मधुमक्खी डंक लक्षण और उपचार Bee Sting Treatment In Hindi

मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट बी, सिलंगा आदि कीट के काटने या पूंछ डंक मारने पर क्या करें। और मधुमक्खी - कीट के आक्रमण से कैसे बचें।

Bee Sting and Bee Bites / मधुमक्खी, कीट अपना छत्ता पेड़ टहनी, घर के छत्ते, किसी खोखली जगह, ऊंची चट्टान, मिट्टी के अंदर बनाती हैं। पालतू मधुमक्खी छत्ते बाॅक्स के अन्दर या घरों की दीवारों के अन्दर सुरक्षित खास बनी जगह पर होते है। मधुमक्खी, ततैया, भौंहरे, ब्लैक जेकेट बी, सिंलंगा सभी तरह बी के छत्ते अलग - अलग तरह के होते हैं। 
अधिकत्तर लोग मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट बी, सिंलंगा के काटने को मधुमक्खी का काटना मान लेते हैं। परन्तु अलग-अलग तरह की मधुमक्खी, कीट- पतंग के काटने पर जहर और दुष्प्रभाव लक्षण भिन्न होते हैं।खास तौर पर चार तरह के मधुमक्खी कीट- पतंगें होती हैं। जिनके काटने पर पर जहर शरीर पर असर करता है। चारों तरह के बी - कीट में Apitoxin Poisoning, Apis Venenum Purum Poisoning, Apis Virus Poisoning, Apis Poisoning तरह का जहर पाया जाता है। Bee Poison की मात्रा किसी में कम और किसी में ज्यादा पाई जाती है।

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बी के काटने और डंक मारने में क्या अन्तर है / बी डंक (सेल) क्या होता है। और बी डंक कैसे मारती है मधुमक्खी डंक लक्षण और उपचार

अकसर मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा आदि कीट दो तरह से आक्रमण करती है। पहला मुंह से काटना और दूसरा पूंछ से डंक मारना। गम्भीर मामलों जैसे कि जीवन रक्षा हेतु, या असुरक्षित महसूस होने पर मधुमक्खी आदि बी कीट पूंछ से डंक त्वचा पर छोड़ती है। बी द्धारा मुंह से काटने के बजाय पूंछ से छोड़े गये (सेल) में अधिक जहर होता है। और घातक भी होता है। बी पाॅयजन हमेशा पूंछ में होता है। साधारण मामलों बी केवल काटती हैं। क्योंकि दोबारा से नुकीली डंक निर्माण में समय लगता है। जिसे बी आपातकाल में इस्तेमाल करती हैं।

बी कीट के प्रकार / Bee Types

मधुमक्खी, बी, कीट पतंग चार तरह के होते हैं।


मधुमक्खी / Honey Bee
मधुमक्खी दो तरह की होती है। पहली पालतू और दूसरी जंगली। पालतू मधुमक्खी बाॅक्स या घर के बनी दीवार के अन्दर बाॅक्स में, या पेड़ की खोखली जगह में अपने छोटे छोटे छत्ते बनाती है। और जंगली मधुमक्खी पेड़ टहनी, घर की छत आदि स्थान पर एक बड़े से आकार में छत्ता बनाती है। पालतू और जंगली मधुमक्खी का शहद काफी पौष्टिक होता है। जोकि सैकड़ों बीमारियों और विकारों को जड़ से मिटाने में सक्षम है। मधुमक्खी आकार में छोटी होती हैं। गहरे भूरे हल्के काले रंग में होती हैं। मधुमक्खी शहद कभी भी खराब नहीं होता है। हजारों साल तक एक जैसा सुरक्षित रहता है। शुद्ध मधुमक्खी शहद से विभिन्न तरह की सिरप, स्वास्थ्यवर्धक पेय, दवाईयां तैयार करने में इस्तेमाल किया जाता है। और शुद्ध मधुमक्खी शहद शरीर को हष्ट पुष्ट और निरोग सदाबहार स्वस्थ बनाये रखने का उत्तम पोषण है। आर्युवेद में Small Honey Bee को अमृत रूप भी माना जाता है।

ततैया, सिंलंगा, सिलोग / Wasps Bee
ततैया दिखने में मधुमक्खी की तरह होती हैं। यह काफी जहरीली होते हैं। यह झुंड़ बनाकर व्यक्ति पर अचानक हमला करती हैं। इनके एक साथ काटने पर व्यक्ति के समय पर उपचार नहीं होने पर मृत्यु भी हो जाती है। ततैया को बड़ी मधुमक्खी भी कह सकते हैं। ततैया, (वैप्स बी) के शरीर पर गहरे लाल और काले गोलाकार आकृति बनी होती हैं। आकार में मधुमक्खी से दोगुना बड़ी होती हैं। एक छत्ते में ततैया की संख्या लगभग 1000 तक होती हैं। ये काफी गुस्सले होते हैं। ततैया डंक काफी जहरीला होता है।

