं। परन्तु सर्दी मौंसम में हेल्दी डाईट के साथ पसीना बहाने के लिए तेज-तेज चलकर सैर करना, व्यायाम, दौड़भाग, रस्सीकूद, खेलकूद, वर्कआउट करना अति आवश्यक है। शोध अनुसार अधिकत्तर बीमारियां शरीर में सर्दियों के मौसम में ही पनपना शुरू हो जाते हैं। जिनका आभास व्यक्ति को बाद में रागों के लक्षणों के रूप में होता है। सर्दी मौसम में Winter Sweat Out करना जरूरी है।

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सर्दी मौसम में रोग कैसे पनपने हैं / Winter Diseases

अकसर सर्दी मौसम में व्यक्ति आलस्य सा हो जाता है। खानपान दिनचर्या पर ध्यान ही नहीं दे पाता। जिससे शरीर में रक्त वहिकाएं अवरूद्ध शुरू होना, हाई ब्लप्रेशर, कोलेस्ट्राॅल बढ़ना, रक्त संचार में रूकावट, हार्मोंस बदलाव और दूषित पदार्थ, विषाक्त जमा होने लगते हैं। जिनके दुष्प्रभाव से यूरिक एसिड, हृदय घात, किड़नी स्टोन, फैटी लिवर, डायबिटीज, साइनस, ब्रेन स्ट्राॅक, गठिया, जोड़ों का दर्द, साइटिका, शरीर में झनझनाहट जैसे विभिन्न रोग शरीर में पनपने लगते हैं।



सर्दियों में पसीना बहाना से फायदे / Winter Sweat Out Benefits in Hindi / Sweating is Good for Health

गर्मियों की तरह Winter Season में भी पसीना बहायें। तेज-तेज सैर, दौड़भाग, रस्सीकूद, वर्कआउट, खेलकूद कर खूब पसीना बहायें। अकसर सर्दी मौसम में पसीना नहीं बहने और शरीर आलस्य होने से कई बीमारियां शरीर में पनपने लगती हैं। जोकि डायबिटीज, हृदय घात, ब्रेन स्ट्राॅक, फैटी लिवर, त्वचा रोग, यूरिक एसिड, साइटिका, झनझनाहट, गठिया, जोड़ों के दर्द, मोटापा, होर्मोंस बदलाव, तौंद बढ़ने, हाईब्लडप्रेशर, किड़नी स्टोन, कोलेस्ट्राॅल बढ़ने के रूप में होते हैं। पसीना बहाने से शरीर से sweat toxins / दूषित कण विषाक्त पसीने के माध्यम से त्वचा रोमछिद्रों से बाहर निकल आते हैं।

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