पीली ततैया, हल्दया / Yellow Jackets
पीली ततैया जिसे हल्दया, ब्लैक जेकेट से भी जाना जाता है। ब्लैक जेकेट बी रंग में पीले और गहरे पीले काले गोलाकार रंग के होते हैं। दोनों तरह की पीली ततैया अपना छाते की तरह नीचे से ऊपर की तरफ घर की दीवार, छोटे पेड़ की टहनी, खुले वातावरण में बनाती हैं। पीली ततैया 10 छत्ते में 50 की संख्या तक हो सकते हैं। ततैया शहद का निर्माण नहीं करती हैं। परन्तु यह व्यक्ति को असुरिक्षत महसूस होने पर ही काटती हैं। जैसेकि अचानक शरीर से टकराने पर, खिड़की, दरवाजे से अन्दर आने पर, अनजाने में छत्ते के आसपास जाने पर। पीली ततैया का डंक काफी पीड़ादायक होता है। पीली ततैया के काटने पर तुरन्त सूजन, तेज जलन दर्द होने लगता है।

भौंरे / Carpenter Bee
भौंरे जिसे अंगार, अंगरा से भी जाना जाता है। भौंरे अपना घर फुटबाॅल के आकार में काफी बड़ा बना लेती हैं। भौंरों अपना घर घने जंगलों में पेड़ की मजबूत टहनी, जमीन के अन्दर खोखली सुरक्षित जगह या फिर एकांत ऊंचाई वाले पर्वत चट्टानों पर बनाती हैं। यह भी दो तरह की होती हैं। पहली प्रजाति गहरे लाल और काले गोलाकार रंग में, या पीले और काले रंग में होते हैं। और दूसरी प्रजाति काले रंग में होती हैं। यह दोनों प्रजातियां ही बहुत घातक होती हैं। इनका जहर आम मधुमक्खी 10 गुना ज्यादा होता है। दोनों तरह के कीट मक्खी असुरक्षित महसूस करने पर, एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रस्थान के दौरान, छत्ते को नुकसान पहुंचाने पर झुंड बनाकर अचानक हमला कर देती हैं। एक ही समय पर काटने के साथ - साथ जहरीले डंक भी मारती हैं। जिससे व्यक्ति एवं जीवन की मौंत भी हो सकती है।

मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिलंगा कीट के काटने पर लक्षण / Bee Bites / Bee Sting Symptoms
1. ग्रसित शरीर डंक जगह सूजन जाना।
2. तेज जलन होना।
3. दर्द होना।
4. शारीर पर चक्कटे - दाने उठना।
5. ग्रसित जगह सुन्न हो जाना।
6. हल्का बुखार आना।
7. रक्त संचार में रूकावट आना।
8. सांस रूकना।
9. समय पर उपचार नहीं होने पर डंक वाली जगह से पस बनना।
10. बी झुंड के अधिक काटने या डंक मारने पर बुखार आना।

उपरोक्त लक्षण अलग - अलग तरह के बी के काटने और डंक मारने पर होते हैं।

मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा से कैसें बचें / Bee Bites / Bee Sting Safety Tips

अकसर मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, सिंलंगा मक्खी कीट के काटने और डंक मारने के दुष्प्रभाव भिन्न होते हैं। भौंरें, ततैया, सिंलंगा, सिंलोंग कीट अधिकत्तर झुंड बनाकर काटती हैं। ततैया, भौंरें, सिंलंगा मक्खी कीट से बचने के कुछ अजमाये उपाय इस तरह से हैं।

  • भौंरें, सिंलंगा अपने छत्ते पर नेवले, बड़ी काली मक्खी, व्यक्ति द्धारा छेड़-छाड करने पर या हवा तूफान से छत्ता छतिग्रस्त होने पर असुरक्षित महसूस होने पर झुंड बनाकर अचानक आक्रमण करती हैं। 
  • मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा के हमले में भागे नहीं, शांत होकर जमीन पर बैठ जायें। सिर मुंह को कपड़े आदि से ढकें। भागने पर मधुमक्खी, भौंरें, ततैया, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा कीट अधिक काटती हैं। 
  • मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा कीट डंक से बचने के लिए कम्बंल, प्लास्टिक चादर, दस्ताने पहने। 
  • धुआं मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा हर तरह के कीटों का काल होता है। धुंआं करने से धुआं मधुमक्खी, भौंरें, सिंलंगा, ततैया तुरन्त दूर भाग जाते हैं। धुंए से ही मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा अपना छत्ता छोड़ देती हैं। और धुंआं से ही छत्ते से विचलित हो जाती हैं। जब भी धुआं मधुमक्खी, भौंरें, सिंलंगा, ततैया झुण्ड बनाकर हमला करें तो तुरन्त सूखी पत्ती, बेकार कपड़े, कागज़ जलायें और उस में थोड़ी से हरी घास पत्तियों डालकर अधिक धुंआ करें। या बी स्प्रे करें।
धुंए से मधुमक्खी शहद कैसे निकाले : धुंआं कर शहद निकालना पुरानी कारगर तरीका है। कई लोग मधुमक्खी का शहद भी धुंआ के सहायता से निकालते हैं। मधुमक्खी बक्से, दीवार, या किसी खोखली जगह के अन्दर पलने वाली मधुमक्खी का शहद निकालने के लिए एक अन्य विपरीत दिशा से छेदकर उस पर कपड़ा जलाकर ठोंस देते दें। अन्दर धुंआ होने पर सारी मधुमक्खी मुख्य निकासी द्धारा पर इक्टठा हो जाती हैं। शहद वाला छत्ते निकालने पर लगभग 200 ग्राम तक गुड़ पर शहद लगाकर वहां रख देते हैं। जिससे मधुमक्खी दोबारा से खाली छत्ते पर पुन शहद का निर्माण करती हैं। और अन्य छोटे - छोटे शहद और अन्य नये छत्तों का निर्माण भी करती हैं। ध्यान रहे मधुमक्खी रानी मरे नहीं।

अकसर रानी के मरने और रानी भागने पर श्रमिक, नर सभी मधुमक्खियां भाग जाती हैं। अकसर मधुमक्खियां रानी के इशारे पर ही कार्य करती हैं। मधुमक्खी रानी आकार में अन्य से बड़ी और रंग में अलग से पहचानी जा सकती है। रानी का छत्ता निमार्ण या अन्य तरह का कार्य नहीं करती है। रानी केवल प्रज्जन कार्य करती है। छत्ते पूर्ण विकसित और श्रमिक बी द्धारा शहद् भरने पर रानी छत्ते छिद्रों में अण्डे छोड़ती रहती है।

मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा आदि कीट के काटने पर तुरन्त क्या करें / bee sting first aid / bee bites cure / home remedies for bee stings and bites


डंक (सेल) निकालना / Bee Sting, Bee Mandible Remove
मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा आदि कीट के काटने या डंक मारने पर तुरन्त त्वचा जगह पर से लगभग 2 से 3 मिमी लम्बाई तक की कीट द्धारा छोडी कई नुकीली सेल (Bee Mandible / Bee Sting) जांच करें और यदि है तो तुरन्त निकाले। जोकि मक्खी काटने या पूंछ डंक मारने के दौरान टूटकर कई बार त्वचा पर ही छोड़ देती है। डंक वाली जगह से सेल को कार्ड, प्लास्टिक या नुकेली धातु की सहायता से निकालें।

लोहा धातु रगड़ना / Rub any Iron Object if a Bee Stings
लोहे की घड़ी (लोह धातु) पर 1 या दो बूंद पानी लगाकर घिसकर डंक वाली जगह पर लगायें। लोहे रगड़ कर मक्खी डंक जहर को तुरन्त निष्क्रीय किया जा सकता है। Iron Rub करने से हर तरह के बी का जहर शीघ्र घट जाता है।

ठंड़ा पानी या बर्फ सिकाई / Cold Compression Therapy, Sikai
मक्खी कीट के काटने या डंक मारने पर ग्रसित जगह पर अधिक ठंड़े या बर्फ से 4-5 मिनट तक सिकाई करें। ठंड़े पानी और बर्फ से ग्रसित जगह पर सिकाई करने से जलन, दर्द, सूजन, खुजली होने की सम्भावनाए नहीं रहती है।

शहद लेप उपचार / Honey Bee Sting Treatment
मधुमक्खी अन्य कीट डंक वाली जगह पर शहद से रगड़ें फिर थोड़ी सी शहद लगाकर छोड़ दें। शहद एंटीबैक्टीरियल का भी स्रोत है। Bee Honey कीट मधुमक्खी डंक जहर को निष्क्रीय करने में सहायक है।

दही लेप उपचार / Curd
मधुमक्खी कीट के काटने और डंक वाली ग्रसित जगह से सूजन, दर्द कम करने में दही उत्तम माध्यम है। दही खायें और दहीं शरीर पर लगायें। दहीं मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट, सिंलंगा आदि तरह के कीटों का जहर नाशक है।

कैलामाइन लोशन / Climate Lotion for Bee Sting
मधुमक्खी कीट के डंक प्रभाव को निष्क्रीय करने में कैलामाइन लोशन लगाना फायदेमंद है। कैलामाइन लोशन से ग्रसित जगह पर हल्की मालिश करें। फिर 25-30 मिनट तक लगाकर छोड़ दें। बाद में सादे पाने से धो लें। मधुमक्खी कीट का अधिक जहर होने पर कैलामाइन लोशन दिन में 3-4 बार लगायें।

चूना (पान वाला) / Lime Powder (Chuna)
मधुमक्खी कीट डंक सूजन, दर्द, खुजली निष्क्रीय करने के लिए चूना लगायें। चूना पेस्ट मधुमक्खी कीट के डंक दुष्प्रभाव को मिटाने में सहायक है।

गेंदां फूल / Marigold Remedies for Bee Sting
मधुमक्खी कीट के डंक दुष्प्रभाव को मिटाने में गेंदा के फूल रस लगाना फायदेमंद है। गेंदा फूल में एन्टीफंगल गुण मौजूद हैं। बी सूजन, दर्द, जलन और कीट जहर संक्रमण को कम करता है।

बेकिंग सोड़ा / Baking Soda for Bee Sting
मधुमक्खी कीट के डंक मारने और काटने पर बेकिंग सोड़ा को सादे पानी में मिलाकर लेप करें। बेकिंग सोड़ा मधुमक्खी कीट डंक दुष्प्रभाव निष्क्रीय करने का अच्छा माध्यम है।

टूथपेस्ट / Toothpaste for Bee Sting
मधुमक्खी कीट के डंक के असर को कम करने में टूथपेस्ट लेप करना फायदेमंद है। टूथपेस्ट मधुमक्खी कीट के डंक पर हर 4 घण्टे के अंतराल में लगायें। और धोयें।

एस्पिरिन टेबलेटस / Aspirin Tablet
सरदर्द, बुखार, तीब्र पेन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एस्पिरिन टेबलेटस, डिस्परिन को बारीक पीस कर पेस्ट बनाकर मधुमक्खी डंक पर लगायें। डिस्परिन, एस्पिरिन टेबलेटस पेस्ट मधुमक्खी कीट डंक जहर को निष्क्रीय करने में सहायक है।

लैंवेडर तेल / Livebinder Oil for Bee Sting
मधुमक्खी कीट के काटने और डंक मारने पर सूजन, दर्द, जलन को तुरन्त निष्क्रीय करने के लिए लैंवेडर तेल से मालिश करें। लैंवेडर तेल कीट मधुमक्खी डंक जहर को मिटाने के लिए अच्छा माना जाता है।

सेब सिरका / Apple Vinegar for Bee Sting
एप्पल विनेगर मधुमक्खी डंक विष मिटाने में सक्षम है। एप्पल विनेगर को रूई में भिगों कर डंक वाली जगह पर लगायें।

कालेंड्यूला क्रीम / Calendula Cream
कालेंड्यूला क्रीम एन्टीसेप्टिक क्रीम है। यह घावों को ठीक करने के साथ-साथ मधुमक्खी कीट के जहर दुष्प्रभाव को नष्ट करने में सहायक है। यह मधुमक्खी आदि तरह के कीट के काटने - डंक मारने पर तुरन्त कार्य करती है।

एलोवेरा / Aloe Vera for Bee Stings
मधुमक्खी कीट के डंक जहर को निष्क्रीय करने के लिए एलोवेरा के पत्तें का रस लगायें। एलोवेरा मधुमक्खी कीट के डंक सूजन, दर्द, जलन को कम करने में सहायक है।

मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट बी, सिलंगा के बुरी तरह से काटने - डंक मारने पर तुरन्त नजदीकी अस्पताल चिकित्सीय उपचार हेतु ले जायें। बहु संख्या में मधुमक्खी, ततैया, भौंरें, ब्लैक जेकेट बी, सिलंगा आदि कीट द्धारा काटने पर व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। मधुमक्खी आदि तरह के कीट के काटने पर लापरवाह ना रहें।
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